गृह मंत्रालय
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज गोवा की राजधानी पणजी में मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के साथ राज्य से जुड़े मुद्दों पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
तीन नवीन न्याय संहिताओं को लागू करने और ICJS के प्रभावी कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप गोवा में दोषसिद्धि दर पहले के 22% से बढ़कर 53% हो गई है
कई मामलों में, अदालतें अब 6 से 8 महीने के भीतर आपराधिक मामलों का फैसला करने में सक्षम हैं
गृह मंत्री ने कानून-व्यवस्था और तटीय सुरक्षा बनाए रखने के लिए कई अहम कदम उठाने के लिए गोवा सरकार और राज्य पुलिस के प्रयासों की सराहना की
महत्वपूर्ण ट्रेंड्स और पैटर्न, विभिन्न प्रकार के अपराधों के लिंक, अपराधियों की अंतर-राज्यीय आवाजाही और तटीय सुरक्षा की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने की आवश्यकता
गृह मंत्रालय और राज्य सरकार द्वारा उठाए गए सभी कदमों से गोवा देश में कानून-व्यवस्था के मामले में शीर्ष राज्य बने
'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए छोटे राज्यों को प्रशासनिक मामलों, क्षमता निर्माण और विकास से जुड़े मुद्दों में पूरा सहयोग देने के प्रति मोदी सरकार कटिबद्ध
गोवा में देश का एक आदर्श राज्य बनने की पूरी क्षमता है
प्रविष्टि तिथि:
06 SEP 2026 6:30PM by PIB Delhi
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज गोवा की राजधानी पणजी में राज्य से संबंधित मुद्दों पर मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक और गृह मंत्रालय, गोवा सरकार, भारतीय तटरक्षक बल तथा अन्य संबंधित संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक के दौरान, गोवा के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक ने केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को राज्य में कानून-व्यवस्था से जुड़े अहम मामलों के बारे में जानकारी दी। एजेंडे में तीन नवीन न्याय संहिताओं को लागू करने, NDPS से जुड़े मामलों, तटीय सुरक्षा, भगोड़ों से जुड़े मामलों, आपदा प्रबंधन, पुलिस आधुनिकीकरण, दुश्मन की संपत्तियों के प्रशासन और अवैध प्रवासियों (खासकर अपराधों और नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों में शामिल लोगों) को वापस भेजने और अन्य अहम मुद्दों पर चर्चा शामिल थी।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने राज्य में कानून-व्यवस्था और तटीय सुरक्षा बनाए रखने के लिए गोवा सरकार और राज्य पुलिस द्वारा की गई कई अहम पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों ने गोवा को 'नशामुक्त' बनाने और साइबर अपराधों से सफलतापूर्वक निपटने में योगदान दिया है। श्री शाह ने राज्य सरकार और सभी संबंधित हितधारकों से सुरक्षा से जुड़ी नई चुनौतियों का व्यापक आकलन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अहम ट्रेंड्स और पैटर्न, विभिन्न प्रकार के अपराधों के आपसी संबंध, अपराधियों की अंतर-राज्यीय आवाजाही और तटीय सुरक्षा की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने की ज़रूरत है। श्री शाह ने कहा कि MHA और राज्य सरकार द्वारा उठाए गए सभी कदमों से यह सुनिश्चित होना चाहिए कि गोवा देश में कानून-व्यवस्था के मामले में शीर्ष राज्य बने।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य हासिल करने के लिए छोटे राज्यों को सभी प्रशासनिक मामलों, क्षमता निर्माण और विकास से जुड़े मुद्दों में पूरा सहयोग और पेशेवर मदद प्रदान करने के प्रति कटिबद्ध है।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि गोवा में देश का एक 'मॉडल राज्य' बनने की पूरी क्षमता है और सुरक्षा व विकास के सभी लक्ष्यों को हासिल करके यह खूबसूरत राज्य "भारत माता के माथे की बिंदिया" बनेगा।
गोवा सरकार के अधिकारियों ने केन्द्रीय गृह मंत्री को बताया कि राज्य में हिंसक अपराधों में कमी देखी जा रही है। हालांकि, साइबर अपराधों, नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों और विदेशियों से जुड़े उल्लंघनों के मामलों में राज्य में सख्त कार्रवाई की ज़रूरत है। गोवा के पुलिस महानिदेशक ने बैठक में तटीय सुरक्षा, साइबर अपराधों और नशीले पदार्थों के मामलों पर गोवा सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक ने यह भी बताया कि तीन नवीन न्याय संहिताओं को लागू करने और ICJS के प्रभावी कार्यान्वयन के बाद, राज्य में दोषसिद्धि दर 22% से बढ़कर 53% हो गई है। कई मामलों में, अदालतें अब आपराधिक मामलों का फैसला 6 से 8 महीने के भीतर करने में सक्षम हैं।
गोवा के मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार, गोवा को हर रूप से एक 'मॉडल राज्य' बनाने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में और केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करेगी।
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आरके / आरआर / पीआर / पीएस
(रिलीज़ आईडी: 2307195)
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