श्रम और रोजगार मंत्रालय
डॉ. मनसुख मांडविया 11-12 सितंबर 2026 को मुंबई में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक (बीओसीडब्ल्यू) सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे
सम्मेलन का आयोजन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सर्वोत्तम प्रथाओं और सफल उपायों को साझा करने की सुविधा प्रदान करने और निर्माण श्रमिकों के हित में प्रमुख पहलों की प्रगति की समीक्षा करने के लिए किया जा रहा है
प्रविष्टि तिथि:
09 SEP 2026 12:40PM by PIB Delhi
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में 11-12 सितंबर 2026 को मुंबई में राष्ट्रीय भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक (बीओसीडब्ल्यू) सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। इस सम्मेलन में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के श्रम मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी, बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्डों के अध्यक्ष और सचिव तथा केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
देश में निर्माण क्षेत्र रोजगार के सबसे बड़े स्रोतों में से एक है और लाखों श्रमिकों की आजीविका का आधार है। नए श्रम संहिता के लागू होने के साथ, यह सम्मेलन बीओसीडब्ल्यू ढांचे के विकास का जायजा लेने और कल्याण बोर्डों के कामकाज को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। विचार-विमर्श में वैधानिक जिम्मेदारियों, श्रमिक पंजीकरण, कल्याणकारी सेवाओं की उपलब्धता, कल्याण निधि की निगरानी और उपयोग, साथ ही अधिक समन्वय और प्रौद्योगिकी-आधारित सेवा वितरण के अवसरों पर चर्चा की जाएगी।
सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण घटक राज्य बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्डों द्वारा अपनाई गई नवोन्मेषी पद्धतियों और सफल कार्यक्रमों को साझा करना होगा। इन चर्चाओं का उद्देश्य आपसी ज्ञानवर्धन को सुगम बनाना और ऐसे दृष्टिकोणों की पहचान करना है जिन्हें निर्माण श्रमिकों के लिए कल्याणकारी उपायों की पहुंच और प्रभावशीलता को बेहतर बनाने के लिए अपनाया और दोहराया जा सके।
इस सम्मेलन में नवंबर 2025 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में शुरू की गई तीन प्रमुख पहलों - राज्य श्रम निगम कार्यालय (बीओसीडब्ल्यू) डिजिटल लेबर चौक, लेबर चौक-सह-सुविधा केंद्र और ऑनलाइन बीओसीडब्ल्यू उपकर संग्रह पोर्टल - पर हुई प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। इन पहलों का उद्देश्य रोजगार सुविधा को सुदृढ़ करना, अधिक सम्मानजनक और सुलभ श्रमिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करना और उपकर संग्रह एवं निगरानी में पारदर्शिता और दक्षता में सुधार करना है।
इस दो दिवसीय कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय श्रम गतिशीलता मार्गों, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों, श्रम सांख्यिकी और श्रम प्रणाली पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन का उद्देश्य केंद्र, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्डों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करना, कार्यान्वयन में कमियों की पहचान करना और निर्माण श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, कल्याण और रोजगार के अवसर अधिक प्रभावी और सुलभ तरीके से प्रदान करने के लिए प्राथमिकता वाले कार्यों को निर्धारित करना है।
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पीके/केसी/एके/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2308194)
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