पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
भारत के पोत मरम्मत उद्योग को मजबूत करने के लिए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड ने संयुक्त उद्यम बनाया
50:50 संयुक्त उद्यम कोचीन में इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (आईएसआरएफ) का संचालन एवं विस्तार करेगा, भारत के पोत मरम्मत पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगा तथा बढ़ती क्षेत्रीय और वैश्विक मांग को पूरा करेगा
प्रविष्टि तिथि:
11 SEP 2026 9:35PM by PIB Delhi
ड्राईडॉक्स वर्ल्ड, डीपी वर्ल्ड की एक कंपनी और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) ने आज कोचीन में इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (आईएसआरएफ) के संचालन और विस्तार के लिए एक संयुक्त उद्यम समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने की घोषणा की।
इस समझौते पर कैप्टन राडो एंटोलोविच, पीएचडी, सीईओ, ड्राईडॉक्स वर्ल्ड और श्री जोस वी. जे., अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से इतर श्री सर्बानंद सोनोवाल, केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्ल्यू) तथा महामहिम ओम्रान शराफ अलहाशिमी, संयुक्त अरब अमीरात के उन्नत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के सहायक विदेश मंत्री की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
यह समझौता इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 के दौरान ड्राईडॉक्स वर्ल्ड (डीडब्ल्यू) और सीएसएल द्वारा हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर आधारित है, जिसके तहत दोनों संगठनों ने पोत मरम्मत और संबद्ध समुद्री सेवाओं में सहयोग के अवसर तलाशने पर सहमति व्यक्त की थी। कंपनियों ने अब 50:50 संयुक्त उद्यम के माध्यम से इस सहयोग को औपचारिक रूप दिया है, जो भारत के पोत मरम्मत क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सार्वजनिक-निजी भागीदारी की स्थापना को दर्शाता है।
इस व्यवस्था के तहत संयुक्त उद्यम कोचीन में इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (आईएसआरएफ) का संचालन, समेकन और विस्तार करेगा, जिससे विभिन्न प्रकार के अधिक पोतों की सेवा करने तथा भारतीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त क्षमता का सृजन होगा।
इस साझेदारी से कोचीन की समुद्री सेवा केंद्र के रूप में स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है, साथ ही केरल में पोत मरम्मत, इंजीनियरिंग, फैब्रिकेशन और संबद्ध समुद्री सेवाओं के क्षेत्र में अवसर पैदा होंगे।
श्री सर्बानंद सोनोवाल, केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री, ने कहा, “कोचीन शिपयार्ड और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड के बीच साझेदारी भारत के पोत मरम्मत पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और भारत तथा संयुक्त अरब अमीरात के बीच स्थायी समुद्री संबंधों को दर्शाती है, जो सदियों से व्यापार, वाणिज्य और लोगों के बीच संबंधों के माध्यम से समृद्ध हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की साझा दृष्टि और संकल्प इस संबंध को रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में नई गति प्रदान कर रहे हैं। भारत की बढ़ती पोत निर्माण और पोत मरम्मत क्षमताओं को संयुक्त अरब अमीरात की वैश्विक समुद्री विशेषज्ञता के साथ जोड़कर यह संयुक्त उद्यम नई क्षमता, कौशल और आर्थिक अवसर पैदा करेगा तथा कोचीन को समुद्री सेवा केंद्र के रूप में मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में भारत विश्व के अग्रणी समुद्री राष्ट्रों में से एक बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है और यह साझेदारी मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 के तहत उस महत्वाकांक्षा को साकार करने की दिशा में एक और कदम है।”
महामहिम ओम्रान शराफ अलहाशिमी, उन्नत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के सहायक विदेश मंत्री, संयुक्त अरब अमीरात, ने कहा, “संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच आपसी विश्वास, आर्थिक सहयोग और विकास के नए मार्ग बनाने की साझा महत्वाकांक्षा पर आधारित दीर्घकालिक संबंध हैं। ड्राईडॉक्स वर्ल्ड और कोचीन शिपयार्ड के बीच संयुक्त उद्यम इस बात का एक मजबूत उदाहरण है कि यह साझेदारी किस प्रकार ठोस औद्योगिक परिणामों में परिवर्तित हो सकती है, जिसमें भारत की समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने के लिए पूरक विशेषज्ञता को एक साथ लाया गया है। भारत की बढ़ती समुद्री क्षमता को संयुक्त अरब अमीरात के वैश्विक अनुभव के साथ जोड़कर इस प्रकार के सहयोग अधिक कुशल पोत मरम्मत सेवाओं का समर्थन कर सकते हैं, समुद्री संपर्क को मजबूत कर सकते हैं और हमारे दोनों देशों के बीच व्यापार और वाणिज्य के निरंतर विकास में योगदान कर सकते हैं।”
श्री विजय कुमार, सचिव, बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय ने कहा, “यह संयुक्त उद्यम केवल कोच्चि तक सीमित नहीं रहेगा। यह एक ऐसा दोहराया जा सकने वाला मॉडल है, जिसका विस्तार भारत की विस्तृत तटरेखा पर किया जा सकता है और पोत मरम्मत एवं रूपांतरण के उत्कृष्टता केंद्र बनाए जा सकते हैं। भारत की रणनीतिक स्थिति और वैश्विक व्यापार मार्गों से निकटता का लाभ उठाकर संयुक्त उद्यम विदेशी निवेश आकर्षित करेगा, विदेशी मुद्रा अर्जित करेगा और हजारों कुशल रोजगार पैदा करेगा। यह मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 के अनुरूप भी होगा, जिससे भारत पोत निर्माण और पोत मरम्मत के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित होगा। इस संयुक्त उद्यम समझौते पर हस्ताक्षर केवल एक व्यावसायिक समझौते से अधिक हैं, यह हमारे संकल्प का वक्तव्य है। यह वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने, विश्वस्तरीय समुद्री सेवाएं प्रदान करने और ऐसी साझेदारियां बनाने के लिए भारत की तत्परता का संकेत है, जो हमारी अर्थव्यवस्था और रणनीतिक क्षमताओं को मजबूत करेंगी।”
कैप्टन राडो एंटोलोविच, पीएचडी, सीईओ, ड्राईडॉक्स वर्ल्ड, ने कहा, “कोचीन शिपयार्ड के साथ यह साझेदारी भारत के पोत मरम्मत उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और पिछले वर्ष हमारे समझौता ज्ञापन की मजबूत नींव पर आधारित है। कोचीन शिपयार्ड की स्थानीय विशेषज्ञता और कुशल कार्यबल को ड्राईडॉक्स वर्ल्ड की वैश्विक क्षमताओं और प्रौद्योगिकी के साथ जोड़कर हम विश्वस्तरीय पोत मरम्मत सेवाएं तैयार कर रहे हैं। हमारी महत्वाकांक्षा एक सुविधा तक सीमित नहीं है - हम पूरे भारत में पोत मरम्मत और फैब्रिकेशन क्षमताओं के विस्तार के अवसर देखते हैं।”
श्री जोस वी. जे., अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, ने कहा, “ड्राईडॉक्स वर्ल्ड दुबई के साथ यह संयुक्त उद्यम भारत को वैश्विक पोत मरम्मत केंद्र बनाने की यात्रा में एक निर्णायक क्षण है। सीएसएल के गहन घरेलू अनुभव को डीडब्ल्यू की विश्वस्तरीय विशेषज्ञता के साथ जोड़कर हम केवल कारोबार का विस्तार नहीं कर रहे हैं - बल्कि वैश्विक सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अपना रहे हैं, टर्नअराउंड समय में तेजी ला रहे हैं और गुणवत्ता तथा सुरक्षा के लिए नए मानक स्थापित कर रहे हैं। कोच्चि स्थित इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी में आधारित यह साझेदारी एक सशक्त मरम्मत क्लस्टर को गति देगी, अंतरराष्ट्रीय बेड़ों को आकर्षित करेगी, उच्च-कौशल रोजगार पैदा करेगी और मैरीटाइम इंडिया 2030 तथा अमृत काल 2047 के विजन को आगे बढ़ाएगी।”
यह साझेदारी सीएसएल की स्थापित पोत निर्माण और मरम्मत क्षमताओं, इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और कुशल कार्यबल को ड्राईडॉक्स वर्ल्ड के उच्च-स्तरीय पोत मरम्मत और रखरखाव, बड़े रूपांतरणों तथा ऑफशोर इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) के वैश्विक अनुभव के साथ जोड़ती है। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों के किनारे रणनीतिक रूप से स्थित इस सुविधा में अत्याधुनिक शिप लिफ्ट प्रणाली और आधुनिक डॉकिंग सुविधाएं हैं, जो विभिन्न प्रकार के पोतों की सेवा करने में सक्षम हैं।
ड्राईडॉक्स वर्ल्ड और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, दोनों की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि प्रारंभिक पूंजी दोनों पक्षों द्वारा इक्विटी योगदान के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।



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पीके/केसी/एके
(रिलीज़ आईडी: 2309356)
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