सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने सफाई कर्मियों की सुरक्षा, कल्याण और गरिमा सुनिश्चित करने के प्रयासों को मजबूत किया
87 हज़ार 37 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मियों को पीपीई किट उपलब्ध कराए गए, सफाई वाहनों की खरीद में सहायता के लिए 34 करोड़ 17 लाख रुपये की पूंजीगत सब्सिडी जारी
जून 2024 से कचरा बीनने वालों को भी योजना में शामिल किया गया; शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 3 लाख 78 हजार 547 कचरा बीनने वालों का प्रोफाइल तैयार
प्रविष्टि तिथि:
13 SEP 2026 12:14PM by PIB Delhi
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने सफाई कर्मियों के कल्याण और गरिमा को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें कर्मियों का प्रोफाइल तैयार करना, सुरक्षात्मक उपकरण उपलब्ध कराना, स्वास्थ्य बीमा कवरेज, वित्तीय सहायता और सुरक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करना शामिल है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत ने बताया कि कुल 90 हज़ार 9 सौ 42 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मियों का प्रोफाइल तैयार किया गया है, जिनमें से 89 हज़ार 2 सौ 48 का सत्यापन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 87 हज़ार 37 कर्मियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं, 76 हज़ार 247 कर्मियों को विभिन्न स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के दायरे में लाया गया है। इससे सुरक्षित कार्य परिस्थितियों और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।

श्री पंत ने बताया कि सफाई वाहनों तक पहुंच आसान बनाने के लिए 983 सफाई कर्मियों को 364 वाहनों की खरीद के लिए 34 करोड़ 17 लाख रुपये की अग्रिम पूंजीगत सब्सिडी जारी की गई है। उन्होंने कहा कि इस सहायता से मशीनीकृत सफाई कार्यों और कर्मियों के लिए आजीविका के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए बड़े नगर निगमों और जिलों में स्थापित आपातकालीन प्रतिक्रिया सफाई इकाइयों (ईआरएसयू) को 753 सुरक्षा उपकरण भेजे गए हैं।
उन्होंने कहा कि वित्तीय और कल्याणकारी सहायता के साथ-साथ सीवर और सेप्टिक टैंक की खतरनाक सफाई की रोकथाम के लिए देशभर में 1,562 कार्यशालाएं आयोजित की गई हैं।
सचिव ने बताया कि जून 2024 में योजना का दायरा बढ़ाकर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े कचरा बीनने वालों को भी इसमें शामिल किया गया। इससे इन कर्मियों को भी कल्याण और सुरक्षा संबंधी सहायता मिल रही है।
श्री पंत ने बताया कि कुल 3 लाख 78 हजार 547 कचरा बीनने वालों का प्रोफाइल तैयार किया गया है। इनमें से 2 लाख 52 हजार 163 का ई-केवाईसी के माध्यम से सत्यापन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि करीब 1 लाख 31 हजार 864 कचरा बीनने वालों को पीपीई किट उपलब्ध कराई गई हैं, जबकि 1 लाख 24 हजार 835 कचरा बीनने वालों का डेटा आयुष्मान कार्ड जारी करने के लिए संसाधित किया गया है।
श्री पंत ने विश्वास व्यक्त किया कि ये उपाय व्यावसायिक सुरक्षा को मजबूत करने, कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच बेहतर बनाने और सफाई तथा ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े कर्मियों की गरिमा बनाए रखने के मंत्रालय के प्रयासों को दर्शाते हैं।
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पीके/केसी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2309694)
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