गृह मंत्रालय
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह सोमवार,14 सितंबर को मुंबई में हिंदी दिवस 2026 एवं छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से गृह मंत्रालय का राजभाषा विभाग 2021 से हर वर्ष अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलनों का आयोजन कर रहा है
दो दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में केन्द्रीय गृह मंत्री वर्ष 2025–26 के ‘राजभाषा गौरव’ एवं ‘राजभाषा कीर्ति’ पुरस्कार प्रदान करेंगे
राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य एवं उल्लेखनीय योगदान करने वाले संस्थानों एवं व्यक्तियों को इन पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा
सम्मेलन का एक विशेष आकर्षण राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ पर केंद्रित विशेष विचार-सत्र होगा, जिसमें राष्ट्रीय गीत के ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक पक्षों पर बात होगी
कई महत्त्वपूर्ण पुस्तकों एवं प्रकाशनों का लोकार्पण भी किया जाएगा, जिनमें ‘वन्दे मातरम्’ पर केंद्रित राजभाषा विभाग की पत्रिका ‘राजभाषा भारती’ की विशेष स्मारिका शामिल
सम्मेलन में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों (नराकास) की भूमिका पर भी विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा
सम्मेलन स्थल पर एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न संस्थाओं, संगठनों, बैंकों और मंत्रालयों द्वारा कुल 32 स्टॉल लगाए जाएंगे
यह आयोजन महाराष्ट्र की समृद्ध भाषाई, सांस्कृतिक और साहित्यिक परंपरा के साथ हिंदी के जीवंत संबंधों को भी रेखांकित करेगा
छठा अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन हिंदी के साथ-साथ सभी भारतीय भाषाओं के बीच समन्वय, संवाद और साझेदारी को और सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान करेगा
प्रविष्टि तिथि:
13 SEP 2026 2:48PM by PIB Delhi
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह सोमवार,14 सितंबर को मुंबई में हिंदी दिवस 2026 एवं छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री तथा अनेक सांसदों सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य अतिथि, विद्वान, साहित्यकार, शिक्षाविद् तथा केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों एवं मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन महाराष्ट्र की समृद्ध भाषाई, सांस्कृतिक और साहित्यिक परंपरा के साथ हिंदी के जीवंत संबंधों को भी रेखांकित करेगा।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा और गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय का राजभाषा विभाग 2021 से हर वर्ष अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलनों का आयोजन कर रहा है। वाराणसी से प्रारंभ हुई यह यात्रा सूरत, पुणे, नई दिल्ली और गांधीनगर से होती हुई इस वर्ष महाराष्ट्र की धरती पर नवी मुंबई पहुँची है।
दो दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह वर्ष 2025–26 के ‘राजभाषा गौरव’ एवं ‘राजभाषा कीर्ति’ पुरस्कार प्रदान करेंगे। राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य एवं उल्लेखनीय योगदान करने वाले संस्थानों एवं व्यक्तियों को इन पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।
उद्घाटन सत्र एवं अन्य सत्रों में कई महत्त्वपूर्ण पुस्तकों एवं प्रकाशनों का लोकार्पण भी किया जाएगा। इनमें राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ पर केंद्रित राजभाषा विभाग की पत्रिका ‘राजभाषा भारती’ की विशेष स्मारिका, ‘भारतीय ज्ञानतंत्र : स्रोत और स्वरूप’, ‘शिव अनादि हैं, अनंत हैं’ तथा जेल के कैदियों द्वारा की गई रचनाओं का संकलन ‘अँधेरों से उजालों तक’ प्रमुख हैं। ये प्रकाशन भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा, साहित्य और रचनात्मक अभिव्यक्ति के विविध आयामों को सामने रखते हैं। कई अन्य संगठनों व संस्थाओं के पुस्तकों और पत्रिकाओं का भी लोकार्पण किया जाएगा।
इस वर्ष के सम्मेलन का एक विशेष आकर्षण राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ पर केंद्रित विशेष विचार-सत्र होगा। इस विशेष सत्र में प्रसिद्ध पार्श्वगायक श्री हरिहरन, वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक श्री नीलेश मिश्रा तथा ‘वन्दे मातरम्’ पर अध्ययन कर रहे श्री अखिलेश मिश्रा विचार-विमर्श में भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त, ‘वन्दे मातरम्’ के शोधकर्ता श्री मिलिंद प्रभाकर सबनीस एक अन्य सत्र में इस राष्ट्रीय गीत के ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक पक्षों पर प्रकाश डालेंगे। कार्यक्रम में श्री जॉयदीप चट्टोपाध्याय की भी विशेष उपस्थिति रहेगी। वे ‘वन्दे मातरम्’ के रचयिता श्री बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पाँचवीं पीढ़ी के वंशज हैं। उनकी उपस्थिति इस आयोजन को विशेष ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्त्व प्रदान करेगी। इन सत्रों के माध्यम से यह विचार किया जाएगा कि ‘वन्दे मातरम्’ ने भारतीय जनमानस में राष्ट्रीय चेतना को किस प्रकार स्वर दिया और स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक इसकी प्रासंगिकता किस रूप में बनी हुई है।
सम्मेलन में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों (नराकास) की भूमिका पर भी एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। नराकास राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाने वाली एक सुदृढ़ और सशक्त इकाई है। इस सत्र में नराकास के कार्य, उपलब्धियों और राजभाषा कार्यान्वयन में उसकी भूमिका पर चर्चा-परिचर्चा होगी तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाली नराकास को सम्मानित भी किया जाएगा।
15 सितंबर को आयोजन के दूसरे दिन एक विशेष सत्र में प्रसिद्ध गीतकार एवं लेखक श्री मनोज मुंतशिर उपस्थित रहेंगे। देशभक्ति और देशप्रेम की भावना से ओत-प्रोत गीतों के लिए विशेष रूप से लोकप्रिय श्री मुंतशिर इस अवसर पर अपने विचार साझा करेंगे। यह सत्र सम्मेलन की सांस्कृतिक और भावनात्मक गरिमा को और समृद्ध करेगा। इसके पश्चात महाराष्ट्र शासन द्वारा एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक एवं कलात्मक परंपरा की विविध छटाएँ देखने को मिलेंगी।
सम्मेलन स्थल पर एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही है, जिसमें विभिन्न संस्थाओं, संगठनों, बैंकों और मंत्रालयों द्वारा स्टॉल लगाए जाएंगे। महाराष्ट्र शासन के दो विशेष स्टॉल, राजभाषा विभाग तथा प्रकाशन विभाग के स्टॉल सहित कुल 32 स्टॉल प्रदर्शनी स्थल पर लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों के माध्यम से विभिन्न संस्थाओं के हिंदी एवं भारतीय भाषाओं से संबंधित कार्यों, प्रकाशनों, पहलों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
दो दिवसीय सम्मेलन में हिंदी के राजभाषा, जनभाषा और संपर्कभाषा के रूप में विकास, भारतीय भाषाओं के साथ उसका समन्वय, तकनीक और भाषा, अनुवाद, साहित्य तथा हिंदी के व्यापक प्रसार से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-मंथन किया जाएगा।
संविधान के अनुच्छेद 343 में संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी निर्धारित की गई है तथा अनुच्छेद 351 में हिंदी के प्रसार, विकास और समृद्धि का दायित्व संघ पर रखा गया है। राजभाषा विभाग इन संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन के लिए निरंतर कार्यरत है। इसी क्रम में आयोजित होने वाला यह छठा अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन हिंदी के साथ-साथ सभी भारतीय भाषाओं के बीच समन्वय, संवाद और साझेदारी को और सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान करेगा।
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RK/RR/PS/PR
(रिलीज़ आईडी: 2309714)
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