पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
भारत 15 से 18 सितंबर, 2026 के दौरान गांधीनगर में 'सर्कुलर इकोनॉमी: लोगों और समृद्धि के लिए बदलाव' थीम के साथ 'वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026' की मेजबानी करेगा
यह फोरम अलग-अलग सेक्टर के बीच साझेदारी के लिए एक वैश्विक प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य सर्कुलर फाइनेंस को बढ़ावा देना और सर्कुलरिटी के लिए नवाचार को प्रोत्साहन देना है
इसमें 65 से ज्यादा देशों के 2,000 से ज्यादा हितधारक हिस्सा लेंगे; साथ ही, इंटरनेशनल एक्सपो में 125 से ज्यादा एग्जिबिटर्स सर्कुलरिटी से जुड़े समाधान पेश करेंगे
प्रविष्टि तिथि:
13 SEP 2026 2:22PM by PIB Delhi
भारत 15 से 18 सितंबर, 2026 तक गांधीनगर (गुजरात) में वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (डब्ल्यूसीईएफ) 2026 की मेजबानी करेगा। दक्षिण एशिया में पहली बार हो रहे इस फोरम का उद्घाटन 15 तारीख को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल संयुक्त रूप से करेंगे। यह फोरम 'सर्कुलर इकोनॉमी: लोगों और समृद्धि के लिए बदलाव' (ट्रांजिशन फॉर पीपुल एंड प्रॉस्पेरिटी) थीम पर आयोजित किया जाएगा। उद्घाटन सत्र में शामिल होने वाले अन्य गणमान्य व्यक्तियों में गुजरात के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री अर्जुनभाई मोढवाडिया; भारत में फिनलैंड के राजदूत महामहिम श्री मिक्को किविकोसकी; नीदरलैंड के आर्थिक मामलों और जलवायु मंत्रालय की सुश्री मैरीके स्पाइकरबोअर के साथ-साथ भारत सरकार और गुजरात सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

सर्कुलैरिटी का उद्देश्य मौजूदा सामग्रियों और उत्पादों का दोबारा इस्तेमाल, उन्हें ठीक करके फिर से काम के लायक बनाना और रीसाइकिल करना है, ताकि उन्हें कीमती संसाधनों के तौर पर अर्थव्यवस्था में वापस लाया जा सके। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत पर्यावरण से जुड़े कामकाज के तरीकों में बड़े बदलाव की अगुवाई कर रहा है और एक आधुनिक सर्कुलर इकॉनमी की ओर बढ़ रहा है। इस कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त रूप से भारत के केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), फिनिश इनोवेशन फंड सिट्रा, फिनलैंड सरकार, भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफएंडसीसी), गुजरात सरकार और गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीपीसीबी) द्वारा किया जा रहा है।
डब्ल्यूसीईएफ 2026 का उद्देश्य सर्कुलैरिटी को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बेहतर बनाने के लिए भारत की पहलों को दिखाना है। इस कार्यक्रम में 65 से ज्यादा देशों के 2000 से ज्यादा अलग-अलग क्षेत्रों के हितधारक हिस्सा लेंगे, जिनमें बिजनेस लीडर, उद्यमी, इनोवेटर, शोधकर्ता, नीति निर्माता, शिक्षाविद, बदलाव लाने वाले और अन्य लोग शामिल होंगे। यह फोरम वैश्विक सहयोग और 'ग्लोबल साउथ' के साथ बेहतर जुड़ाव को मुमकिन बनाएगा; सर्कुलर फाइनेंस और निजी क्षेत्र के निवेश को जुटाने में मदद करेगा; पॉलिसी पर बातचीत और अलग-अलग सेक्टर के बीच भागीदारी को बढ़ावा देगा; साथ ही सर्कुलैरिटी के लिए नवाचार, डिजिटलीकरण और तकनीक को आगे बढ़ाएगा।
15-16 सितंबर 2026 को होने वाले इस फोरम में एआई के इस्तेमाल, रोजगार की संभावनाओं, ऊर्जा उत्पादन, वित्त, शासन, टिकाऊ उत्पादों, औद्योगिक समाधान, स्टार्ट-अप इकोसिस्टम और युवा नेतृत्व जैसे विषयों पर 4 मुख्य सत्र और 16 समानांतर विषय-आधारित सत्र होंगे। इसके अलावा, इस कार्यक्रम में 125 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शकों की एक प्रदर्शनी भी होगी, जिसमें स्टार्ट-अप्स द्वारा विकसित व्यावहारिक सर्कुलर समाधान और निवेश के लिए तैयार नवाचार दिखाए जाएंगे।
डब्ल्यूसीईएफ के साथ-साथ, 'भारत को सतत् उपभोग एवं उत्पादन प्रतिरूपों पर 10-वर्षीय कार्यक्रम रूपरेखा (10वाईएफपी) का बोर्ड 15 सितंबर को गांधीनगर में अपनी प्रत्यक्ष बैठक करेगा। भारत ने हाल ही में 10 वाईएफपी बोर्ड के सह-अध्यक्ष की भूमिका संभाली है, जो टिकाऊ उपभोग और उत्पादन को बढ़ावा देने में उसकी लंबे समय से चली आ रही नेतृत्वकारी भूमिका को दर्शाता है। 17-18 सितंबर 2026 को, वैश्विक सहयोगी गांधीनगर और दुनिया भर के अन्य स्थानों पर ऑनलाइन/हाइब्रिड और प्रत्यक्ष रूप से 80 एक्सेलेरेटर सत्रों का स्वतंत्र रूप से आयोजन करेंगे।
समापन समारोह में गुजरात के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री अर्जुनभाई देवाभाई मोधवाडिया शामिल होंगे। इस मौके पर फिनलैंड की जलवायु और पर्यावरण मंत्री सुश्री सारी मुलताला; गुजरात के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री प्रवीणभाई माली; एसआईटीआरए के डायरेक्टर (इंटरनेशनल प्रोग्राम्स) श्री क्रिस्टो लेहटोनेन के साथ-साथ भारत सरकार और गुजरात सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। समारोह का समापन एसआईटीआरए के डायरेक्टर (इंटरनेशनल प्रोग्राम) द्वारा अगले मेजबान को औपचारिक रूप से जिम्मेदारी सौंपने के साथ होगा। साथ ही, यह संदेश भी दिया जाएगा कि सर्कुलर इकोनॉमी के सिद्धांतों को अपनाकर दुनिया एक ऐसी वैश्विक अर्थव्यवस्था बना सकती है जो ज्यादा टिकाऊ, मजबूत और समृद्ध हो।
*****
पीके / केसी/ एमपी
(रिलीज़ आईडी: 2309738)
आगंतुक पटल : 137