उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
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भ्रामक टिपिंग प्रॉम्प्ट और डार्क पैटर्न के लिए सीसीपीए ने रेपिडो 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया


सीसीपीए ने रेपिडो के राइड-बुकिंग इंटरफेस में “कन्फर्म शेमिंग” और “इंटरफेस इंटरफेरेंस” की पहचान की

सीसीपीए ने रेपिडो को उपभोक्ताओं को अधिक भुगतान करने के लिए प्रेरित करने वाले भ्रामक प्रॉम्प्ट और कार्य प्रणालियों को बंद करने का निर्देश दिया

सीसीपीए की कार्रवाई राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्मों द्वारा अग्रिम टिपिंग और गतिशील मूल्य निर्धारण संबंधी कार्य प्रणालियों की क्षेत्रव्यापी जांच के बाद की गई

प्रविष्टि तिथि: 15 SEP 2026 5:24PM by PIB Delhi

केन्द्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने मुख्य आयुक्त श्रीमती निधि खरे और आयुक्त श्री अनुपम मिश्रा के नेतृत्व में राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म रेपिडो का संचालन करने वाली रोप्पेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई राइड की पुष्टि से पहले सवारियों को अधिक भुगतान करने के लिए प्रेरित करने के तरीके में भ्रामक विज्ञापनों, अनुचित व्यापार व्यवहार, अनुचित अनुबंध और डार्क पैटर्न के इस्तेमाल के लिए की गई है।

यह कार्रवाई सीसीपीए द्वारा भारत में संचालित कैब और बाइक-टैक्सी एग्रीगेटर प्लेटफॉर्मों की क्षेत्रव्यापी जांच के बाद की गई है। इस जांच का उद्देश्य राइड शुरू होने से पहले टिप देने और गतिशील मूल्य निर्धारण से संबंधित कार्य प्रणालियों की समीक्षा करना था। विभिन्न प्लेटफॉर्मों की जांच के दौरान सीसीपीए ने पाया कि रेपिडो ऐप पर सवारी की बुकिंग अभी प्रक्रिया में होने के दौरानकीमत जितनी अधिक होगी, राइड मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी” औरकैप्टन 60 रुपये पर राइड स्वीकार नहीं कर रहे हैं। +10, +20, +30 जोड़कर देखें” जैसे प्रॉम्प्ट प्रदर्शित किए जा रहे थे।

सीसीपीए ने प्रॉम्प्ट को “कन्फर्म शेमिंग” की श्रेणी में माना

सीसीपीए ने पाया कि रेपिडो का एल्गोरिदम पहले सवारी के लिए एक किराया बताता था और उस किराए पर सवारी बुक किए जाने के बाद सवारी को अधिक भुगतान करने के लिए प्रेरित करता था। इसके लिए यह कारण बताया जाता था कि कैप्टन मूल कीमत पर राइड स्वीकार नहीं कर रहे हैं। सीसीपीए ने माना कि इस कार्य प्रणाली से यह गलत धारणा पैदा होती है कि सवारी जल्दी मिलने की संभावना अतिरिक्त राशि का भुगतान करने पर निर्भर करती है, ठीक उस समय जब सवारी पहले ही बुकिंग के लिए सहमत हो चुकी होती है और उसके पास बातचीत करने की सीमित गुंजाइश होती है।

इस कार्य प्रणाली को कन्फर्म शेमिंग” माना गया, जिसे डार्क पैटर्न की रोकथाम और विनियमन के लिए दिशा-निर्देश, 2023 के तहत एक डार्क पैटर्न के रूप में चिन्हित किया गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इससे उपभोक्ता में जल्दबाजी की भावना और यह डर पैदा होता है कि यदि वह अधिक भुगतान करने के लिए सहमत नहीं हुआ, तो वह राइड खो सकता है।

रंग-कोड वाले मूल्य निर्धारण स्लाइडर को दूसरे डार्क पैटर्न के रूप में पाया गया

सीसीपीए ने रेपिडो के अपनी कीमत निर्धारित करें” स्लाइडर की भी जांच की और पाया कि सवारी द्वारा कीमत निर्धारित करने के निर्णय को प्रभावित करने के लिए इसे अलग-अलग रंगों से प्रदर्शित किया गया था।

  • कीमत बढ़ाने पर राइड मिलने की संभावना अधिक” का संदेश हरे रंग में प्रदर्शित होता था।
  • कीमत घटाने पर लाल या नारंगी रंग की चेतावनी दिखाई जाती थी।
  • स्लाइडर में कीमत घटाने की तुलना में कीमत बढ़ाने के लिए अधिक गुंजाइश दी गई थी।

सीसीपीए ने माना कि यह दूसरा डार्क पैटर्न इंटरफेस इंटरफेरेंस” था, क्योंकि इंटरफेस का डिजाइन, साथ में दिए गए पाठ से स्वतंत्र रूप से, उपभोक्ताओं को अधिक राशि का भुगतान करने की ओर दृश्य रूप से प्रेरित करता था।

अग्रिम भुगतान को वास्तविक “टिप” के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

सीसीपीए ने कहा कि बुकिंग के समय सवारी को प्रदर्शित किया जाने वाला किराया पहले से ही दूरी, समय, यातायात, टोल और कैप्टन को देय राशि जैसे कारकों को ध्यान में रखता है। इस संदर्भ में, सीसीपीए ने पाया कि राइड शुरू होने से पहले उसी राइड के लिए सवारी को बाद में अतिरिक्त राशि का भुगतान करने का सुझाव देने का कोई औचित्य नहीं है। सीसीपीए ने कहा कि टिप सामान्यतः सेवा प्रदान किए जाने के बाद स्वेच्छा से किया जाने वाला भुगतान है और इसे सेवा प्रदान किए जाने की शर्त के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।

सीसीपीए ने मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशा-निर्देश, 2025 का भी उल्लेख किया, जिनके अनुसार टिप देने की सुविधा केवल राइड पूरी होने के बाद उपलब्ध कराई जानी चाहिए, न कि बुकिंग के समय या राइड के दौरान। रेपिडो ने तर्क दिया था कि टिप स्वैच्छिक है, सवारी द्वारा अतिरिक्त राशि का भुगतान किए जाने या न किए जाने के बावजूद उसका मैचिंग एल्गोरिदम काम करता रहता है और ये प्रॉम्प्ट केवल वास्तविक समय में होने वाली बातचीत को दर्शाते हैं, जो सवारी और चालक के बीच ऑफलाइन बातचीत के समान है।

सीसीपीए ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि प्रॉम्प्ट का समय और उनका डिजाइन सवारी पर उसी समय दबाव डालता था, जब सवारी राइड प्राप्त करने के लिए प्लेटफॉर्म पर सबसे अधिक निर्भर थी। सीसीपीए ने आगे कहा कि रेपिडो ने ऐसा कोई आंकड़ा रिकॉर्ड पर प्रस्तुत नहीं किया, जिससे यह प्रमाणित हो कि अतिरिक्त राशि का भुगतान करने से वास्तव में सवारी को राइड मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, इस दावे को निराधार और भ्रामक माना गया।

राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्मों की क्षेत्रव्यापी जांच

रेपिडो के खिलाफ यह कार्रवाई सीसीपीए द्वारा राइड-हेलिंग और बाइक-टैक्सी प्लेटफॉर्मों पर अग्रिम टिप और डार्क पैटर्न से संबंधित कार्य प्रणालियों की व्यापक जांच का हिस्सा है। सीसीपीए ने इससे पहले उबर, ओला, रेपिडो और नम्‍मा यात्री सहित विभिन्न प्लेटफॉर्मों को नोटिस जारी करते हुए उन्हें डार्क पैटर्न की रोकथाम और विनियमन के लिए दिशा-निर्देश, 2023 का अनुपालन करने तथा अनुपालन के संबंध में स्व-घोषणाएं प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। इस संबंध में उबर और ओला की सीसीपीए द्वारा जांच वर्तमान में जारी है।

सीसीपीए ने उपभोक्ता संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई

उपभोक्ता संरक्षण कानून, 2019 के तहत प्राप्त अपने वैधानिक दायित्व का निर्वहन करते हुए सीसीपीए उपभोक्ताओं के सामूहिक हितों की रक्षा करने, अनुचित व्यापार व्यवहार को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाता रहा है कि वस्तुओं या सेवाओं के संबंध में कोई झूठा या भ्रामक विज्ञापन न किया जाए। भ्रामक विज्ञापनों, अनुचित व्यापार व्यवहार या डार्क पैटर्न से संबंधित शिकायत या समस्या वाले उपभोक्ता राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) के 1915 नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं या सीसीपीए को com-ccpa[at]gov[dot]in पर लिख सकते हैं।

अंतिम आदेश सीसीपीए की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

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पीके/केसी/केपी/डीए


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