इस्‍पात मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

इस्पात मंत्रालय ने ई-कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटारे पर ध्यान केंद्रित करते हुए विशेष अभियान 6.0 की शुरूआत की

प्रविष्टि तिथि: 16 SEP 2026 10:26AM by PIB Delhi

इस्पात मंत्रालय और उसके सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक चलने वाले विशेष अभियान 6.0 में भाग लेने के लिए तैयार हैं। इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता, स्थिरता और बेहतर प्रशासन के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है। इसमें ई-कचरे के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटारे पर नए सिरे से जोर दिया गया है।

विशेष अभियान 5.0 (अक्टूबर 2025) के दौरान, मंत्रालय ने अपने कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में व्यापक गतिविधियाँ चलाईं, जिससे लंबित मामलों के निपटारे, अनुपयोगी  फाइलों के निपटान और स्थान के बेहतर उपयोग में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल हुई। इन प्रयासों ने स्थायी दस्‍तावेज प्रबंधन और बेहतर सेवा वितरण की नींव रखी।

अभियान के बाद की अवधि में इस गति को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए गए। पुराने रिकॉर्ड हटा दिए गए, कचरा निपटान प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया गया और शिकायतों का अधिक कुशलता से समाधान किया गया, जो स्वच्छता और प्रशासनिक दक्षता को एक सतत प्रक्रिया बनाने के लिए मंत्रालय के संकल्प को दर्शाता है।

विशेष अभियान 6.0 इन उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित करेगा:

  • ई-कचरा प्रबंधन: ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अनुसार ई-कचरे के प्रभावी संग्रह और पृथक्करण को सुनिश्चित करना
  • मशीनीकृत सफाई पद्धतियाँ: कार्यस्थलों में स्वच्छता और कार्यकुशलता बनाए रखने के लिए आधुनिक सफाई विधियों के उपयोग को बढ़ाना
  • लंबित मामलों का समय पर निपटारा : प्रधानमंत्री कार्यालय, राज्य सरकारों, संसद और वीआईपी मामलों से संबंधित लंबित संदर्भों का निपटारा करने के साथ ही पुरानी फाइलों और दस्‍तावेजों का व्यवस्थित निपटान जारी रखना
  • जागरूकता और सहभागिता: स्वच्छता अभियानों में जागरूकता फैलाने और जनता की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल प्लेटफार्मों और जनसंपर्क गतिविधियों का उपयोग करना

यह अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा: तैयारी चरण (15-30 सितंबर, 2026), जिसके दौरान लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे और आधारभूत कार्य किए जाएंगे, इसके बाद कार्यान्वयन चरण (2-31 अक्टूबर, 2026) में लागू किए जाने वाले उपायों, निगरानी और मापने योग्य परिणामों पर ध्‍यान केंद्रित किया जाएगा।

इस्पात मंत्रालय कुशल और नागरिक-केंद्रित शासन के व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप स्वच्छता, शिकायत निवारण और सतत विधियों में नए मानक स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

****

पीके/केसी/जेके/जीआरएस


(रिलीज़ आईडी: 2310727) आगंतुक पटल : 152
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Gujarati , Kannada