संचार मंत्रालय
केंद्रीय संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने चेन्नई में रोजगार मेले को संबोधित किया
डॉ. पेम्मासानी ने नवनियुक्त कर्मचारियों से नागरिकों के सामने आने वाली चुनौतियों की पहचान करने और प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा उद्यमिता के माध्यम से समाधान तलाशने का आह्वान किया
केंद्रीय राज्य मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से विनिर्माण, अवसंरचना, डिजिटल शासन और दूरसंचार कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भारत में आए परिवर्तन को रेखांकित किया
देशभर में आयोजित राष्ट्रव्यापी रोजगार मेले के तहत 51,000 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए
प्रविष्टि तिथि:
19 SEP 2026 5:08PM by PIB Delhi
केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने आज चेन्नई में 20वें रोजगार मेले को संबोधित करते हुए नवनियुक्त सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को बधाई दी तथा नवनियुक्त कर्मचारियों से सत्यनिष्ठा, संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और निरंतर सीखने की प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा करने का आह्वान किया।

डॉ. पेम्मासानी ने कहा कि यह अवसर न केवल नवनियुक्त कर्मचारियों के लिए, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिन्होंने परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया के दौरान उनका सहयोग किया। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी प्राप्त करना आज भी कई युवा भारतीयों की एक महत्वपूर्ण आकांक्षा है और राष्ट्रव्यापी रोजगार मेले के तहत देशभर में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले 51,000 से अधिक अभ्यर्थियों में से चयनित नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई दी।
20वें रोजगार मेले के आयोजन के साथ, इस पहल के माध्यम से लगभग 12.75 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र प्राप्त हो चुके होंगे।

एक साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से डॉक्टर, उद्यमी और फिर जनप्रतिनिधि बनने तक की अपनी यात्रा साझा करते हुए, डॉ. पेम्मासानी ने सीखने, अनुकूलनशीलता और दृढ़ता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों को अनुभवी सहकर्मियों से मार्गदर्शन लेने तथा डिजिटल शिक्षण संसाधनों और एआई उपकरणों का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।

माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों से नई तैनातियों, भाषाओं, संस्कृतियों और कार्य परिवेश के प्रति खुले मन से रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अपरिचित परिवेश में काम करने का अनुभव आत्मविश्वास बढ़ाने और देश के बारे में उनकी समझ को व्यापक बनाने में सहायक हो सकता है।
सरकारी सेवा के मानवीय पक्ष पर जोर देते हुए, डॉ. पेम्मासानी ने कहा कि कर्मचारियों को नियमित प्रशासनिक कार्यों के कारण अपने उद्देश्य की भावना को कम नहीं होने देना चाहिए। एक सरकारी कर्मचारी के लिए कोई फाइल नियमित प्रशासनिक कार्य हो सकती है, लेकिन संबंधित नागरिक के लिए वह उसके जीवन के किसी महत्वपूर्ण पहलू का प्रतिनिधित्व कर सकती है।
माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों से प्रचलित कार्यप्रणालियों पर सवाल उठाने, तथ्यों का सत्यापन करने और केवल इसलिए प्रक्रियाओं का आँख मूंदकर पालन करने से बचने का आग्रह किया क्योंकि उनका व्यापक रूप से पालन किया जाता है। उन्होंने सत्यनिष्ठा और विवेकपूर्ण निर्णय लेने के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “सिर्फ इसलिए कि 100 लोग गलत काम करते हैं, वह सही काम नहीं हो जाता।”

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से भारत में आए परिवर्तन के बारे में बोलते हुए, डॉ. पेम्मासानी ने शासन, अवसंरचना, प्रौद्योगिकी और सार्वजनिक सेवा प्रदायगी में हुए बदलावों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत का मोबाइल विनिर्माण पारितंत्र वर्ष 2014-15 में केवल दो विनिर्माण इकाइयों से बढ़कर आज लगभग 300 इकाइयों तक पहुंच गया है। मोबाइल फोन के उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि अवसंरचना के क्षेत्र में भी यह परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। रेलवे विद्युतीकरण में तेजी से प्रगति हुई है। वंदे भारत ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास से कनेक्टिविटी और यात्रियों के अनुभव में सुधार हो रहा है।

उन्होंने स्वदेशी रक्षा उत्पादन में हुई वृद्धि को भी रेखांकित किया। भारत का रक्षा निर्यात वर्ष 2013-14 में रहे लगभग 600 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2025-26 में लगभग 30,000 करोड़ रुपये हो गया है।
इसके अलावा, माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री ने युवा कर्मचारियों से नागरिकों के सामने आने वाली चुनौतियों की पहचान करने तथा प्रौद्योगिकी, नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से उनके समाधान तलाशने का आग्रह किया।

अपने संबोधन के अंत में, डॉ. पेम्मासानी ने नवनियुक्त कर्मचारियों को अपने पूरे सेवाकाल के दौरान तीन बातों को याद रखने की सलाह दी: नागरिक, उनके परिवार और उनका अपना युवा रूप। उन्होंने कहा कि ये सिद्धांत उन्हें जमीन से जुड़े रहने और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्ध रहने में मदद करेंगे। वर्ष 2047 की ओर देखते हुए, उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से निरंतर यह आत्ममंथन करने का आग्रह किया कि क्या वे देश, अपने परिवारों और जिन नागरिकों की वे सेवा करते हैं, उनके द्वारा उन पर रखे गए विश्वास पर खरे उतर रहे हैं।
डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए तथा उनके सेवाकाल और राष्ट्र-सेवा में उनकी सफलता के लिए कामना करते हुए अपना संबोधन समाप्त किया।
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पीके/केसी/पीके
(रिलीज़ आईडी: 2312501)
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