सहकारिता मंत्रालय
केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल ने कर्नाटक के बेलगावी में श्री बीरेश्वर को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के नए प्रधान कार्यालय के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देश का सहकारिता क्षेत्र निरंतर सशक्त हो रहा है: श्री मुरलीधर मोहोल
श्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र में 160 से अधिक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, लगभग 80 हजार PACS के कम्प्यूटरीकरण पर लगभग 3 हजार करोड़ रुपये का कार्य शुरू किया गया: श्री मोहोल
तीन राष्ट्रीय स्तर की मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटियों से लगभग 70 हजार सहकारी संस्थाएं जुड़ीं, गांव की सहकारी संस्थाओं को 25 से अधिक प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ा गया
अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों के लिए अम्ब्रेला ऑर्गनाइजेशन और ग्रामीण सहकारी बैंकों के लिए ‘सहकार सारथी’ प्लेटफॉर्म से सहकारी बैंकिंग को मिल रही नई मजबूती
अगले 10 वर्षों में सहकारिता क्षेत्र के लिए लगभग 17 लाख प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता, ‘त्रिभुवन’ सहकारी यूनिवर्सिटी इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल: श्री मोहोल
श्वेत क्रांति, सहकार बीमा और भारत टैक्सी जैसे नए उपक्रमों से सहकारिता का दायरा निरंतर व्यापक हो रहा है: श्री मोहोल
श्री बीरेश्वर को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के लगभग 4 लाख 60 हजार सदस्य, देशभर में 263 शाखाएं और 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार
प्रविष्टि तिथि:
19 SEP 2026 7:16PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देश के सहकारिता क्षेत्र को सशक्त, आधुनिक, पारदर्शी और व्यापक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल ने आज कर्नाटक के बेलगावी जिले के चिकोडी तालुका में नांदी स्थित श्री बीरेश्वर को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड (मल्टी-स्टेट) के नए प्रधान कार्यालय के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी, कर्नाटक राज्य के कई गणमान्य व्यक्ति एवं सहकारिता क्षेत्र के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
इस अवसर पर अपने संबोधन में केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि आज का दिन कर्नाटक में सहकारिता क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और आनंद का दिन है। श्री मोहोल ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की ओर से संस्था की पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्य मंत्री ने कहा कि श्री बीरेश्वर को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के लगभग 4 लाख 60 हजार सदस्य हैं, इसकी 263 शाखाएं देशभर में विस्तारित हैं और सोसाइटी का कारोबार 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि आज संस्था का 36वां स्थापना दिवस भी है। उन्होंने इतने बड़े स्तर पर सहकारिता का कार्य संचालित करने वाली संस्था की पूरी टीम को बधाई दी।
श्री मोहोल ने कहा कि देश में महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु जैसे राज्यों में सहकारिता का बड़े स्तर पर विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के सहकारिता क्षेत्र में श्री अण्णासाहेब जोल्ले और उनकी धर्मपत्नी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सहकारी चीनी कारखानों, सहकारी बैंकों और क्रेडिट सोसाइटियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उनके द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए श्री मोहोल ने उनके योगदान की सराहना की।
केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्य मंत्री ने कहा कि देश की सहकारिता व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का अभिनंदन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में आज साढ़े आठ लाख से अधिक सहकारी सोसाइटियां और सहकारी संस्थाएं कार्य कर रही हैं और लगभग 32 करोड़ लोग इन सहकारी संस्थाओं के सदस्य हैं। लगभग 20 से 25 करोड़ परिवार सीधे तौर पर सहकारिता से जुड़े हैं और इस प्रकार देश की लगभग आधी आबादी किसी न किसी रूप में सहकारिता व्यवस्था से जुड़ी हुई है।
श्री मोहोल ने कहा कि पूर्व में देश में सहकारिता का कार्य कृषि क्षेत्र के एक विभाग के अंतर्गत एक संयुक्त सचिव के अधिकार क्षेत्र में संचालित होता था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने सहकारिता क्षेत्र की व्यापकता और महत्व को समझते हुए देश में एक स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग पांच वर्षों में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देश के सहकारिता क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन हुआ है।
श्री मोहोल ने कहा कि श्री अमित शाह को गांव की सोसाइटी से लेकर जिला बैंक और राज्य स्तर की सहकारी बैंक व्यवस्था तक कार्य करने का व्यापक अनुभव है। देश के पहले सहकारिता मंत्री के रूप में उनके नेतृत्व में देश की सहकारिता को नई गति मिली और पूरे देश में सहकारिता के समान विस्तार और विकास की दिशा में कार्य प्रारंभ हुआ।
केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्य मंत्री ने कहा कि श्री अमित शाह के कार्यकाल में सहकारिता क्षेत्र के लिए 160 से अधिक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों के माध्यम से देश के सहकारिता आंदोलन को मजबूत और सशक्त बनाने का कार्य किया गया है। देश की लगभग 80 हजार गांव स्तर की प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के कम्प्यूटरीकरण के लिए लगभग 3 हजार करोड़ रुपये का कार्य शुरू किया गया है। इसके साथ ही गांव की सहकारी संस्थाओं को 25 अलग-अलग प्रकार के व्यवसायों से जोड़कर उनकी आर्थिक गतिविधियों और आय के स्रोतों का विस्तार किया गया है।
श्री मोहोल ने कहा कि किसानों के लिए एक व्यापक सहकारी इकोसिस्टम तैयार करने के उद्देश्य से तीन मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटियों का निर्माण किया गया है और देश की लगभग 70 हजार सहकारी संस्थाएं इनसे सदस्य के रूप में जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से किसानों और सहकारी संस्थाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्य मंत्री ने कहा कि देश में लगभग 1,500 से अधिक अर्बन कोऑपरेटिव बैंक हैं। पहले इन बैंकों की कठिनाइयों और समस्याओं को समझने, भारतीय रिजर्व बैंक से संबंधित विषयों के समाधान और उनके कारोबार को सुगम बनाने के लिए कोई साझा संगठन नहीं था। उन्होंने कहा कि इसके लिए देश में एक अम्ब्रेला ऑर्गनाइजेशन NUCFDC की स्थापना की गई है, जिसके माध्यम से अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों के कामकाज को सुचारु बनाने में सहायता मिल रही है।
श्री मोहोल ने कहा कि ग्रामीण सहकारी बैंकों के लिए ‘सहकार सारथी’ नाम का एक स्वतंत्र प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए सहकारिता को देश के प्रत्येक हिस्से तक पहुंचाने, उसके दायरे को और व्यापक बनाने, सहकारी संस्थाओं के संचालन को अधिक व्यवस्थित और बेहतर बनाने तथा सहकारिता व्यवस्था में विश्वास और विश्वसनीयता को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्य मंत्री ने कहा कि अगले लगभग 10 वर्षों में सहकारिता क्षेत्र में काम करने के लिए करीब 17 लाख लोगों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से देश के पहले सहकारिता विश्वविद्यालय ‘त्रिभुवन’ सहकारी यूनिवर्सिटी की शुरूवात की गयी, जो सहकारिता क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
श्री मोहोल ने कहा कि श्वेत क्रांति के क्षेत्र में भी नए सिरे से कार्य प्रारंभ हुआ है। इसके साथ ही सहकार बीमा और भारत टैक्सी जैसे अनेक नए उपक्रम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन पहलों के माध्यम से देश की सहकारिता लगातार सशक्त हो रही है।
केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्य मंत्री ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि NCDC के माध्यम से देश की सहकारी संस्थाओं को सहायता और आर्थिक सहयोग दिया जाता है। उन्होंने सहकारी संस्थाओं को वित्तीय और संस्थागत समर्थन उपलब्ध कराने में NCDC के महत्व को रेखांकित किया। श्री मोहोल ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री बीरेश्वर को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के माध्यम से सहकारिता का कार्य भविष्य में भी इसी प्रकार आगे बढ़ता रहेगा। उन्होंने कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को सही अर्थों में साकार करने और उसकी पूर्ति करने में ऐसी सहकारी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
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AK/AP
(रिलीज़ आईडी: 2312514)
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