नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
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सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य को प्राप्त करने में केंद्रीय भूमिका निभाती रहेगी: श्री श्रीपाद येसो नाइक


एसईसीआई ने हितधारकों के साथ बैठक कर अपना 15वां स्थापना दिवस मनाया

प्रविष्टि तिथि: 21 SEP 2026 2:14PM by PIB Delhi

सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसईसीआई) की 15 वर्षों की यात्रा भारत के वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते नेतृत्व को दर्शाती है। यह विचार केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा एवं विद्युत राज्य मंत्री श्री श्रीपाद येसो नाइक ने सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के 15वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित लोगों के समक्ष साझा किया।

श्री नाइक ने कहा कि एसईसीआई ने देश के स्वच्छ ऊर्जा विजन को लगातार साकार किया है और विश्वास व्यक्त किया कि निगम इसकी प्राप्ति की दिशा में केंद्रीय भूमिका निभाता रहेगा।

इस कार्यक्रम में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ सीईए के अध्यक्ष श्री घनश्याम प्रसाद, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अपर सचिव श्री मयंक तिवारी और आईएनओएक्सजीएफएल समूह के अध्यक्ष श्री विवेक जैन भी उपस्थित थे

एसईसीआई के प्रबंध निदेशक श्री आकाश त्रिपाठी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एसईसीआई नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। वह सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रही है और बाजार की जरूरतों के अनुसार नवाचारों को आगे बढ़ा रही है। ये 15 वर्ष एसईसीआई के समर्पण और सतत ऊर्जा के प्रति राष्ट्र की सामूहिक इच्छाशक्ति का प्रमाण हैं। हम अपने सभी हितधारकों के आभारी हैं जिन्होंने हम पर भरोसा जताया है।

हितधारकों की बैठक के दौरान दो विषयगत सत्र आयोजित किए गए: "हरित अणुओं के माध्यम से उद्योग की पुनर्कल्पना" और "बदलते ऊर्जा परिदृश्य: वितरित नवीकरणीय ऊर्जा और नए ऊर्जा बाजार"। इन सत्रों में नीति निर्माताओं, उद्योगपतियों और वित्तीय संस्थानों को एक मंच पर लाया गया ताकि वे देश के ऊर्जा परिवर्तन को प्रभावित करने वाले उभरते अवसरों और चुनौतियों पर विचार कर सकें।

पहले सत्र में, उन क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन को कम करने और औद्योगिक विकास के नए रास्ते बनाने में हरित हाइड्रोजन और इसके व्युत्पन्न पदार्थों की भूमिका का पता लगाया गया, जहां कार्बन उत्सर्जन को कम करना कठिन है। सत्र में घरेलू उत्पादन और उभरते अनुप्रयोगों के अवसरों के साथ-साथ हरित अणु बाजारों को बड़े पैमाने पर विकसित करने के लिए आवश्यक नीतिगत समर्थन, बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी और वित्तपोषण पर भी चर्चा की गई।

दूसरे सत्र में भारत में वितरित नवीकरणीय ऊर्जा की उभरती भूमिका का विश्लेषण किया गया। चर्चा के प्रमुख क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की अधिक भागीदारी, वितरित ऊर्जा संसाधनों का एकीकरण और उभरते बाजार तंत्र, साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा के प्रभावी एकीकरण को सुगम बनाने और इसके विस्तार को समर्थन देने के लिए आवश्यक नीतिगत और नियामक ढांचे शामिल थे।

एसईसीआई ने अपने 15 वर्षों की सेवा के दौरान राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान किया है। इस अवधि में, कंपनी ने तृतीय-पक्ष डेवलपर्स की सहायता से 41 गीगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता स्थापित की है। इसके अलावा, विभिन्न डिस्कॉम और उपभोक्ताओं के साथ 67 गीगावाट से अधिक के बिजली बिक्री समझौते भी किए हैं और लगभग 3.6 लाख करोड़ रुपए का बाजार निवेश सक्षम किया है। कंपनी अपने स्वयं के प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो का भी तेजी से विस्तार कर रही है और ऊर्जा भंडारण, हरित हाइड्रोजन और संबंधित क्षेत्रों को बढ़ावा देने में भी सक्रिय है।

20 सितंबर, 2011 को निगमित हुई एसईसीआई एक नवरत्न सीपीएसई है, जो नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत आती है। शुरुआत में यह राष्ट्रीय सौर मिशन की समर्पित कार्यान्वयन एजेंसी के तौर पर स्थापित हुई थी और अब यह नवीकरणीय ऊर्जा पर केंद्रित एक अग्रणी सीपीएसई बन गई है।

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पीके/केसी/आरटी/बीयू/एचबी


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