कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में भारत का अब तक का सबसे बड़ा कौशल दल वैश्विक मंच पर उतरा, आज से प्रतियोगिता शुरू
टीम इंडिया के 70 प्रतियोगी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए और 63 तरह के कौशलों में मुकाबला शुरू किया
चार दिवसीय प्रतियोगिता शुरू होने पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता दल के साथ शामिल हुए
प्रविष्टि तिथि:
23 SEP 2026 4:45PM by PIB Delhi
वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में आज से प्रतियोगिताएं शुरू हुई, जिसमें टीम इंडिया का अब तक का सबसे बड़ा 70 युवा प्रतियोगियों वाला दल 63 कौशल श्रेणियों में मुकाबले के लिए मैदान में उतरा। यह चार दिन की प्रतियोगिता कल शाम हुए उद्घाटन समारोह के बाद शुरू हुई, जिसमें टीम इंडिया ने दुनिया भर के दलों के साथ परेड ऑफ नेशंस में हिस्सा लिया।
शंघाई वर्ल्ड एक्सपो कल्चरल सेंटर में हुए उद्घाटन समारोह में 65 से ज़्यादा देशों और क्षेत्रों के लगभग 1,400 प्रतियोगी एक साथ आए। राष्ट्रीय ध्वज लिए और टीम इंडिया के रंगों में सजे भारतीय दल ने ज़ोरदार तालियों की गड़गड़ाहट के बीच एरिना में प्रवेश किया, जिससे 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता की औपचारिक शुरुआत हुई।
48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता की शंघाई में आधिकारिक तौर पर शुरू हुई और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस कार्यक्रम के लिए बधाई संदेश भेजा, जिसे उद्घाटन समारोह में पढ़कर सुनाया गया। चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग समारोह में शामिल हुए और औपचारिक रूप से प्रतियोगिता की शुरुआत की घोषणा की। इस तरह दुनिया भर की युवा प्रतिभा को एक साथ लाने वाली इस वैश्विक कौशल प्रतियोगिता का आगाज़ हुआ।
इस समारोह में मौजूद भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व में वर्ल्डस्किल्स इंडिया की औपचारिक प्रतिनिधि और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार सुश्री मनीषा सेनशर्मा और डीजीटी के महानिदेशक और राष्ट्रीय कौशल संस्था (एनएसओ) के सीईओ श्री दिलीप कुमार शामिल थे। इस वैश्विक प्रतियोगिता के शुरू होने पर उन्होंने टीम इंडिया का हौसला बढ़ाने के लिए प्रतिस्पर्धियों,विशेषज्ञों और मेंटर्स का साथ दिया।
श्री दिलीप कुमार ने कहा, "हमारे प्रतिभागी महीनों की कड़ी तकनीकी तैयारी, बार-बार सिमुलेशन और विशेषज्ञों तथा उद्योग जगत के साझेदारों की करीबी मेंटरिंग के बाद शंघाई पहुँचे हैं। हमें यह बताते हुए भी खुशी हो रही है कि 70 उम्मीदवारों में से 14 उम्मीदवार हमारे औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) से हैं। अब पूरा ध्यान प्रतियोगिता के चार दिनों के दौरान सटीकता, संयम और लगातार अच्छे प्रदर्शन पर है। पूरा प्रतिनिधिमंडल मजबूती से टीम इंडिया के साथ खड़ा है।"
वर्ल्डस्किल्स इंडिया की औपचारिक प्रतिनिधि और एमएसडीई की वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार सुश्री मनीषा सेनशर्मा ने कहा, "उद्घाटन समारोह में टीम इंडिया को मार्च करते देखना बेहद गर्व का पल था। हमारे सभी 70 उम्मीदवार एक कुशल और आत्मविश्वास से भरे भारत की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करते हैं। आज जब प्रतियोगिता शुरू हो रही है, तो उनके पास दुनिया के बेहतरीन लोगों के साथ अपनी क्षमताओं की तुलना करने, वैश्विक साथियों से सीखने और भारत की कौशल व्यवस्था से उभर रही प्रतिभाओं को गहराई दिखाने का मौका है।"
इस साल टीम इंडिया की भागीदारी का दायरा और स्तर काफी बढ़ गया है। पहली बार, भारत 11 नई कौशल श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करेगा, जिनमें डेंटल प्रोस्थेटिक्स, डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया डिज़ाइन, इंटेलिजेंट सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी, लैंडस्केप गार्डनिंग, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी, रिटेल सेल्स, अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स, इंडस्ट्रियल मैकेनिक्स, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, हेवी व्हीकल टेक्नोलॉजी और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस शामिल हैं।
मार्च-पास्ट में इस दल की मौजूदगी भारत की कौशल व्यवस्था की विविधता और ताकत को दिखाती है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले उम्मीदवारों ने कड़ी चयन प्रक्रिया और महीनों के खास प्रशिक्षण, ज़बरदस्त अभ्यास और अंतरराष्ट्रीय मानकों की तैयारी के ज़रिए यह मुकाम हासिल किया है। इसमें राज्य सरकारों, क्षेत्र कौशल परिषद, प्रशिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत के साझेदारों, विशेषज्ञों और मेंटर्स का सहयोग मिला है।
वर्ल्डस्किल्स इंटरनेशनल की ओर से हर दो साल में आयोजित होने वाला वर्ल्डस्किल्स कॉम्पिटिशन, वोकेशनल एजुकेशन, प्रशिक्षण और कौशल में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच है। यह युवा पेशेवरों को अपनी तकनीकी महारत, सटीकता, रचनात्मकता, कारीगरी और नवाचार दिखाने का मौका देता है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुकाबले अपनी क्षमताओं को परखने का भी अवसर प्रदान करता है।
शंघाई के नेशनल एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आज सुबह 9 बजे कौशल प्रतियोगिता शुरू हई और ये 26 सितंबर तक चलेंगी, जिसके बाद 27 सितंबर को समापन समारोह का आयोजन किया जएगा। वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में वर्ल्डस्किल्स एक्सपो और वर्ल्डस्किल्स कॉन्फ्रेंस भी शामिल हैं, जो युवाओं, नीतिनिर्माताओं, शिक्षकों और उद्योग जगत के अग्रणियों को एक साथ लाते हैं, ताकि वे कौशल का अनुभव कर सकें और तकनीकी व वोकेशनल शिक्षा और कार्यबल विकास के भविष्य पर विचारों का आदान-प्रदान कर सकें।
इस प्रतियोगिता में टीम इंडिया, वर्ल्डस्किल्स ल्योन 2024 में देश के प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की कोशिश करेगी, जहाँ भारत ने चार कांस्य पदक और 12 मेडलियन फॉर एक्सीलेंस जीते थे। शंघाई कैंपेन भारत के युवा पेशेवरों को दुनिया के बेहतरीन लोगों के मुकाबले अपनी क्षमताओं को परखने और देश की कुशल प्रतिभाओं की गहराई, अनुशासन और भविष्य के लिए तैयारी को प्रदर्शित करने का मौका देता है।







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पीके/केसी/एनएस
(रिलीज़ आईडी: 2314045)
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