सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

आर्थिक कठिनाई से लेकर शैक्षणिक उपलब्धि तक


एनएफएससी के माध्यम से तेलंगाना की श्रीमती यतला श्रावंती की यात्रा

प्रविष्टि तिथि: 28 SEP 2026 5:23PM by PIB Delhi

समय पर मिलने वाली संस्थागत सहायता शोधार्थियों को शोध में आने वाली बाधाओं को दूर करने, अपनी शैक्षणिक यात्रा जारी रखने और उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान में योगदान देने में मदद कर सकती है। अन्यथा, वित्तीय बाधाएं और शैक्षिक संसाधनों की सीमित पहुंच योग्य छात्रों को उच्च शिक्षा एवं उन्नत अनुसंधान करने से वंचित कर सकती हैं।

तेलंगाना के करीमनगर जिले की निवासी 37 वर्षीय श्रीमती यतला श्रावंती ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना (एनएफएससी) के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करते हुए वनस्पति विज्ञान में अपना शोध सफलतापूर्वक पूरा किया। उनकी छात्रवृत्ति सहायता 2017 में शुरू हुई थी। उन्होंने छात्रवृत्ति, मकान किराया भत्ता और आकस्मिक सहायता के रूप में कुल 21 लाख रुपये की सहायता प्राप्त की।

सहायता प्राप्त होने से पहले, श्रीमती श्रावंती को उच्च शिक्षा और डॉक्टरेट शोध जारी रखने में गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि पुस्तकों, शोध सामग्री, उपकरणों और छात्रावास आवास से सम्बंधित खर्चों को पूरा करना उनके लिए मुश्किल था। इन बाधाओं के कारण वे अपनी पढ़ाई और शोध पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रही थीं।

श्रीमती श्रावंती को गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक संसाधनों, इंटरनेट सुविधाओं और उचित अकादमिक मार्गदर्शन तक सीमित पहुंच का भी सामना करना पड़ा। दूरस्थ क्षेत्र से आने और सामाजिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने के कारण, डॉक्टरेट स्तर की शिक्षा प्राप्त करना विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण था। वित्तीय सहायता के बिना, उन्हें ऋण लेने या रोजगार की तलाश में अपनी शिक्षा बीच में ही छोड़ने की मजबूरी की सामना भी करना पड़ सकता था।

एनएफएससी योजना ने श्रीमती श्रावंती को आर्थिक स्थिरता प्रदान की और उन्हें अपने डॉक्टरेट शोध पर अधिक समय और ध्यान देने में सक्षम बनाया। एक तरफ मासिक फैलोशिप ने उनकी शिक्षा और जीवन व्यय से जुड़े आर्थिक बोझ को कम करने में मदद की। वहीं दूसरी ओर आकस्मिक सहायता ने उन्हें अपने अकादमिक कार्य के लिए आवश्यक पुस्तकें, शोध सामग्री और सॉफ्टवेयर खरीदने में सक्षम बनाया।

इस फैलोशिप ने उन्हें राष्ट्रीय सेमिनारों और कार्यशालाओं में भाग लेने का अवसर भी प्रदान किया। इन अवसरों से वे अपने शोध निष्कर्षों को प्रस्तुत करने, विशेषज्ञों के साथ संवाद करने, अकादमिक प्रतिक्रिया प्राप्त करने और पेशेवर नेटवर्क विकसित करने में सफल हुई। इस तरह  उनके अकादमिक अनुभव को मजबूत हुये और शोध समुदाय तक उनकी पहुंच को व्यापक बनाया।

एनएफएससी योजना के सहयोग से श्रीमती श्रावंती अधिक आत्मविश्वास के साथ अपना शोध कार्य जारी रख सकीं और अपना अकादमिक कार्य पूरा कर सकीं। इस फैलोशिप ने उनके शोध को सुदृढ़ किया और पेशेवर संपर्क और नेटवर्किंग के अवसर प्रदान किए। व्यक्तिगत स्तर पर, परिवार पर वित्तीय दबाव कम होने से उन्हें अधिक आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता प्राप्त हुई।

श्रीमती श्रावंती अब उच्च शिक्षा या नीति अनुसंधान के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं। इसके साथ ही वे अपने अकादमिक अनुभव का उपयोग वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों को मार्गदर्शन देने में करना चाहती हैं। उनकी कहानी से पता चलता है कि समय पर मिली वित्तीय सहायता किस प्रकार शोधार्थियों को आर्थिक और सामाजिक बाधाओं को दूर करने, उन्नत अनुसंधान करने और अपनी अकादमिक क्षमता को साकार करने में मदद कर सकती है।

***

पीके/केसी/आरटी/वीके/एसवी


(रिलीज़ आईडी: 2316304) आगंतुक पटल : 41
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Telugu