आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने आज नई दिल्ली में स्वच्छता के लिए 50 आदर्श शहरों के विकास हेतु प्रगति-50 पहल का शुभारंभ किया
सीएसआईआर-सीएमईआरआई द्वारा स्वच्छ भारत टेस्ट बेड का शुभारंभ किया गया
आईआईटी कानपुर के सहयोग से स्वच्छता स्टार्टअप्स के तीसरे बैच को शामिल किया गया
संकल्प भवन, नई दिल्ली में रिड्यूस रियूज एंड रिसाइकल सेंटर का उद्घाटन किया गया
स्वच्छता व्यवहार परिवर्तन डिजिटल कोष का शुभारंभ किया गया
प्रविष्टि तिथि:
29 SEP 2026 3:51PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री के 51 वें प्रगति सम्मेलन के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुसरण में, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के अवसंरचना के अंतर्गत लक्षित, केपीआई-आधारित कार्रवाई और गहन एवं तकनीकी-सक्षम निगरानी का लाभ उठाकर 'स्वच्छता' के उच्च मानदंड को प्रदर्शित करने के लिए प्रगति-50 पहल के अंतर्गत 50 मॉडल शहरों की पहचान की है।
केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने शुभारंभ के अवसर पर कहा कि 24 राज्यों के ये 50 शहर स्वच्छता के नियमित कार्यों से आगे बढ़कर निरंतर और उच्च प्रदर्शन मानकों को प्रदर्शित करते हुए देश के बाकी हिस्सों के लिए आदर्श शहर बनकर उभरेंगे। हमने प्रमुख शहरों, सांस्कृतिक महत्व के शहरों, प्रमुख पर्यटन स्थलों और आर्थिक केंद्रों को शामिल करना सुनिश्चित किया है। इस पहल का उद्देश्य एक निर्धारित समय सीमा के भीतर निगरानी और समीक्षा के एक संरचित ढांचे के माध्यम से शहरी स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्रयुक्त जल प्रबंधन, स्वच्छता और नागरिक भागीदारी में स्पष्ट सुधार लाना है। परिणाम-आधारित आकलन और तकनीक-आधारित निगरानी के माध्यम से प्रगति की निरंतर समीक्षा की जाएगी। इन शहरों की प्रगति पर नजर रखने के लिए मैं व्यक्तिगत रूप से हर दूसरे महीने समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करूंगा।

आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले एक दशक में स्वच्छता एक जन आंदोलन से विकसित होकर जीवनशैली बन गई है।
नए आदर्श शहरों की पहल के शुभारंभ पर श्री साहू ने कहा कि इससे शहरों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कचरा मुक्त शहरों का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी और वे अन्य शहरी केंद्रों के लिए आदर्श बन सकेंगे। उन्होंने राज्यों और शहरी स्थानीय निकायों से सूक्ष्म स्तर की कार्य योजनाएं तैयार करने और उनके त्वरित एवं प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
युवा शक्ति और तकनीक के बढ़ते संमिलन पर मंत्री महोदय ने कहा कि भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनकर उभरा है। आईआईटी कानपुर के सहयोग से तीसरे बैच का शुभारंभ मिशन के अंतर्गत 75 स्टार्टअप को शामिल करने और उन्हें विकसित करने के राष्ट्रीय लक्ष्य की उपलब्धि को भी दर्शाता है।
शहरी विकास विभाग के सचिव श्री सतेंद्र सिंह ने कहा कि नागरिकों के बेहतर अनुभव और समग्र सेवा वितरण को सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल "संपूर्ण शहर" के दृष्टिकोण को अपनाती है, जिससे सभी हितधारकों, भागीदारों और शहरी स्थानीय निकायों को योजना और कार्यान्वयन में शामिल किया जा सके।
कुशल निगरानी सुनिश्चित करने के लिए, स्वच्छतम पोर्टल पर सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन (प्रगति) जैसी डिजिटल समीक्षा प्रणाली स्थापित की गई है । मंत्रालय के अधिकारियों को नियमित पर्यवेक्षण और मार्गदर्शन के लिए विशिष्ट शहरों का कार्यभार सौंपा जाएगा।
यह मानते हुए कि सतत शहरी परिवर्तन क्षमता निर्माण और निरंतर सीखने पर निर्भर करता है, एसबीएम-यू ने हितधारकों को तकनीकी दिशा-निर्देश, मॉडल डिज़ाइन और लक्षित सलाह प्रदान करके सशक्त बनाया है। कार्यक्रम के दौरान, परियोजनाओं के जमीनी कार्यान्वयन को और अधिक समर्थन देने के लिए, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (सी एंड डी) के द्वितीयक संग्रहण केंद्र की स्थापना हेतु मानक संचालन प्रक्रिया और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के अंतर्गत अनिवार्य नगरपालिका ठोस अपशिष्ट के स्रोत पृथक्करण हेतु दिशा-निर्देश जारी किए गए।
स्वच्छ भारत परीक्षण केंद्र एवं नवाचार केंद्र : मिशन ने स्वच्छता के लिए अनुसंधान और नवाचार को निरंतर प्रेरक शक्ति के रूप में स्थापित किया है। सीएसआईआर-सीएमईआरआई के सहयोग से, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने दुर्गापुर में स्वच्छ भारत परीक्षण केंद्र एवं नवाचार केंद्र का शुभारंभ किया है , जो स्वच्छता तकनीक में अनुसंधान, उत्पाद विकास, परीक्षण, सत्यापन, प्रमाणीकरण और क्षमता निर्माण के लिए एक राष्ट्रीय सुविधा है।
स्टार्टअप्स का तीसरा समूह: पिछले एक दशक में, एसबीएम-अर्बन ने पारंपरिक अपशिष्ट प्रबंधन से हटकर अत्याधुनिक, तकनीक-आधारित समाधानों की ओर कदम बढ़ाया है। मिशन ने नवाचार को गति देने के लिए अपशिष्ट मूल्य श्रृंखला में 75 स्टार्टअप्स को शामिल किया है। उद्यमिता की इस लहर का लाभ उठाते हुए, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) के सहयोग से स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन में अग्रणी समाधानों पर केंद्रित स्टार्टअप्स के तीसरे समूह का शुभारंभ किया है। तीसरे समूह में 13 स्टार्टअप्स के शामिल होने से, यह पहल स्वच्छ, तकनीक-आधारित शहरी समाधानों को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
समर्पित व्हाट्सएप चैनल : नागरिकों के लिए शिकायतें दर्ज करने और निवारण प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम, स्वच्छता ऐप को एक कदम आगे बढ़ाते हुए, एक समर्पित व्हाट्सएप चैनल लॉन्च किया गया है ताकि नागरिकों के लिए अपनी शिकायतें दर्ज करना और अपने शहरों को स्वच्छ रखने में सक्रिय रूप से योगदान देना आसान हो सके।
भारत को स्वच्छ और अधिक टिकाऊ बनाने के लिए व्यवहार परिवर्तन को मजबूत करने हेतु विचारों, रचनात्मक सामग्रियों, अभियानों और संसाधनों को एक साथ लाने वाला डिजिटल भंडार, 'स्वच्छता व्यवहार परिवर्तन डिजिटल कोष' का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने किया। यह मंच राज्यों, स्थानीय स्थानीय निकायों और हितधारकों को उपयोग में आसान संचार संसाधन, नवीन अभियान विचार और प्रचार सामग्री उपलब्ध कराएगा, जिससे ज्ञान साझाकरण, कार्यान्वयन और नागरिक-केंद्रित संचार को बढ़ावा मिलेगा और स्वच्छता को एक आदत और जीवनशैली बनाया जा सकेगा।
रिड्यूज, रियूज और रिसाइकल: स्वच्छता ही सेवा 2026 के अंतर्गत, केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने नई दिल्ली के संकल्प भवन में रिड्यूज, रियूज और रिसाइकल सेंटर का उद्घाटन किया। यह किसी केंद्रीय मंत्रालय के कार्यालय में स्थापित पहला ऐसा केंद्र है। इस पहल से सरकारी कार्यस्थलों में सतत उपभोग, पुनः उपयोग, संसाधन पुनर्प्राप्ति और चक्रीय कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलेगा।

भारत की शहरी स्वच्छता यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम - आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय नवाचार, सहभागितापूर्ण शिक्षण और क्षमता निर्माण को बढ़ावा दे रहा है ताकि लचीले और भविष्य के लिए तैयार शहरों का निर्माण हो सके। जैसे-जैसे भारत 2047 के विकसित भारत की ओर अग्रसर हो रहा है, आगे का रास्ता स्पष्ट है: वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन, चक्रीय अर्थव्यवस्था और सतत शहरी प्रणालियों द्वारा संचालित कचरा-मुक्त शहर।
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पीके/केसी/आरटी/एचएन/एनजे
(रिलीज़ आईडी: 2316624)
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