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प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी 2026 में उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत और आधुनिक उपलब्धियों का प्रदर्शन


आध्यात्मिक स्थलों, पारंपरिक कलाओं, खेल उपलब्धियों और आधुनिक अवसंरचनाओं ने मिलकर उत्तर प्रदेश की विविध पहचान प्रदर्शित की

प्रविष्टि तिथि: 29 SEP 2026 5:40PM by PIB Delhi

99 स्मृति चिन्हों का एक विविध संग्रह उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहर और समकालीन उपलब्धियों की झलक प्रस्तुत करता है। इसमें आध्यात्मिक कलाकृतियाँ, पारंपरिक कला, खेल से जुड़ी यादगार वस्तुएं और प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं के मॉडल शामिल हैं। प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी का 8वां संस्करण 2 अक्टूबर, 2026 तक ऑनलाइन उपलब्ध है। विवरण और भागीदारी के लिए, https://pmmementos.gov.in पर जाएँ।

प्रदर्शित प्रमुख स्मृति चिन्हों में अयोध्या के राम मंदिर का एक विस्तृत मॉडल भी शामिल है, जिसे जटिल वास्तुशिल्पीय विवरणों के साथ एमडीएफ फाइबरबोर्ड में तैयार किया गया है।

एक अन्य स्मृतिचिह्न में वाराणसी में श्री गुरु रविदास जन्म स्थान मंदिर को दर्शाया गया है, जो गुरु रविदास से जुड़ी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को उजागर करता है।

 

रानी लक्ष्मीबाई के एक फ्रेमयुक्त चित्र में झांसी की रानी को अपने पुत्र दामोदर राव के साथ घोड़े पर सवार दिखाया गया है, वहीं मथुरा की समकालीन सांझी पेपर-कट कलाकृति में "पवित्र गायों के साथ जीवन वृक्ष" को दर्शाया गया है। सांझी की यह कलाकृति पारंपरिक कला शैली से जुड़ी जटिल हस्त-कटाई तकनीक को भी प्रदर्शित करती है।

उत्तर प्रदेश की खेल उपलब्धियों का प्रतिनिधित्व पैरा-एथलीट प्रीति पाल की हस्ताक्षरित शर्ट द्वारा किया गया है, जिन्होंने 2024 पेरिस पैरालंपिक में 100 मीटर और 200 मीटर टी35 स्पर्धाओं में दो कांस्य पदक जीते थे।

इस कैटलॉग में मेरठ मेट्रो का एक लघु मॉडल भी शामिल है, जो फरवरी 2026 में इसके 26 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के उद्घाटन की याद में बनाया गया है।

अन्य उल्लेखनीय प्रविष्टियों में नमो घाट वाराणसी का हाथ से नमस्ते करने वाला स्मृति चिन्ह, नमो घाट पर विशिष्ट रूप से जुड़े हाथों का एक मूर्तिकला प्रतिनिधित्व और गंगा एक्सप्रेसवे का एक मॉडल शामिल है जिसमें देवी गंगा के साथ-साथ अवसंरचना परियोजना का एक लघु प्रतिनिधित्व भी है।

ये सभी स्मृति चिन्ह मिलकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न पहलुओं को उजागर करता हैं, जिनमें इसकी परंपराएं और इतिहास से लेकर इसकी उपलब्धियां और ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं।

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पीके/केसी/आरटी/एसकेजे/एसवी


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