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प्रधानमंत्री ने कर्तव्यों के प्रति समर्पण के महत्व को दर्शाने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया

प्रविष्टि तिथि: 30 SEP 2026 10:21AM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया।  इस सुभाषितम का अर्थ है अपने कर्तव्यों के प्रति सदैव समर्पित रहने वाले व्‍यक्ति सर्वोच्च सिद्धि प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि लगन और सत्‍यनिष्‍ठा से अपने कर्तव्यों का पालन करने वाले व्‍यक्तियों को यह जानना चाहिए कि समर्पित कर्म किस प्रकार से सर्वोच्च सिद्धि की ओर ले जा सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा किया–

“स्वे स्वे कर्मण्यभिरतः संसिद्धिं लभते नरः।

स्वकर्मनिरतः सिद्धिं यथा विन्दति तच्छृणु॥”

सुभाषितम् का अर्थ है कि अपने कर्तव्यों के प्रति सदैव समर्पित रहने वाले व्‍यक्ति सर्वोच्च सिद्धि प्राप्त करते हैं। लगन और सत्‍यनिष्‍ठा से अपने कर्तव्यों का पालन करने वाले व्‍यक्तियों को यह सीखना चाहिए कि समर्पित कर्म किस प्रकार से उन्‍हें सर्वोच्च सिद्धि की ओर ले जा सकते हैं।

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पीके/केसी/आरटी/एसएस/जीआरएस

 


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