कोयला मंत्रालय
इंडिया माइनिंग वीक 2026 में 'इंडिया माइनिंग: ग्लोबल कनेक्ट' के लिए 19 देशों के राजनयिक मिशन एक साथ आए
अंतरराष्ट्रीय संपर्क सम्मेलन में खनन, महत्वपूर्ण खनिजों और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश-स्तरीय भागीदारी, निवेश के अवसरों और सहयोग पर चर्चा की गई।
प्रविष्टि तिथि:
30 SEP 2026 2:16PM by PIB Delhi
भारत के खनन और खनिज क्षेत्र के लिए आयोजित सबसे बड़े सम्मेलन-सह-प्रदर्शनी, इंडिया माइनिंग वीक 2026 ने 'इंडिया माइनिंग: ग्लोबल कनेक्ट' की मेजबानी की। इस अंतरराष्ट्रीय संवाद सत्र में 19 देशों के राजनयिक मिशनों के प्रतिनिधि भारत के खनन और खनिज क्षेत्र में अधिक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और सहयोग के अवसरों पर चर्चा करने के लिए शामिल हुए।
इस संवाद सत्र का आयोजन कोयला मंत्रालय और खान मंत्रालय द्वारा खनन उद्योग के सहयोग से 15-17 नवंबर 2026 को यशोभूमि, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इंडिया माइनिंग वीक 2026 की तैयारियों के हिस्से के रूप में किया गया था।
इस संवाद सत्र की मेजबानी कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे और कोयला मंत्रालय की अपर सचिव श्रीमती रुपिंदर बराड़ ने की। इसमें भाग लेने वाले राजनयिक मिशनों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने खनन एवं खनिज इकोसिस्टम के हितधारकों के साथ मिलकर इंडिया माइनिंग वीक 2026 में देश-स्तरीय सहभागिता के अवसरों पर चर्चा की।
कोयला और खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने इंडिया माइनिंग वीक 2026 में वैश्विक खनन समुदाय से सक्रिय सहयोग और भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने भागीदार देशों को प्रमुख खनन कंपनियों, बड़े निवेशकों और प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों की भागीदारी को सुगम बनाने के लिए आमंत्रित किया और इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की भागीदारी पारस्परिक रूप से लाभकारी होगी और खनन एवं खनिज क्षेत्र में सहयोग के अवसरों को और मजबूत करेगी।
श्री सतीश चंद्र दुबे ने साझेदार देशों के खनन मामलों के मंत्रियों के साथ-साथ प्रमुख निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों की भागीदारी सहित व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहभागिता सुनिश्चित करने में अपनी गहरी रुचि व्यक्त की। उन्होंने सभी गणमान्य व्यक्तियों और हितधारकों को 15 नवंबर को नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में आयोजित होने वाले इंडिया माइनिंग वीक 2026 के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
कोयला मंत्रालय की अपर सचिव श्रीमती रुपिंदर बराड़ ने इस अवसर पर कहा, "वसुधैव कुटुंबकम" के शाश्वत भारतीय आदर्श का आह्वान किया और वैश्विक खनन क्षेत्र के भविष्य को आकार देने वाली साझेदारी और सहयोग की भावना पर प्रकाश डाला। भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में प्रगति कर रहा है, ऐसे में खनन और खनिज क्षेत्र देश के विकास और वैश्विक महत्वाकांक्षाओं को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने नवंबर में आयोजित होने वाले इंडिया माइनिंग वीक 2026 के मद्देनजर, वैश्विक खनन समुदाय को एक साथ आने, विचारों का आदान-प्रदान करने, विशेषज्ञता साझा करने और सहयोग के अवसरों का पता लगाने के लिए आमंत्रित किया। सुश्री बराड़ ने इस बात पर बल दिया कि भारत एक अधिक नवोन्मेषी, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर जुड़े खनन क्षेत्र को आकार देने के लिए विश्व भर के भागीदारों के विचारों, अनुभवों और समर्थन की प्रतीक्षा कर रहा है।
इस संवाद सत्र में मलावी, श्रीलंका, मोज़ाम्बिक, अल्जीरिया, अमेरिका, चिली, भूटान, इंडोनेशिया, इथियोपिया, रूस, इराक, मोरक्को, वेनेजुएला, स्पेन, पोलैंड, मंगोलिया, ज़ाम्बिया, फ्रांस, घाना और यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
संवाद सत्र में देश के प्रतिनिधिमंडलों, सरकारी और संस्थागत प्रतिनिधियों, व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडलों, वक्ताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, खनन और खनिज कंपनियों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, उपकरण निर्माताओं, निवेशकों, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग संघों के माध्यम से संभावित भागीदारी पर विचार-विमर्श किया गया।
इस संवाद सत्र के दौरान इंडिया माइनिंग वीक 2026 के दायरे और कार्यक्रम को साझा करने और महत्वपूर्ण खनिजों, खनिज अन्वेषण, खनन प्रौद्योगिकी, भारी खनन उपकरण, नवाचार, निवेश, व्यापार और संसाधन विकास जैसे पारस्परिक हित के क्षेत्रों पर चर्चा की गई। इसमें भाग लेने वाले मिशनों को अपने-अपने देशों की संबंधित कंपनियों, सरकारी एजेंसियों, संस्थानों और उद्योग निकायों की भागीदारी को सुगम बनाने के लिए आमंत्रित किया गया था।
भारत द्वारा महत्वपूर्ण खनिजों, संसाधन सुरक्षा, अवसंरचना विकास और घरेलू विनिर्माण पर ध्यान केंद्रित करने के साथ, खनन मूल्य श्रृंखला में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। इंडिया माइनिंग वीक 2026 विभिन्न देशों और कंपनियों को अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने, व्यावसायिक अवसरों का पता लगाने और भारतीय नीति निर्माताओं, खनन कंपनियों, निवेशकों और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं के लिए एक मंच प्रदान करेगा।
तीन दिवसीय इंडिया माइनिंग वीक 2026 में 25,000 से अधिक उद्योग पेशेवर और निर्णयकर्ता, 500 से अधिक प्रदर्शक और प्रौद्योगिकी प्रदाता, 200 से अधिक वक्ता और उद्योग विशेषज्ञ, 100 से अधिक सम्मेलन सत्र और तकनीकी प्रस्तुतियाँ, 1,000 से अधिक सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के प्रतिनिधि और 300 से अधिक खनन और खनिज कंपनियां एक साथ आएंगी , जिसमें 50 से अधिक देशों की भागीदारी की उम्मीद है ।
इस आयोजन में एक उच्च स्तरीय सम्मेलन, अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी, तकनीकी सत्र, नेतृत्व संवाद, एक के बाद एक बैठकें, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और उत्पाद शामिल होंगे। इसके साथ ही कोयला, धातु, महत्वपूर्ण खनिज, अन्वेषण, खनन प्रौद्योगिकी, स्वचालन, खान सुरक्षा, स्थिरता, खनिज को शुद्ध रूप में प्राप्त करना और संसाधन दक्षता जैसे विषयों पर चर्चा भी होगी।
'इंडिया माइनिंग: ग्लोबल कनेक्ट' संवाद सत्र, इंडिया माइनिंग वीक 2026 से पहले चलाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय पहुंच कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत नवंबर में होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों, खनन कंपनियों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, निवेशकों और उद्योग संगठनों के साथ और अधिक जुड़ाव की योजना बनाई गई ।
इंडिया माइनिंग वीक 2026 के बारे में अधिक जानकारी के लिए, यहां क्लिक करें https://www.indiaminingweek.org/
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(रिलीज़ आईडी: 2317036)
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