कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग - भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026: सहभागिता से विकसित भारत की ओर
प्रविष्टि तिथि:
01 OCT 2026 3:09PM by PIB Delhi
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-आईसीएआर, अपने अधीन 114 संस्थानों, क्षेत्रीय केंद्रों, कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थानों और कृषि विज्ञान केंद्रों के साथ मिलकर 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत विषय के साथ आयोजित पखवाड़े भर चलने वाले स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 में भाग ले रहा है। यह अभियान आईसीएआर प्रणाली के पांच-स्तंभीय ढांचे और तिथिवार कार्य योजना के शब्दशः और भावनानुसार कार्यान्वित हो रहा है। अपर सचिव और वित्तीय सलाहकार सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग सचिव और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद महानिदेशक द्वारा 17 सितंबर 2026 को दिलाई गई स्वच्छता शपथ के साथ इसका प्रारंभ हुआ जिसे देश भर के आईसीएआर संस्थानों और प्रतिष्ठानों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा शुरू किया गया।
व्यापक प्रचार-प्रसार और पहुंच के लिए, अभियान के अंतर्गत की गई गतिविधियों पर आईसीएआर मुख्यालय द्वारा प्रेस विज्ञप्तियां जारी की गई हैं। आईसीएआर के संस्थान और प्रतिष्ठान भी स्थानीय प्रिंट मीडिया, बैनर प्रदर्शन और अन्य संचार माध्यमों द्वारा स्वतंत्र रूप से प्रचार और लोगों तक स्वच्छता संदेश पहुंचा रहे हैं। मुख्यालय और संस्थागत स्तर पर अभियान और इसकी गतिविधियों की जानकारी फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म द्वारा भी दी जा रही है। इससे स्वच्छता का संदेश आईसीएआर नेटवर्क से परे व्यापक और विविध तौर पर विशेष रूप से डिजिटल रूप से सक्रिय लोगों और जेनरेशन जेड सहित युवा पीढ़ी तक पहुंच रहा है।
पांच स्तंभों पर आधारित प्रमुख गतिविधियां
1. स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों का रूपांतरण और स्वच्छ सार्वजनिक स्थल
इसके अंतर्गत, आईसीएआर के संस्थानों और प्रतिष्ठानों द्वारा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में राजमार्गों के किनारे बस स्टैंड, संस्थानों के परिसर, अनुसंधान क्षेत्र और अन्य सार्वजनिक स्थलों सहित विभिन्न प्रकार की स्वच्छता समस्याओं की पहचान और सुधार का कार्य किया गया है। स्वच्छता अभियानों के साथ ही इन स्थानों का सौंदर्यीकरण और सुधार कार्य भी किया गया है। कर्मचारियों, छात्रों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी से यथा संभव इन स्थानों को अधिक स्वच्छ और योग्य मनभावन बनाया गया है।
2. स्वच्छ पाठशाला: स्वच्छता कार्य में युवाओं की सहभागिता
इस स्तंभ के अंतर्गत, आईसीएआर संस्थानों, कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थानों और कृषि विज्ञान केन्द्र ने स्वच्छता गतिविधियों में छात्रों और युवाओं को सक्रियता से शामिल किया है और स्वच्छता अभियान, जागरूकता गतिविधियों, प्रदर्शनों, प्रतियोगिताओं और अन्य सहभागितापूर्ण पहल द्वारा उनके उमंग और उत्साह का सदुपयोग किया है। युवा प्रतिभागियों में स्वच्छता के मूल्य विकसित करने पर जोर दिया गया है ताकि ये उनके दैनिक आचरण का हिस्सा बनें और अभियान संपन्न होने के बाद भी उनमें कायम रहें।
3. सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर
इस स्तंभ में आईसीएआर संस्थानों और प्रतिष्ठानों ने सफाई मित्रों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, गरिमा और सामाजिक कल्याण पर केंद्रित गतिविधियां आरंभ की हैं। इन प्रयासों में विकसित भारत - ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी योजना-वीबी-ग्रामजी और प्रधानमंत्री आवास योजना-पीएमएवाई जैसी सामाजिक कल्याण योजनाओं के बारे में जागरूकता और उनकी उपलब्धता को बढ़ावा देना, साथ ही सार्वजनिक शौचालयों और अन्य स्वच्छता सुविधाओं की साफ-सफाई शामिल है। इन गतिविधियों का उद्देश्य महात्मा गांधी के इस संदेश को पुष्ट करना है कि कोई भी काम छोटा या महत्वहीन नहीं होता, साथ ही स्वच्छता और सफाई में लगे लोगों की गरिमा और योगदान को मान्यता देना भी है।
4. स्वच्छता हेतु जनभागीदारी
इस स्तंभ के अंतर्गत, आईसीएआर संस्थानों और प्रतिष्ठानों ने स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा दिया है, जिसमें पर्यावरण संबंधी दायित्व और स्वच्छ सार्वजनिक स्थानों के रख-रखाव में लोगों की केन्द्रित भूमिका पर विशेषकर ध्यान दिया गया है। इसमें विसर्जन स्थलों, नदी तटों, घाटों और अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान, स्वच्छ हरित उत्सव, पर्यावरण अनुकूल और शून्य-अपशिष्ट उत्सव, फूलों और चढ़ावों के अपशिष्ट का कंपोस्टिंग (जैविक कचरे को सड़ाकर उपजाऊ खाद बनाने की प्राकृतिक प्रक्रिया) और अन्य सामुदायिक पहल शामिल हैं।
इस अभियान में स्वच्छ पर्यटन स्थलों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संरक्षित स्मारकों, पर्यटन स्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया गया है। इसमें स्वच्छता अभियान और स्मारकों को रोशन कर स्वच्छता संदेश देना शामिल है। इन प्रयासों का उद्देश्य विरासत और पर्यटन स्थलों की स्वच्छता और रखरखाव की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करना है, साथ ही दायित्वपूर्ण पर्यटन को प्रोत्साहित करना और ऐसे स्थानों के रखरखाव में लोगों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना है।
5. स्वच्छता से समृद्धि
इस स्तंभ के अंतर्गत, आईसीएआर के संस्थानों और प्रतिष्ठानों ने अपशिष्ट से कला, कबाड़ से जुगाड़, पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण अभियान, प्लास्टिक-मुक्त पहल और अपशिष्ट पदार्थों के रचनात्मक उपयोग जैसी गतिविधियों द्वारा अपशिष्ट पदार्थों में कमी लाने, इनके पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण के सिद्धांतों को बढ़ावा दिया है। इसके तहत अपशिष्ट को उपयोगी और सौंदर्यपूर्ण उत्पादों में बदलने, दायित्वपूर्ण अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इस संदेश को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया है कि अपशिष्ट को संसाधन में बदला जा सकता है।
दस्तावेजीकरण और रिपोर्टिंग
आईसीएआर नेटवर्क गतिविधियों के दस्तावेजीकरण स्वच्छता ही सेवा-एसएचएस पोर्टल पर दैनिक तस्वीरों के साथ अपलोड किए जा रहे हैं। तस्वीरों सहित संकलित दैनिक रिपोर्ट आईसीएआर वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कृषि ज्ञान प्रबंधन निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट-डीकेएमए को भेजी जा रही हैं, जिससे अभियान की गतिविधियों का नियमित दस्तावेजीकरण और प्रसार सुनिश्चित हो रहा है।
निष्कर्ष और आगे की योजना
यह अभियान 1 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रव्यापी एक दिन, एक घंटा, एक साथ पहल में सामूहिक श्रमदान और स्वच्छता गतिविधियों में भागीदारी के साथ संपन्न होगा, जिसके बाद 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस मनाया जाएगा। समापन समारोह में परिवर्तित स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों और सार्वजनिक स्थलों को प्रदर्शित किया जाएगा, उचित स्वच्छता और श्रमदान गतिविधियों के संचालन में एक पेड़ मां के नाम के तहत वृक्षारोपण और हरित क्षेत्रों को बढ़ावा और योगदानकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। इन गतिविधियों द्वारा आईसीएआर ने स्वच्छता को जनभागीदारी, युवा सहभागिता, पर्यावरणीय दायित्व, स्वच्छता कर्मचारियों की गरिमा और जिम्मेदारी से अपशिष्ट प्रबंधन को एकीकृत करने का प्रयास किया है, साथ ही स्वच्छता के संदेश को संस्थागत परिसरों से परे समुदायों और सार्वजनिक स्थलों तक विस्तारित करते हुए इसे सतत सामूहिक दायित्व के रूप में सुदृढ़ बनाया है।
कैमरे में दर्ज स्वच्छता अभियान की झलकियां:

प्रतिज्ञा
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पहले
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बाद
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एक जिम्मेदार नागरिक+ होने के नाते विसर्जन स्थल की साफ-सफाई

कबाड़ से जुगाड़

कचरे से कला
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पीके/केसी/आरटी/एकेवी/एमपी
(रिलीज़ आईडी: 2317719)
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