वस्त्र मंत्रालय
जॉर्डन के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में सचिव, वस्त्र मंत्रालय से मुलाकात की
भारत और जॉर्डन ने वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की
प्रविष्टि तिथि:
01 OCT 2026 6:46PM by PIB Delhi
जॉर्डन के हशमाइट किंगडम के निवेश मंत्रालय के महासचिव श्री ज़ाहेर अल क़तरनेह के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज नई दिल्ली में सुश्री नीलम शमी राव, सचिव वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार से मुलाकात की। इस बैठक का उद्देश्य वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करना था।
जॉर्डन के प्रतिनिधिमंडल में भारत में जॉर्डन के राजदूत महामहिम श्री यूसुफ अब्देलघानी, निवेश प्रोत्साहन निदेशक सुश्री हया ईमान और निवेश प्रोत्साहन अधिकारी सुश्री नूर मुराद भी शामिल हुए। बैठक में वस्त्र मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ वस्त्र उद्योग के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

बातचीत में द्विपक्षीय व्यापार, स्रोत, निवेश और क्षेत्र में संयुक्त उपक्रमों सहित उद्योग साझेदारियों के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया गया। 2025 में जॉर्डन का विश्व से वस्त्र एवं परिधान आयात लगभग 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि जॉर्डन में भारत का निर्यात लगभग 48 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो 2.4 प्रतिशत कुल हिस्सेदारी के बराबर है और भारत जॉर्डन का चौथा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है।
भारतीय पक्ष ने परिधानों, वस्त्रों, तकनीकी वस्त्रों, सूती वस्त्रों और मेड-अप्स में बढ़े हुए सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया, जिसमें अधिक स्रोत, निवेश और उद्योग साझेदारियों के अवसर शामिल हैं।

दोनों पक्षों ने भारत और जॉर्डन के प्रमुख फ़ैशन, डिज़ाइन एवं टेक्सटाइल संस्थानों के बीच संस्थागत और ज्ञान-संबंधी साझेदारियों को मज़बूत करने के अवसरों पर भी चर्चा की। इसमें छात्र एवं संकाय आदान-प्रदान, डिज़ाइन नवाचार एवं एआई-आधारित फ़ैशन पूर्वानुमान में सहयोग जैसी चीज़ें शामिल हैं।

दोनों पक्षों ने वस्त्र एवं परिधान के क्षेत्र में सहयोग के लिए पहचाने गए मुद्दों पर व्यवस्थित और लगातार बातचीत और आगे की कार्रवाई को आसान बनाने के लिए, पहले से बने संस्थागत तंत्र को फिर से सक्रिय करने की संभावना पर भी चर्चा की।
बैठक सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई, जिसमें दोनों पक्ष द्विपक्षीय रूप से जुड़ने एवं बातचीत के दौरान चिन्हित किए गए सहयोग के क्षेत्रों को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए।
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पीके/केसी/आरटी/एके/डीके
(रिलीज़ आईडी: 2317903)
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