आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
एमओएचयूए (MoHUA) ने किफायती, लचीले और समावेशी आवास को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करते हुए विश्व पर्यावास दिवस 2026 मनाया
विश्व पर्यावास दिवस समारोह में पीएमएवाई-यू (PMAY-U) और पीएमएवाई 2.0 (PMAY 2.0) के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सम्मानित किया गया
प्रविष्टि तिथि:
05 OCT 2026 9:10PM by PIB Delhi
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने ‘सभी के लिए पर्याप्त आवास’ विषय पर विश्व पर्यावास दिवस 2026 मनाया, जिसमें नवाचार, नीतिगत सुधारों, प्रौद्योगिकी और सतत वित्तपोषण के माध्यम से शहरी आवास पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
कार्यक्रम में आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री, श्री तोखन साहू मुख्य अतिथि थे। शहरी विकास विभाग, एमओएचयूए (MoHUA) के सचिव, श्री सतेंद्र सिंह; पूंजी विकास विभाग, एमओएचयूए (MoHUA) की सचिव, श्रीमती डी. थारा; संयुक्त सचिव और मिशन निदेशक (JS&MD), सभी के लिए आवास/आवास प्रभाग, श्री कुमार रविकांत सिंह, यूएन-हैबिटेट के प्रतिनिधि, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिव तथा अन्य हितधारक भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। कार्यक्रम में यूएन एजेंसियों, हुडको (HUDCO), एनएचबी (NHB) सहित अन्य की भागीदारी रही।

इस समारोह ने सुरक्षित, किफायती, समावेशी और गरिमापूर्ण आवास तक पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में भारत के निरंतर प्रयासों को उजागर करने के लिए एक मंच प्रदान किया। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (पीएमएवाई-यू) और पीएमएवाई-यू 2.0 के उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशा में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और अन्य हितधारकों के योगदान को भी मान्यता दी गई।
कार्यक्रम में “सभी के लिए आवास” के उद्देश्य को प्राप्त करने की दिशा में की जा रही प्रगति और अपनाए जा रहे विभिन्न दृष्टिकोणों को प्रदर्शित किया गया, जिसमें पीएमएवाई-यू और पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां शामिल हैं। पीएमएवाई-यू पुरस्कार 2026 के तहत, पीएमएवाई-यू और पीएमएवाई-यू 2.0 के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, आवास पहलों, जिसमें किराये के आवास भी शामिल हैं, के कार्यान्वयन में उनके प्रदर्शन को मान्यता देते हुए शहरी स्थानीय निकायों (ULBs), भागीदार एजेंसियों/हितधारकों को भी सम्मानित किया गया।
पुरस्कारों की सूची इस प्रकार है:
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क्र. सं.
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पुरस्कार
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राज्य/केंद्र शासित प्रदेश/शहरी स्थानीय निकाय
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राज्य स्तरीय पुरस्कार
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1
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पीएमएवाई-यू के तहत कुल स्वीकृत आवासों की तुलना में BLC आवासों को सर्वाधिक पूरा करने वाला राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
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1.उत्तर प्रदेश
2.गुजरात
3.मध्य प्रदेश
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पीएमएवाई-यू के तहत कुल स्वीकृत आवासों की तुलना में BLC आवासों को सर्वाधिक पूरा करने वाला राज्य/केंद्र शासित प्रदेश (पूर्वोत्तर, पहाड़ी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश)
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1.अरुणाचल प्रदेश
2.नागालैंड
3.लद्दाख
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2
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पीएमएवाई-यू के तहत कुल स्वीकृत आवासों की तुलना में AHP आवासों को सर्वाधिक पूरा करने वाला राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
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दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव (DNH & DD)
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3
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पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत कुल स्वीकृत आवासों की तुलना में सर्वाधिक संख्या में ग्राउंडिंग करने वाला राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
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1.आंध्र प्रदेश
2.बिहार
3.उत्तर प्रदेश
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पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत कुल स्वीकृत आवासों की तुलना में सर्वाधिक संख्या में ग्राउंडिंग करने वाला राज्य/केंद्र शासित प्रदेश (पूर्वोत्तर, पहाड़ी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश)
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1.अरुणाचल प्रदेश
2.उत्तराखंड
3.पुडुचेरी
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विशेष मान्यता पुरस्कार
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1
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आईएसएस के तहत सर्वाधिक संख्या में ऋण स्वीकृत करने के लिए सर्वश्रेष्ठ पीएलआई पुरस्कार
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एचडीएफसी बैंक
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2
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नगर नियोजन योजना (टीपीएस) प्रक्रिया की सर्वोत्तम कार्यप्रणाली
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गुजरात
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3
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शेल्टर फंड प्रैक्टिस की सर्वोत्तम कार्यप्रणाली
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तमिलनाडु
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4
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एएचपी वर्टिकल के लिए निजी कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस/एलआईजी के लिए अनिवार्य भूमि आरक्षण की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां
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छत्तीसगढ़
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5
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पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत सबसे तेजी से पूर्ण की गई एआरएच परियोजना (नायडुपेटा, तिरुपति शहरी विकास प्राधिकरण, आंध्र प्रदेश)
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प्रीमियर एनर्जी ग्लोबल एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड
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6
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एआरएचसी के तहत सर्वाधिक संख्या में आवास पूर्ण और परिचालन में लाने वाली सार्वजनिक एजेंसी
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तमिलनाडु/सिपकॉट (18,720 बेड)
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7
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एआरएचसी के तहत सर्वाधिक संख्या में आवास पूर्ण और परिचालन में लाने वाली निजी एजेंसी
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एसपीआर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (11,154 बेड)
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8
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पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत बड़े राज्यों में लक्ष्य के मुकाबले सर्वाधिक प्रतिशत आवास स्वीकृत करने के लिए विशेष मान्यता पुरस्कार
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बिहार
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9
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पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत सर्वाधिक संख्या में सुधार हासिल करने वाला राज्य
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गुजरात
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यूएलबी स्तर के पुरस्कार
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1
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पीएमएवाई-यू के तहत कुल स्वीकृत आवासों की तुलना में BLC आवासों को सर्वाधिक पूरा करने वाला यूएलबी (1–5 लाख जनसंख्या)
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उलूबेरिया, पश्चिम बंगाल
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पीएमएवाई-यू के तहत कुल स्वीकृत आवासों की तुलना में बीएलसी आवासों को सर्वाधिक पूरा करने वाला यूएलबी (1 लाख से कम जनसंख्या)
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कैलाशहर, त्रिपुरा
खोवाई, त्रिपुरा
वारासिवनी, मध्य प्रदेश
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इस कार्यक्रम में ‘सभी के लिए आवास’ से संबंधित सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर वीडियो भी प्रस्तुत किए गए, जिससे देशभर में अपनाए जा रहे नवाचारपूर्ण दृष्टिकोणों और अनुभवों को प्रदर्शित करने का अवसर मिला, ताकि अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा उन्हें आगे दोहराया जा सके।
यह भी घोषणा की गई कि प्रधानमंत्री आवास योजना - शहरी के तहत राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, यूएलबी और भागीदार एजेंसियों/हितधारकों के अनुकरणीय योगदान और उपलब्धियों को मान्यता देने तथा उनका उत्सव मनाने के लिए पीएमएवाई-यू पुरस्कारों को संस्थागत रूप दिया जा रहा है। इसके अलावा, ये पुरस्कार प्रत्येक वर्ष विश्व पर्यावास दिवस के अवसर पर प्रदान किए जाएंगे, जिसमें ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में नवाचारपूर्ण कार्यप्रणालियों, प्रभावी कार्यान्वयन और उत्कृष्ट प्रयासों को रेखांकित किया जाएगा। यह वार्षिक सम्मान स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को और प्रोत्साहित करेगा, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देगा और हितधारकों को देशभर में किफायती तथा गुणवत्तापूर्ण आवास की उपलब्धता को और सुदृढ़ करने के लिए प्रेरित करेगा।


इस कार्यक्रम के अवसर पर एमओएचयूए के अंतर्गत आने वाले संगठनों के प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया, जिसमें हुडको, एनसीएचएफ, एनएचबी, सीजीईडब्ल्यूएचओ, हुडको और बीएमटीपीसी शामिल थे। प्रकाशनों के विमोचन के अलावा, इस अवसर को स्मरणीय बनाने के लिए एनएचबी, हुडको और बीएमटीपीसी द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्कूली बच्चों, जिसमें विशेष रूप से सक्षम बच्चे भी शामिल थे, के लिए आयोजित चित्रकला प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरण समारोह भी आयोजित किया गया।


इस कार्यक्रम में एक मोबाइल एप्लिकेशन तथा पीएमएवाई-यू और पीएमएवाई-यू 2.0 की पुनर्निर्मित वेबसाइटों का शुभारंभ भी किया गया, जिसका उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सूचना तक पहुंच को सुदृढ़ करना और लाभार्थियों के अनुभव को बेहतर बनाना है।

विश्व पर्यावास दिवस कार्यक्रम ने उभरती शहरी आवास संबंधी चुनौतियों और संभावित समाधानों पर व्यापक विचार-विमर्श के लिए एक मंच भी प्रदान किया। तीन अलग-अलग तकनीकी सत्रों में किराये के आवास, नियामक ढांचे तथा किफायती आवास प्रौद्योगिकियों और वित्तपोषण पर ध्यान केंद्रित किया गया। इन सत्रों में हितधारकों ने पर्याप्त और किफायती आवास तक पहुंच का विस्तार करने के उपायों पर चर्चा की।
उभरती शहरी आवास संबंधी चुनौतियों पर विचार-विमर्श के लिए तकनीकी सत्र
इसमें किराये के आवास, आवास में मांग-आपूर्ति के अंतर को पाटने तथा किफायती आवास क्षेत्र में नवाचारपूर्ण निर्माण प्रौद्योगिकियों की भूमिका जैसे विषयों पर विषयगत तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों, वित्तीय संस्थानों, उद्योग जगत के हितधारकों और अन्य भागीदारों को एक साथ लाया गया, ताकि एक मजबूत और अधिक टिकाऊ आवास पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों और अवसरों पर विचार-विमर्श किया जा सके।
तकनीकी विचार-विमर्श तीन क्षेत्रों पर केंद्रित रहा:
1. किराये के आवास की क्षमता को साकार करने के लिए संरचनात्मक चुनौतियां और सक्षमकारी उपाय: इस सत्र में शहरी क्षेत्रों में किराये के आवास की उपलब्धता और विस्तार को प्रभावित करने वाली संरचनात्मक और संस्थागत चुनौतियों का अध्ययन किया गया। चर्चा में किफायती किराये के आवास के लिए एक सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें उपयुक्त नियामक ढांचे, भूमि और बुनियादी ढांचे की उपलब्धता, निवेश तंत्र, प्रभावी संपत्ति प्रबंधन तथा सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के हितधारकों की अधिक भागीदारी शामिल है।
विचार-विमर्श में शहरी प्रवासियों, श्रमिकों, छात्रों, कामकाजी महिलाओं तथा शहरी आबादी के अन्य गतिशील और कमजोर वर्गों के लिए किराये के आवास को एक व्यवहार्य और सम्मानजनक आवास विकल्प के रूप में सुदृढ़ करने के उपायों पर भी चर्चा की गई।
2. आवास में मांग-आपूर्ति के अंतर को पाटने के लिए नियामक उपाय: दूसरे सत्र में शहरी क्षेत्रों में किफायती आवास की मांग और आपूर्ति के बीच लगातार बने अंतर को दूर करने के लिए आवश्यक नियामक और नीतिगत उपायों पर ध्यान केंद्रित किया गया। विचार-विमर्श में अनुमोदन प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, प्रभावी भूमि-उपयोग नियोजन, सक्षमकारी विकास नियमों, हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय तथा किफायती आवास की तेजी से उपलब्धता को सुगम बनाने के उपायों की आवश्यकता पर चर्चा की गई।
3. सुदृढ़ और किफायती आवास के विस्तार के लिए कम लागत वाली स्वदेशी प्रौद्योगिकियां और वित्तपोषण साधन: तीसरे सत्र में आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ-साथ गुणवत्ता, सुदृढ़ता, संसाधन दक्षता और किफायतीपन में सुधार करने में नवाचारपूर्ण, कम लागत वाली और स्वदेशी निर्माण प्रौद्योगिकियों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया।
चर्चाओं में सुरक्षित, जलवायु-अनुकूल और किफायती आवासों की बड़े पैमाने पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी नवाचार को उपयुक्त वित्तपोषण समाधानों के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
तकनीकी सत्रों में भारत की तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ती आबादी की बदलती आवास आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सरकार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, शहरी स्थानीय निकायों, वित्तीय संस्थानों, निजी क्षेत्र, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, शिक्षा जगत और अन्य हितधारकों को शामिल करते हुए समन्वित दृष्टिकोण की आवश्यकता को रेखांकित किया गया।
विश्व पर्यावास दिवस 2026 समारोह ने यह सुनिश्चित करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया कि प्रत्येक शहरी परिवार को सुरक्षित, किफायती और सम्मानजनक आवास उपलब्ध हो, जिससे समावेशी और विकसित भारत के व्यापक दृष्टिकोण में योगदान मिल सके।
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पीके/केसी/आरटी/एके
(रिलीज़ आईडी: 2319441)
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