संचार मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

वर्ष 2025-26 के लिए "भारतीय दूरसंचार सेवाओं के वार्षिक प्रदर्शन संकेतक"

प्रविष्टि तिथि: 05 OCT 2026 6:36PM by PIB Delhi

ट्राई ने आज वर्ष 2025-26 के लिए “भारतीय दूरसंचार सेवाएं-वार्षिक प्रदर्शन संकेतक” रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट देश में दूरसंचार सेवाओं का व्यापक परिप्रेक्ष्य प्रदान करती है और 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि के लिए दूरसंचार सेवाओं के साथ-साथ केबल टीवी, डीटीएच और रेडियो प्रसारण सेवाओं के प्रमुख मापदंडों और विकास स्थितियों को प्रस्तुत करती है। यह रिपोर्ट मुख्य रूप से सेवा प्रदाताओं द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर संकलित की गई है।

रिपोर्ट का कार्यकारी सारांश नीचे दिया गया है। पूरी रिपोर्ट ट्राई की वेबसाइट www.trai.gov.in पर और इस लिंक http://www.trai.gov.in/release-publication/reports/performance-indicators-reports पर उपलब्ध है। इस रिपोर्ट से संबंधित किसी भी सुझाव या स्पष्टीकरण के लिए, ट्राई के सलाहकार (एफएंडईए) श्री विजय कुमार से दूरभाष संख्या +91-20907773 और ईमेल advfea1@trai.gov.in पर संपर्क किया जा सकता है।

 

कार्यकारी सारांश

  1. मार्च 2025 के अंत में इंटरनेट ग्राहकों की कुल संख्या 969.10 मिलियन से बढ़कर मार्च 2026 के अंत में 1092.79 मिलियन हो गई, जिसमें वार्षिक वृद्धि दर 12.76 प्रतिशत रही। कुल 1092.79 मिलियन इंटरनेट ग्राहकों में से, मार्च 2026 के अंत में ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 1065.88 मिलियन और नैरोबैंड ग्राहकों की संख्या 26.91 मिलियन थी।

31 मार्च 2026 तक इंटरनेट सब्सक्रिप्शन का संयोजन

 

  1. ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या मार्च 2025 के अंत में 944.12 मिलियन से बढ़कर मार्च 2026 के अंत में 1,065.88 मिलियन हो गई, जिसमें वार्षिक वृद्धि दर 12.90 प्रतिशत रही। इसी प्रकार, नैरोबैंड ग्राहकों की संख्या भी मार्च 2025 के अंत में 24.98 मिलियन से बढ़कर मार्च 2026 के अंत में 26.91 मिलियन हो गई, जिसमें वार्षिक वृद्धि दर 7.72 प्रतिशत रही।
  2. वायरलेस सेवा के लिए प्रति माह औसत राजस्व प्रति उपयोगकर्ता (एआरपीयू) 2024-25 में 174.46 रूपए से बढ़कर 2025-26 में 180.73 रूपए हो गया, जिससे 3.59 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की गई।
  3. वर्ष 2025-26 के दौरान, प्रीपेड सेवा के लिए प्रति माह औसत राजस्व प्रति उपयोगकर्ता एआरपीयू 190.66 रूपए था और पोस्टपेड सेवा के लिए प्रति माह एआरपीयू 119.76 रूपए था*।
  4. वर्ष 2025-26 के दौरान, प्रति ग्राहक प्रति माह उपयोग के औसत कुल मिनट (एमओयू) 950* थे।
  5. वर्ष 2025-26 के दौरान, पोस्टपेड सेवाओं के लिए प्रति ग्राहक प्रति माह उपयोग के मिनट (एमओयू) 305* थे और प्रीपेड सेवाओं के लिए 1055 थे।
  6. वायरलेस डेटा ग्राहकों की संख्या मार्च 2025 के अंत में 939.51 मिलियन से बढ़कर मार्च 2026 के अंत में 1026.75 मिलियन हो गई है, जिसमें वार्षिक वृद्धि दर 9.29 प्रतिशत है। इसके अलावा, वायरलेस डेटा के कुल उपयोग की मात्रा भी वर्ष 2024-25 के दौरान 2,28,779 पीबी से बढ़कर वर्ष 2025-26 के दौरान 2,85,376 पीबी हो गई है, जिसमें वार्षिक वृद्धि दर 24.74 प्रतिशत है।
  7. वायरलेस डेटा के उपयोग से कुल राजस्व वर्ष 2024-25 में 2,15,078 रूपए करोड़ से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 2,39,874 रूपए करोड़ हो गया, जिसमें वार्षिक वृद्धि दर 11.53 प्रतिशत रही।
  8. वायरलेस डेटा उपयोग के लिए प्रति जीबी औसत राजस्व प्राप्ति 2024-25 में 8.97 रूपए से घटकर 2025-26 में 8.02 रूपए हो गई, जिसमें वार्षिक गिरावट की दर 10.59 प्रतिशत रही।

नोट: *भारती एयरटेल लिमिटेड (बीएएल) ने पहले की रिपोर्टों में अपने वायरलेस (मोबाइल) ग्राहक आधार में अपने एम2एम सेलुलर ग्राहक आधार को शामिल नहीं किया था, जबकि अन्य ऑपरेटर अपने वायरलेस (मोबाइल) ग्राहक आधार में अपने एम2एम सेलुलर ग्राहक आधार को शामिल कर रहे थे। बीएएल ने अब वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपनी संशोधित रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है जिसमें एम2एम ग्राहक आधार और संबंधित संकेतक शामिल हैं। तदनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बीएएल की संशोधित रिपोर्टों को शामिल करके वायरलेस ग्राहक आधार और संबंधित संकेतकों की गणना की गई है।

  1. प्रति वायरलेस डेटा ग्राहक प्रति माह औसत वायरलेस डेटा उपयोग 2024-25 में 21.53 जीबी से बढ़कर 2025-26 में 25.51 जीबी हो गया, जिसकी वार्षिक वृद्धि दर 18.49 प्रतिशत रही।
  2. भारत में टेलीफोन ग्राहकों की कुल संख्या मार्च 2025 के अंत में 1,200.80 मिलियन से बढ़कर मार्च 2026 के अंत में 1,330.58 मिलियन हो गई, जो 10.81 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्शाती है। भारत में समग्र टेली-घनत्व मार्च 2025 के अंत में 85.04 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2026 के अंत में 93.26 प्रतिशत हो गया, जो 9.66 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर है।
  3. शहरी क्षेत्रों में टेलीफोन कनेक्शन की संख्या मार्च 2025 के अंत में 666.11 मिलियन से बढ़कर मार्च 2026 के अंत में 778.79 मिलियन हो गई, जिसमें वार्षिक वृद्धि दर 16.92 प्रतिशत रही। शहरी टेली-घनत्व भी मार्च 2025 के अंत में 131.45 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2026 के अंत में 151.47 प्रतिशत हो गया, जिसमें वार्षिक वृद्धि दर 15.23 प्रतिशत रही।
  4. ग्रामीण टेलीफोन सदस्यता मार्च 2025 के अंत में 534.69 मिलियन से बढ़कर मार्च 2026 के अंत में 551.79 मिलियन हो गई, जिसमें वार्षिक वृद्धि दर 3.20 प्रतिशत रही और इसी अवधि के दौरान ग्रामीण टेली-घनत्व भी 59.06 प्रतिशत से बढ़कर 60.46 प्रतिशत हो गया।

टेली-घनत्व का रुझान

  1. कुल टेलीफोन सब्सक्रिप्शन में से, ग्रामीण टेलीफोन सब्सक्रिप्शन का हिस्सा मार्च 2025 के अंत में 44.53 प्रतिशत से घटकर मार्च 2026 के अंत में 41.47 प्रतिशत हो गया। निम्नलिखित चार्ट चार वर्षों के लिए टेलीफोन सब्सक्राइबरों के ग्रामीण-शहरी बाजार हिस्से को दर्शाता है।

  1.  मार्च 2026 के अंत तक, कुल 1,330.58 मिलियन टेलीफोन ग्राहकों में से वायरलेस (मोबाइल+एफएव) टेलीफोन ग्राहकों की संख्या 1,282.33 मिलियन और वायरलाइन टेलीफोन ग्राहकों की संख्या 48.25 मिलियन थी। निम्नलिखित चार्ट भारत में वायरलेस और वायरलाइन ग्राहकों की बाजार हिस्सेदारी को दर्शाता है।

वायरलेस और वायरलाइन ग्राहकों के बाजार हिस्सेदारी की संरचना

  1. कुल वायरलेस (मोबाइल+एफएवए) ग्राहकों की संख्या मार्च 2025 के अंत में 1,163.76 मिलियन से बढ़कर मार्च 2026 के अंत में 1,282.33 मिलियन हो गई, जिससे 10.19 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की गई। वर्ष 2025-26 के दौरान, 118.58 मिलियन वायरलेस ग्राहकों की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई।
  2. कुल वायरलेस (मोबाइल+एफएवए) टेलीडेंसिटी मार्च 2025 के अंत में 82.42 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2026 के अंत में 89.88 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण वायरलेस टेलीडेंसिटी 58.67 प्रतिशत से बढ़कर 59.89 प्रतिशत हो गई और शहरी वायरलेस टेलीडेंसिटी भी मार्च 2026 के अंत में 124.83 प्रतिशत से बढ़कर 143.10 प्रतिशत हो गई।
  3. वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों की संख्या मार्च 2025 के अंत में 1,156.99 मिलियन से बढ़कर मार्च 2026 के अंत में 1,265.73 मिलियन हो गई, जिससे 9.40 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की गई । वर्ष 2025-26 के दौरान, वायरलेस ग्राहकों की संख्या में 108.74 मिलियन की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई।
  4. वायरलेस (मोबाइल) टेलीडेंसिटी मार्च 2025 के अंत में 81.94 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2026 के अंत में 88.71 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण वायरलेस टेलीडेंसिटी मार्च 2025 के अंत में 58.40 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2026 के अंत में 59.08 प्रतिशत हो गई और शहरी वायरलेस टेलीडेंसिटी भी इसी अवधि के दौरान 123.99 प्रतिशत से बढ़कर 141.30 प्रतिशत हो गई।
  5. वायरलाइन ग्राहकों की कुल संख्या मार्च 2025 के अंत में 37.04 मिलियन से बढ़कर मार्च 2026 के अंत में 48.25 मिलियन हो गई, जिसमें वार्षिक वृद्धि दर 30.25 प्रतिशत रही।
  6. कुल मिलाकर वायरलाइन टेली-घनत्व मार्च 2025 के अंत में 2.62 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2026 के अंत में 3.38 प्रतिशत हो गया। इसी अवधि के दौरान ग्रामीण वायरलाइन टेली-घनत्व 0.39 प्रतिशत से बढ़कर 0.57 प्रतिशत हो गया और शहरी वायरलाइन टेली-घनत्व भी 6.62 प्रतिशत से बढ़कर 8.37 प्रतिशत हो गया।
  7. सकल राजस्व (जीआर) वर्ष 2024-25 में 3,72,097 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 4,04,067 रुपये करोड़ हो गया, जिसमें वार्षिक वृद्धि दर 8.59 प्रतिशत रही। इसी अवधि में अनुप्रयुक्त सकल राजस्व ( एपीजीआर) भी 3,56,283 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,81,645 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें वार्षिक वृद्धि दर 7.12 प्रतिशत रही। समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) वर्ष 2024-25 में 3,03,025 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 3,34,659 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें वार्षिक वृद्धि दर 10.44 प्रतिशत रही।
  8. पास-थ्रू शुल्क में 13.63 प्रतिशत की कमी आई है, जो वर्ष 2024-25 में 52,879 करोड़ रुपये से घटकर वर्ष 2025-26 में 45,673 करोड़ रुपये हो गया है। सकल राजस्व के प्रतिशत के रूप में पास-थ्रू शुल्क 2025-26 में 11.30 प्रतिशत है, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में यह 14.21 प्रतिशत था।
  9. स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (एसयूसी) में वार्षिक रूप से 6.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो वर्ष 2024-25 में 3,807 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 4,040 करोड़ रुपये हो गया और लाइसेंस शुल्क में भी इसी अवधि के दौरान 10.40 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 24,242 करोड़ रुपये से बढ़कर 26,763 करोड़ रुपये हो गया।

 

 

 

वर्ष 2025-26 के लिए समायोजित सकल राजस्व की सेवावार स्थिति

  1. दूरसंचार सेवाओं के कुल समायोजित सकल राजस्व में एक्सेस सेवाओं का योगदान 83.95 प्रतिशत रहा। एक्सेस सेवाओं में, सकल राजस्व (जीआर), लागू सकल राजस्व (एपीजीआर), समायोजित सकल राजस्व (एजीआर), लाइसेंस शुल्क (एलएफ) और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (एसयूसी) में वर्ष 2025-26 में पिछले वर्ष 2024-25 की तुलना में क्रमशः 7.32 प्रतिशत, 6.77 प्रतिशत, 10.85 प्रतिशत, 10.84 प्रतिशत ​​और 6.26 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, इसी अवधि के दौरान पास थ्रू शुल्क में 16.46 प्रतिशत की कमी आई।
  2. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) द्वारा 31 मार्च, 2026 तक लगभग 917 निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों को केवल अपलिंकिंग/केवल डाउनलिंकिंग/दोनों अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए अनुमति दी गई है। इन 917 स्वीकृत सैटेलाइट टीवी चैनलों में से 908 चैनल भारत में डाउनलिंकिंग के लिए उपलब्ध हैं।
  3. 3 मार्च 2017 के संशोधित टैरिफ आदेश के अनुसार प्रसारकों द्वारा दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में डाउनलिंकिंग के लिए उपलब्ध 908 अनुमत सैटेलाइट टीवी चैनलों में से 31 मार्च 2026 तक 342 सैटेलाइट पे टीवी चैनल उपलब्ध हैं। इन 342 पे चैनलों में से 238 एसडी सैटेलाइट पे टीवी चैनल और 104 एचडी सैटेलाइट पे टीवी चैनल हैं। टीआरएआई को रिपोर्ट किए गए इन पे चैनलों के अलावा, एमआईबी द्वारा अनुमत शेष 566 चैनल फ्री-टू-एयर (एफटीए) चैनल माने जाते हैं।
  4.  31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान, भारत में 4 सशुल्क डीटीएच सेवा प्रदाता थे। 31 मार्च 2026 तक सशुल्क डीटीएच के सक्रिय ग्राहकों की कुल संख्या लगभग 49.05 मिलियन थी, जबकि 31 मार्च 2025 तक यह संख्या 56.92 मिलियन थी। यह दूरदर्शन की निःशुल्क डीटीएच सेवाओं के ग्राहकों के अतिरिक्त है।
  5.  अखिल भारतीय रेडियो (सार्वजनिक प्रसारक) द्वारा संचालित रेडियो स्टेशनों के अलावा, 31 मार्च 2025 तक 113 शहरों में 388 निजी एफएम रेडियो स्टेशन कार्यरत थे, जिनका संचालन 33 निजी एफएम रेडियो प्रसारकों द्वारा किया जा रहा था। 31 मार्च 2026 तक, 120 शहरों में 390 निजी एफएम रेडियो चैनल कार्यरत हैं, जिनका संचालन 31 निजी एफएम रेडियो ऑपरेटरों द्वारा किया जा रहा है।
  6. एफएम रेडियो ऑपरेटरों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विज्ञापन राजस्व 2024-25 में 1818.71 करोड़ रुपये से घटकर 2025-26 में 1616.42 करोड़ रुपये हो गया।
  7. 31 मार्च 2026 तक 564 सामुदायिक रेडियो स्टेशन कार्यरत हैं, जबकि 31 मार्च 2025 तक 531 सामुदायिक रेडियो स्टेशन कार्यरत थे।

स्नैपशॉट

(31 मार्च 2026 तक के आंकड़े)

दूरसंचार ग्राहक (वायरलेस + वायरलाइन)

कुल ग्राहक

1,330.58 मिलियन

पिछले वर्ष की तुलना में प्रतिशत परिवर्तन

10.81 प्रतिशत

शहरी ग्राहक

778.79 मिलियन

ग्रामीण ग्राहक

551.79 मिलियन

निजी ऑपरेटरों की बाजार हिस्सेदारी

92.32 प्रतिशत

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम संचालकों की बाजार हिस्सेदारी

7.68 प्रतिशत

टेली घनत्व

93.26 प्रतिशत

शहरी टेली-घनत्व

151.47 प्रतिशत

ग्रामीण टेली-घनत्व

60.46 प्रतिशत

टेली-डेंसिटी (एम2एम सेलुलर मोबाइल के बिना)

84.57 प्रतिशत

वायरलेस ग्राहक

वायरलेस (मोबाइल) ग्राहक

1,265.73 मिलियन

वायरलेस (मोबाइल) ग्राहक (एम2एम को छोड़कर)

1,141.85 मिलियन

वायरलेस (एफडब्‍ल्‍यूए) ग्राहक

16.61 मिनट

कुल वायरलेस (मोबाइल+एफएवए) ग्राहक

1,282.33 मिलियन

पिछले वर्ष की तुलना में प्रतिशत परिवर्तन

10.19 प्रतिशत

शहरी ग्राहक

735.73 मिलियन

ग्रामीण ग्राहक

546.60 मिलियन

निजी क्षेत्र के संचालकों की बाजार हिस्सेदारी

92.74 प्रतिशत

सार्वजनिक क्षेत्र के संचालकों की बाजार हिस्सेदारी

7.26 प्रतिशत

टेली घनत्व

89.88 प्रतिशत

शहरी टेली-घनत्व

143.10 प्रतिशत

ग्रामीण टेली-घनत्व

59.89 प्रतिशत

टेली-डेंसिटी (एम2एम सेलुलर मोबाइल के बिना)

81.19 प्रतिशत

कुल सार्वजनिक मोबाइल रेडियो ट्रंक सेवाओं (पीएमआरटीएस) की संख्या

66,325

बहुत छोटे एपर्चर टर्मिनलों (वीएसएटी) की संख्या

2,01,239

वायरलाइन ग्राहक

कुल वायरलाइन ग्राहक

48.25 मिनट

पिछले वर्ष की तुलना में प्रतिशत परिवर्तन

30.25 प्रतिशत

शहरी ग्राहक

43.06 मिनट

ग्रामीण ग्राहक

5.19 मिनट

निजी ऑपरेटरों की बाजार हिस्सेदारी

81.16 प्रतिशत

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम संचालकों की बाजार हिस्सेदारी

18.84 प्रतिशत

टेली घनत्व

3.38 प्रतिशत

ग्रामीण टेली-घनत्व

0.57 प्रतिशत

शहरी टेली-घनत्व

8.37 प्रतिशत

सार्वजनिक कॉल कार्यालयों (पीसीओ) की संख्या

5167

 

इंटरनेट/ब्रॉडबैंड ग्राहक

कुल इंटरनेट ग्राहक

1092.79 मिलियन

पिछले वर्ष की तुलना में प्रतिशत परिवर्तन

12.76 प्रतिशत

ब्रॉडबैंड ग्राहक

1065.88 मिलियन

नैरोबैंड ग्राहक

26.91 मिलियन

वायर्ड इंटरनेट ग्राहक

46.54 मिनट

वायरलेस इंटरनेट ग्राहक

1046.26 मिलियन

शहरी इंटरनेट ग्राहक

651.93 मिलियन

ग्रामीण इंटरनेट ग्राहक

440.87 मिलियन

 

एम

प्रति 100 जनसंख्या पर कुल इंटरनेट ग्राहक

76.59

प्रति 100 जनसंख्या पर शहरी इंटरनेट ग्राहकों की संख्या

126.80

प्रति 100 जनसंख्या पर ग्रामीण इंटरनेट ग्राहकों की संख्या

48.31

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दूरसंचार वित्तीय आंकड़े

सकल राजस्व (जीआर)

4,04,067 करोड़ रुपये

पिछले वर्ष की तुलना में जीआर में प्रतिशत परिवर्तन

8.59 प्रतिशत

लागू सकल राजस्व (एपीजीआर)

3,81,645 करोड़ रुपये

पिछले वर्ष की तुलना में एपीजीआर में प्रतिशत परिवर्तन

7.12 प्रतिशत

समायोजित सकल राजस्व (एजीआर)

3,34,659 करोड़ रुपये

पिछले वर्ष की तुलना में वार्षिक वृद्धि दर (एजीआर) में प्रतिशत परिवर्तन

10.44 प्रतिशत

सार्वजनिक क्षेत्र के संचालकों की एजीआर तक पहुंच में हिस्सेदारी

3.02 प्रतिशत

प्रसारण और केबल सेवाएं

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा केवल अपलोडिंग/केवल डाउनलोडिंग/दोनों अपलोडिंग और डाउनलोडिंग के लिए अनुमत निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों की संख्या।

917

पे टीवी चैनलों की संख्या

342

निजी एफएम रेडियो स्टेशनों की संख्या (ऑल इंडिया रेडियो को छोड़कर)

390

एफएम रेडियो विज्ञापन राजस्व (2025-26)

 

1616.42 करोड़

निजी डीटीएच ऑपरेटरों के साथ सक्रिय सशुल्क ग्राहकों की संख्या

49.05 मिनट

कार्यरत सामुदायिक रेडियो स्टेशनों की संख्या

564

पे डीटीएच ऑपरेटरों की संख्या

4

राजस्व एवं उपयोग संबंधी मापदंड (वर्ष 2025-26 के लिए)

वायरलेस सेवा के लिए मासिक एआरपीयू

180.73 रुपये

पिछले वर्ष की तुलना में एआरपीयू में परिवर्तन

3.59 प्रतिशत

प्रति ग्राहक प्रति माह उपयोग के मिनट (समझौता ज्ञापन)- वायरलेस सेवा

950.11 मिनट

वायरलेस सेवाओं के लिए प्रति डेटा ग्राहक प्रति माह वायरलेस डेटा से होने वाली औसत आय

245.66 रुपये

वायरलेस डेटा उपयोग के लिए प्रति जीबी औसत राजस्व प्राप्ति

8.02 रुपये

प्रति वायरलेस डेटा ग्राहक प्रति माह औसत वायरलेस डेटा उपयोग

25.51 जीबी

 

***

पीके/केसी/आरटी/एसएस/एमयू


(रिलीज़ आईडी: 2319498) आगंतुक पटल : 46
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Tamil , Urdu