रक्षा मंत्रालय
डीआरडीओ ने उच्च ऊंचाई वाले प्लेटफॉर्म का सफल उड़ान परीक्षण किया
प्रविष्टि तिथि:
06 OCT 2026 3:33PM by PIB Delhi
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने स्वदेशी रूप से विकसित उच्च ऊंचाई वाले प्लेटफॉर्म (एचएपीएस) का सफल उड़ान परीक्षण किया है। प्रायोगिक उड़ान के दौरान इस प्लेटफार्म ने समुद्र तल से 21 किलोमीटर ऊपर (एएमएसएल) की ऊंचाई प्राप्त की और जमीन पर वापस उतरने का निर्देश दिए जाने से पहले 30 मिनट से अधिक समय तक समुद्र तल से 20 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना रहा। इस सिस्टम को सफलतापूर्वक वापस प्राप्त किया गया और उड़ान के दौरान प्रदर्शन संबंधी आकंड़ों का विश्लेषण किया गया।
पूरी उड़ान के दौरान एयरबोर्न प्लेटफॉर्म से वास्तविक समय के वीडियों आंकड़े और व्हीकल से संबंधित अन्य सभी पैरामीटर ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर प्राप्त किए गए। इन आकंड़ो से निर्धारित उड़ान प्रदर्शन की पुष्टि हुई। इस प्रणाली में जड़त्वीय मापन इकाई, ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम रिसीवर, ऑनबोर्ड कैमरे, ऊंचाई नियंत्रण तंत्र सहित विभिन्न उपकरण और नियंत्रण इलेक्ट्रॉनिक पैकेज तथा अन्य उप-प्रणालियां लगाई गई थीं। यह परीक्षण विभिन्न एजेंसियों जैसे कि भारतीय वायु सेना, सीईएमआईएलएसी, डीजीसीए, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और अन्य नागरिक प्राधिकरणों के समन्वय से किया गया।
उच्च ऊंचाई वाला प्लेटफार्म- एक हवा से हल्की प्रणाली है- जिसे लंबे समय तक परिचालन में सक्षम समतापमंडलीय हवाई निगरानी प्लेटफार्म के रूप में डिजाइन और विकसित किया जा रहा है। आगरा स्थित एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (एडीआरडीई) द्वारा किया जा रहा है।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने उच्च ऊंचाई वाले प्लेटफॉर्म के सफल उड़ान परीक्षण के लिए डीआरडीओ, भारतीय वायु सेना, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और उद्योग जगत को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफल परीक्षण लंबे समय तक परिचालन में सक्षम समताप मंडलीय एयरशिप के निर्माण की दिशा में भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ यात्रा की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
रक्षा सचिव तथा रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष श्री राजेश कुमार सिंह ने उच्च ऊंचाई वाले एयरशिप प्लेटफॉर्म के उड़ान परीक्षण से जुड़ी टीमों को बधाई दी है।
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पीके/केसी/आरटी/आईएम/एमबी
(रिलीज़ आईडी: 2319605)
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