लोकसभा सचिवालय
सशक्त लोकतंत्र संवाद, विविध विचारों और सार्थक जनभागीदारी पर आधारित होता है: लोकसभा अध्यक्ष
प्रौद्योगिकी और युवाओं की भागीदारी लोकतंत्र को एक नया आयाम दे सकती है: लोकसभा अध्यक्ष
लोकसभा अध्यक्ष ने नवाचारों को अपनाने में राज्य विधानमंडलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का आह्वान किया
गोवा ने अपनी विरासत और प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण के साथ आर्थिक विकास का सार्थक संतुलन बनाया है: लोकसभा अध्यक्ष
गोवा विधानसभा को युवाओं, महिलाओं और नागरिकों की अधिक भागीदारी के साथ 25 वर्षों का रोडमैप तैयार करना चाहिए: लोकसभा अध्यक्ष
लोकसभा अध्यक्ष ने गोवा विधानसभा भवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित रजत जयंती समारोह के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया
प्रविष्टि तिथि:
06 OCT 2026 8:42PM by PIB Delhi
गोवा के राज्यपाल श्री पुसापति अशोक गजपति राजू ने आज गोवा विधानसभा भवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित रजत जयंती समारोह का उद्घाटन किया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने इस बात पर जोर दिया कि सशक्त लोकतंत्र संवाद, विविध विचारों और सार्थक जनभागीदारी पर आधारित होता है। यह उल्लेख करते हुए कि विधानमंडल चर्चा, संवाद, बहस और विविध विचारों के आदान-प्रदान के मंच हैं, उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तब अधिक मजबूत होता है जब सहमति के साथ-साथ असहमति के लिए भी स्थान होता है और जब विधायी प्रक्रिया में विविध दृष्टिकोण शामिल किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक ताकत अपनी संस्थाओं की विविध विचारों और दृष्टिकोणों को समाहित करने की क्षमता पर निर्मित हुई है।
वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते कद का उल्लेख करते हुए श्री बिरला ने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक अनुभव और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता ने विश्व में देश की आवाज को मजबूत किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत 'वसुधैव कुटुंबकम' के सभ्यतागत मूल्यों को अपनाते हुए वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की ताकत अंततः इस बात में दिखाई देनी चाहिए कि लोगों की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को नीतियों, कानूनों और प्रभावी शासन में किस प्रकार परिवर्तित किया जाता है। उन्होंने गोवा जैसे छोटे राज्यों में निर्वाचित प्रतिनिधियों की विशेष जिम्मेदारी को भी रेखांकित किया, जहां प्रतिनिधियों और नागरिकों के बीच सीधा संवाद होता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने मतदाताओं की आकांक्षाओं, कठिनाइयों और चुनौतियों के प्रति संवेदनशील रहें तथा उनके समयबद्ध समाधान के लिए कार्य करें।
इस बात पर बल देते हुए कि प्रौद्योगिकी नागरिकों को नियमों, कानूनों, नीतियों, विधायी बहसों और समितियों के काम से संबंधित जानकारी तक पहुंच प्रदान करके विधायी प्रक्रियाओं की सार्वजनिक समझ को काफी बढ़ा सकती है, लोकसभा अध्यक्ष ने अधिक पारदर्शिता और सुलभता का आह्वान किया, जिससे विधानमंडलों और जनता के बीच संबंधों को ओर अधिक गहरा किया जा सके । नवाचारों को अपनाने में राज्य विधानमंडलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का आह्वान करते हुए श्री बिरला ने कहा कि विधानमंडलों को एक-दूसरे से सीखना चाहिए और प्रौद्योगिकी, विधायी प्रक्रियाओं तथा संस्थागत सुधारों जैसे क्षेत्रों में सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए विधानमंडलों के बीच एक "स्वस्थ प्रतिस्पर्धा" सुनिश्चित करना होना चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष ने लोकतांत्रिक संस्थाओं में युवाओं की अधिक भागीदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के युवा प्रौद्योगिकी, शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में अग्रणी हैं और विधायी प्रक्रिया में उनकी भागीदारी से बेहतर नीतियों और कानूनों के निर्माण में मदद मिलेगी। उन्होंने गोवा मुक्ति आंदोलन के इतिहास और राज्य की विधायी यात्रा को रेखांकित करने वाले चार दिवसीय कार्यक्रमों के आयोजन की गोवा विधानसभा की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल युवाओं को विधायी संस्थाओं से जोड़ने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति उनकी समझ को बढ़ाने में मदद करेगी।
श्री बिरला ने उल्लेख किया कि गोवा की एक विशिष्ट पहचान है, जिसे न केवल इसकी प्राकृतिक सुंदरता, समुद्र तट और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, बल्कि इसके सामंजस्यपूर्ण जीवन शैली के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने वर्तमान और पूर्व मुख्यमंत्रियों, अध्यक्षों, मंत्रियों, सांसदों और गोवा विधानसभा के सदस्यों को बधाई दी, जिन्होंने पिछले 25 वर्षों में राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान दिया है। उन्होंने उन सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों के योगदान की भी सराहना की, जिन्होंने अपनी बहसों, विचारों और विधायी हस्तक्षेपों के माध्यम से विधानसभा की गरिमा और प्रतिष्ठा को बढ़ाया है। श्री बिरला ने कहा कि गोवा की विकास यात्रा विशिष्ट रही है क्योंकि राज्य को अपनी समृद्ध विरासत और प्राकृतिक पर्यावरण को संरक्षित करते हुए उद्योग, व्यापार, पर्यटन और शिक्षा को एक साथ बढ़ावा देना पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस संतुलन को बनाए रखना एक चुनौतीपूर्ण लेकिन महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रही है। उन्होंने कहा कि गोवा ने आज पर्यटन, उद्योग और शिक्षा के क्षेत्रों में एक विशिष्ट स्थान स्थापित किया है, साथ ही अपने लोगों की गरिमा और जीवन की गुणवत्ता को भी बनाए रखा है। उन्होंने क्रमिक सरकारों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने नीतियों, विधानों और जन-उन्मुख पहलों के माध्यम से इस यात्रा में योगदान दिया है।
श्री बिरला ने कहा कि रजत जयंती केवल पिछले 25 वर्षों की विधानसभा की उपलब्धियों का जश्न मनाने का अवसर नहीं होना चाहिए, बल्कि अगले 25 वर्षों की कल्पना करने का भी अवसर प्रदान करना चाहिए। उन्होंने गोवा विधानसभा से नागरिकों, युवाओं और महिलाओं की अधिकतम भागीदारी के साथ 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप एक दूरदर्शी रोडमैप तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हर नागरिक, विशेष रूप से अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को महसूस होना चाहिए कि विधानसभा एक ऐसा मंच है जो उसकी आकांक्षाओं और अपेक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है और उनका समाधान करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगले 25 वर्षों को लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिक मजबूत, अधिक सुलभ, जवाबदेह, उत्तरदायी और परिणाम-उन्मुख बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानमंडलों के कामकाज में अधिक जनभागीदारी से लोकतांत्रिक संस्थाएं नागरिकों के प्रति अधिक जवाबदेह और जिम्मेदार बनेंगी।
गोवा विधानसभा को उसके वर्तमान भवन में 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई देते हुए श्री बिरला ने विश्वास व्यक्त किया कि विधानसभा अपनी विशिष्ट संस्कृति, विरासत और प्राकृतिक पर्यावरण को संरक्षित करते हुए गोवा के आर्थिक और सामाजिक विकास में योगदान देना जारी रखेगी। उन्होंने सभी वर्तमान और पूर्व सदस्यों, अध्यक्षों, मुख्यमंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएं दीं जिन्होंने गोवा के विकास में योगदान दिया है और राज्य की लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत किया है।
इस अवसर पर श्री बिरला ने गोवा विधानसभा और सचिवालय भवन का 'कस्टमाइज्ड माई स्टैम्प एंड स्पेशल कवर विद स्पेशल कैंसिलेशन' जारी किया और प्रख्यात हस्तियों को सम्मानित भी किया।
गोवा के मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सावंत; गोवा विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. गणेश गांवकर; गोवा सरकार के विधायी कार्य मंत्री श्री मौविन गोडिन्हो; गोवा विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री यूरी अलेमाओ और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस अवसर पर संबोधित किया।
गोवा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. गणेश गांवकर ने स्वागत भाषण दिया तथा गोवा विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री जोशुआ पीटर डी सूजा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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AM
(रिलीज़ आईडी: 2319829)
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