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कचरा बीनने से आत्मनिर्भरता तक:


मेकाला येसम्मा की आर्थिक सशक्तिकरण की यात्रा

प्रविष्टि तिथि: 06 OCT 2026 7:58PM by PIB Delhi

आर्थिक सहायता वंचित समुदायों के लोगों को टिकाऊ आजीविका प्रदान करने और उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने में प्रमुख भूमिका निभा सकती है। स्वरोजगार के लिए समय पर मिलने वाली सहायता से आय के नए अवसर पैदा हो सकते हैं, परिवार की आर्थिक सुरक्षा मजबूत हो सकती है और आजीविका में सम्मान बढ़ सकता है।

33 वर्षीय सुश्री मेकाला येसम्मा अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय से हैं और गुंटूर नगर निगम में लगभग 12 वर्षों से कचरा बीनने का काम कर रही थीं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से होने के कारण, सुश्री मेकाला स्कूल नहीं जा सकीं और अनपढ़ ही रहीं। उनके परिवार को लगातार आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा; कम आय और सीमित अवसरों के कारण उनके लिए घर की ज़रूरतें पूरी करना और बच्चों का बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना मुश्किल हो गया था।

19 जून 2023 को, सुश्री येसम्मा को एक अन्य सदस्य के साथ, नवजीवन संगठन के माध्यम से राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त और विकास निगम की 'स्वच्छता उद्यमी योजना' (एसयूवाई) के अंतर्गत आर्थिक सहायता मिली। यह सहायता एक समूह परियोजना के लिए 'ओपन नाला क्लीनर' (ट्रैक्टर-माउंटेड) खरीदने हेतु पूंजी सब्सिडी के रूप में दी गई थी। परियोजना की कुल लागत 16,99,952 रुपये थी, जिसमें 10,24,964 रुपये का ऋण और 6,74,988 रुपये की पूंजी सब्सिडी शामिल थी।

सहायता मिलने से पहले, सुश्री येसम्मा कचरा बीनने के काम से हर महीने लगभग 8,000 रुपये कमाती थीं। एसयूवाई योजना के अंतर्गत मिली सहायता और उससे मिले आजीविका के अवसर से, अब वह हर महीने 10,000 रुपये अतिरिक्त कमाती हैं, जिससे उनकी कुल मासिक आय लगभग 18,000 रुपये हो गई है। आय में हुई इस बढ़ोतरी से घर के खर्चों को पूरा करने, बच्चों की शिक्षा में सहायता करने और परिवार के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की उनकी क्षमता मजबूत हुई है।

एसयूवाई योजना के अंतर्गत मिली सहायता ने सुश्री येसम्मा की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में काफी सुधार किया है और उन्हें अधिक उत्पादक तथा सम्मानजनक आजीविका अपनाने का अवसर दिया है। इस पहल ने उनकी आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास को बढ़ाया है, साथ ही आय के सीमित स्रोतों पर उनकी निर्भरता को कम किया है।

 

सुश्री मेकाला येसम्मा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, "एसयूवाई योजना के अंतर्गत मिली आर्थिक सहायता से मुझे अपनी आजीविका बेहतर करने और अपनी मासिक आय बढ़ाने में मदद मिली है। इससे मेरे लिए परिवार की ज़रूरतें पूरी करना, बच्चों की पढ़ाई में मदद करना और एक सुरक्षित भविष्य की दिशा में काम करना आसान हो गया है।"

सुश्री मेकाला येसम्मा का अनुभव दिखाता है कि कैसे सही समय पर मिली आर्थिक मदद और आजीविका के लिए सहयोग, वंचित समुदायों के लोगों को अपनी कमाई की क्षमता बढ़ाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद कर सकता है। उनका अनुभव आजीविका के टिकाऊ अवसर बनाने और सम्मान, आर्थिक सुरक्षा तथा एक मज़बूत व आत्मनिर्भर समाज को बढ़ावा देने में एसयूवाई की भूमिका को दर्शाता है।

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पीके/केसी/आरटी/एमकेएस


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