संस्‍कृति मंत्रालय
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संस्कृति मंत्रालय ने 17 सितंबर - 2 अक्टूबर 2026 तक “स्वच्छता ही सेवा” अभियान 2026  का सफलतापूर्वक आयोजन किया

प्रविष्टि तिथि: 06 OCT 2026 7:35PM by PIB Delhi

संस्कृति मंत्रालय ने अपने 43 संगठनों और सांस्कृतिक संस्थानों में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक देश भर में 'स्वच्छता ही सेवा' (एसएचएस) अभियान 2026 के अंतर्गत स्वच्छता, जागरूकता और जन-भागीदारी से जुड़ी कई गतिविधियां आयोजित कीं। इस वर्ष का विषय 'स्वच्छता में सहभाग: स्वच्छ भारत, विकसित भारत' था।

इस अभियान के तहत मंत्रालय के संगठनों और अधीनस्थ कार्यालयों ने विभिन्न प्रकार की गतिविधियां कीं, जिनमें स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों (सीटीयू) का कायाकल्प, श्रमदान अभियान, जागरूकता कार्यक्रम, कचरे से कला पहल और विषयगत कला प्रतियोगिताएं शामिल थीं। इन पहलों का मुख्य उद्देश्य कचरे का पृथक्करण, एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक में कमी, 'कम करें, पुनः उपयोग करें और पुनर्चक्रण करें' (3आर) के सिद्धांतों तथा पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित था।

इन पहलों के माध्यम से, संस्कृति मंत्रालय और उसके संगठनों ने स्वच्छता के उद्देश्यों को मंत्रालय के संस्कृति और विरासत के व्यापक दायित्व के साथ जोड़ते हुए स्वच्छता, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जन-भागीदारी की संस्कृति को बढ़ावा दिया। इन गतिविधियों ने अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, कलाकारों और स्थानीय समुदायों को अधिक स्वच्छ, बेहतर और टिकाऊ सार्वजनिक स्थलों की दिशा में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस अभियान की मुख्य उपलब्धियां निम्नलिखित हैं:

  1. 10,000 से अधिक प्रतिभागियों के सक्रिय योगदान से 424 स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों (सीटीयू) की पहचान करके उनका कायाकल्प किया गया और 128 सार्वजनिक स्थानों की पहचान कर उनकी सफाई की गई।
  2. देश भर के जोनल कल्चरल सेंटर्स, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, संगीत नाटक अकादमी और सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों के जरिए 207 नुक्कड़ नाटक आयोजित किए। ये नाटक स्कूलों, कॉलेजों और अधिक भीड़-भाड़ वाले अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर किए गए।
  3. संस्कृति मंत्रालय के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने अपने क्षेत्रीय मंडलों के माध्यम से विभिन्न स्मारकों और कार्यालय परिसरों में स्वच्छता अभियान चलाया। जन भागीदारी की भावना से प्रेरित होकर, एएसआई के अधिकारियों और स्थानीय स्वयंसेवकों ने स्मारकों के मार्गों, लॉन और मुख्य जगहों से प्लास्टिक का कचरा, सूखी पत्तियां और बिखरा हुआ कूड़ा हटाने के लिए श्रमदान किया। चयनित स्मारकों पर वृक्षारोपण अभियान भी चलाए गए, जिनमें 300 से ज़्यादा पेड़ लगाए गए।
  4. संस्कृति मंत्रालय के तहत ललित कला अकादमी ने अपने क्षेत्रीय केंद्रों पर "कबाड़ से जुगाड़" और "कबाड़ से कला" जैसे विषयों पर 'कचरे से संपदा' शिविर आयोजित किए। इन शिविरों में स्थानीय मूर्तिकारों, महिला कलाकारों और विद्यार्थियों ने मिलकर बेकार सामग्री से रचनात्मक कलाकृतियां बनाईं, जिससे पुनर्चक्रण, पर्यावरण जागरूकता और सतत कला पद्धतियों को बढ़ावा मिला।
  5. दिल्ली स्थित राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र ने स्कूली छात्रों की भागीदारी के साथ पुनर्चक्रण और बेकार सामग्री के रचनात्मक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'कचरे से कला' पर इसी तरह की दो दिवसीय कार्यशाला (30 सितंबर– 1 अक्टूबर 2026) का आयोजन किया।
  6. "स्वच्छ पाठशाला: स्वच्छता के लिए युवा" विषय के अंतर्गत, मंत्रालय के संगठनों ने स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए आर्ट कॉम्पिटिशन और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया, साथ ही 178 प्रदर्शन गतिविधियां और जल संचय संवाद सत्र भी आयोजित किए जिनमें 2,500 से अधिक छात्र शामिल हुए।
  7. नई दिल्ली के कर्तव्य भवन 2 में "स्वच्छता में सहभाग" और "स्वच्छ भारत, विकसित भारत" विषयों पर नारा लेखन और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं जिसमें मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने  भाग लिया।
  8. 29 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय अभिलेखागार के परिसर में मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों की जबरदस्त भागीदारी के साथ एक श्रमदान अभियान चलाया गया।
  9. स्वच्छ भारत दिवस (2 अक्टूबर 2026) के अवसर पर, संस्कृति मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी के साथ सचिव (संस्कृति) के नेतृत्व में नई दिल्ली के पुराना किला में एक श्रमदान और वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता मित्रों को स्वच्छता किट भी वितरित की गईं।
  10. पांच सफाई मित्र सुरक्षा शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले संगठनों के सफाई मित्रों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी के रूप में नामांकित किया गया।
  11. मंत्रालय के सभी संगठनों में स्वच्छता की शपथ दिलाई गई, जिसमें स्वच्छता, साफ-सफाई और जिम्मेदारीपूर्ण नागरिक भागीदारी के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

इस अभियान ने सांस्कृतिक संस्थानों, ऐतिहासिक स्थलों व सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई और स्वच्छता की संस्कृति को बढ़ावा दिया। साथ ही, इसने पर्यावरणीय स्थिरता के बारे में जागरूकता बढ़ाई तथा एक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भारत के निर्माण में जन भागीदारी को सुदृढ़ किया। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से इस अभियान का प्रसार किया गया, जिसके 200 से अधिक पोस्टों को 3.7 लाख से अधिक बार देखा गया और लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। #SwachhtaHiSeva #CultureForCleanliness.

 

नई दिल्ली स्थित पुराने किला में श्रमदान, वृक्षारोपण अभियान और स्वच्छता किट का वितरण

 

कांगड़ा किले में स्वच्छता अभियान

हम्पी के पट्टाभिराम मंदिर में स्वच्छता अभियान

 

 

बृहदीश्वर मंदिर में स्वच्छता अभियान

श्याम सुंदर आश्रम टीला, त्रिपुरा में जनभागीदारी

कोलकाता के राष्ट्रीय पुस्तकालय में सफाई मित्र शिविर

निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इंटर कॉलेज, वाराणसी में नुक्कड़ नाटक, रंगोली एवं स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम

 

ललित कला अकादमी, क्षेत्रीय केंद्र कोलकाता में 'कचरे से कला' शिविर

कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल हॉल में स्वच्छ पाठशाला- स्वच्छता के लिए युवा

संस्कृति मंत्रालय के कर्मचारियों के लिए पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता

नई दिल्ली के कर्तव्य भवन 2 में एनएसडी का नुक्कड़ नाटक

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पीके/केसी/आरटी/एसके/डीए


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