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एकीकृत परिवहन एवं रसद प्राधिकरण (आईटीएलए)
एक विस्तृत राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान
प्रविष्टि तिथि:
06 OCT 2026 7:03PM by PIB Delhi
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भारत का फैलता हुआ परिवहन एवं रसद नेटवर्क
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जिस प्रकार भारत की अर्थव्यवस्था प्रगति कर रही है, देश भर में माल की ढुलाई में कुशलता की आवश्यकता भी बढ़ रही है। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए एक एकीकृत और नियोजित परिवहन व्यवस्था की जरूरत है। इस बढ़ती हुई जरूरत को पूरा करने के लिए, सरकार ने 6 अक्टूबर 2026 को एकीकृत परिवहन एवं रसद प्राधिकरण (आईटीएलए) की स्थापना को मंजूरी दी। आईटीएलए परिवहन एवं रसद के क्षेत्र में अनुसंधान, योजना, परियोजना की समीक्षा, निगरानी और पड़ने वाले असर का आकलन करने हेतु एक विशेष संस्थागत तंत्र के तौर पर कार्य करेगा।
परिवहन और रसद नेटवर्क के विस्तार के साथ, आईटीएलए इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी परियोजनाओं की दीर्घकालिक एकीकृत योजना और कार्यान्वयन के बाद के पड़ने वाले असर के आकलन में सहयोग करेगा। यह पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान और राष्ट्रीय रसद नीति जैसी मौजूदा पहलों का पूरक होगा।
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भूमिकाएं और जिम्मेदारियां
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आईटीएलए एकीकृत योजना, परियोजना के मूल्यांकन, निगरानी, डेटा के विश्लेषण, रसद नीति, क्षमता निर्माण और अनुसंधान सहित कई जिम्मेदारियों को पूरा करेगा। इसकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हैं:
- राष्ट्रीय शीर्ष संस्था: आईटीएलए एकीकृत परिवहन और रसद नियोजन, अनुसंधान, परियोजना मूल्यांकन और निगरानी के लिए शीर्ष संस्था के तौर पर कार्य करेगी। यह परिवहन क्षेत्र में समन्वित निर्णय लेने को मजबूत करने के लिए नीतिगत मदद और डेटा विश्लेषण प्रदान करेगी।
- दीर्घकालिक राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान: प्राधिकरण 10 वर्ष या उससे अधिक की योजना अवधि वाले एक व्यापक राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान को तैयार करेगा। इसमें सड़कें, रेलवे, पत्तन एवं पोत परिवहन, नागर विमानन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय पोत परिवहन, शहरी गतिशीलता और रसद शामिल होंगे।
- एकीकृत योजना फ्रेमवर्क: यह लगभग पांच वर्ष की अवधि वाली अल्पकालिक क्षेत्रीय योजनाओं और परिवहन मंत्रालयों की वार्षिक योजनाओं का मूल्यांकन करेगा। साथ ही, यह सुनिश्चित करेगा कि ये योजनाएं राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान के अनुरूप हों और बहुआयामी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में मदद करें।
- प्रमुख परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन: आईटीएलए भारत सरकार की ₹500 करोड़ या उससे अधिक लागत वाली इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन करेगी। वित्तीय मूल्यांकन मौजूदा वित्तीय मूल्यांकन तंत्र के माध्यम से ही किया जाता रहेगा।
- निगरानी एवं प्रभाव आकलन: यह ₹500 करोड़ से अधिक लागत वाली परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की निगरानी करेगा और समस्याओं के समाधान के लिए एक समन्वित तंत्र प्रदान करेगा। साथ ही, यह परियोजना के परिणामों और प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए कार्यान्वयन के बाद होने वाले असर का आकलन भी करेगा।
- राष्ट्रीय परिवहन डेटा भंडार (एनटीडीआर): प्राधिकरण विभिन्न स्रोतों से प्रासंगिक परिवहन और रसद डेटासेट को एकीकृत करके एक एकीकृत परिवहन डेटा संग्रह तैयार करेगा। इनमें जीएसटीएन ई-वे बिल, फास्टैग, वाहन, जीपीएस-आधारित सिस्टम और शहरी यातायात प्रबंधन सिस्टम शामिल हैं। यह डेटा माल के प्रवाह और मूल-गंतव्य विश्लेषण में मददगार होगा, जिससे योजना बनाने, निगरानी करने और प्रभाव का आकलन करने में मदद मिलेगी।
- लॉजिस्टिक्स नीति में मदद: यह राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (2022) की समीक्षा और अपडेशन में सलाह और सहायता प्रदान करेगी।
- क्षमता निर्माण: यह लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और कौशल विकास में योगदान देगी।
- अनुसंधान और नवाचार: यह परिवहन और रसद क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहन देगी।

आईटीएलए परिवहन और रसद पारिस्थितिकी तंत्र में एकीकृत योजना, समन्वय, डेटा के इस्तेमाल और संस्थागत क्षमता को मजबूत करेगा:
- केंद्रीय संस्थागत तंत्र: आईटीएलए परिवहन और रसद क्षेत्र में अनुसंधान, योजना, मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन के लिए एक केंद्रीय संस्थागत तंत्र के तौर पर कार्य करेगा। यह दृष्टिकोण कोरिया, जापान, अमेरिका, चीन और ऑस्ट्रेलिया जैसे अन्य देशों के अनुरूप वैश्विक प्रथाओं का अनुसरण करता है।
- एकीकृत अवसंरचना नियोजन: आईटीएलए एकीकृत अवसंरचना नियोजन के लिए सर्वोच्च समन्वय एजेंसी के तौर पर कार्य करेगा। यह एक विस्तृत राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान भी तैयार करेगा।
- अंतर-मंत्रालयी समन्वय: आईटीएलए परिवहन और रसद से जुड़े मंत्रालयों के बीच तालमेल और समन्वय स्थापित करने में सहायक होगा। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना, मूल्यांकन, निगरानी और आकलन शामिल होगा।
- एकीकृत डेटा भंडार: आईटीएलए एक एकीकृत परिवहन डेटा भंडार बनाएगा। यह साक्ष्य-आधारित योजना, अनुसंधान और नवाचार में सहयोग प्रदान करेगा।
- संस्थागत क्षमता निर्माण: आईटीएलए अनुसंधान, योजना, बिग डेटा इंटिग्रेशन, परियोजना निगरानी और मूल्यांकन में क्षमता को मजबूत करेगा। यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने को भी बढ़ावा देगा।
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भारत के विजन 2047 में सहायक
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भारत के परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के लगातार फैलाव के साथ, निर्बाध मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और कुशल इंफ्रास्ट्रक्चर और भी जरूरी हो जाएगा। आईटीएलए परिवहन और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम में एकीकृत योजना, परियोजना मूल्यांकन, निगरानी और डेटा-आधारित निर्णय लेने को मजबूत करेगा। बुनियादी ढांचे की दक्षता में सुधार, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को सहयोग और संस्थागत क्षमता निर्माण के माध्यम से, आईटीएलए भारत के विजन 2047 और अधिक प्रतिस्पर्धी लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम में योगदान देगा।
मंत्रिमण्डल
https://www.pib.gov.in/PressReleasepage.aspx?PRID=2319529®=48&lang=1
पीआईबी शोध
एकीकृत परिवहन एवं रसद प्राधिकरण (आईटीएलए)
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पीके/केसी/आरटी/एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2320145)
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