कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
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एमएसडीई ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ मिलकर नव्या 2.0 के लॉन्च की तैयारी के लिए ओरिएंटेशन सेशन का आयोजन किया


नव्‍या 2.0 के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की गई

ओरिएंटेशन सत्र 100 आकांक्षी जिलों में एनएवीवाईए 2.0 के रोलआउट के लिए जिला-स्तरीय हितधारकों को तैयार करता है

प्रविष्टि तिथि: 06 OCT 2026 5:15PM by PIB Delhi

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (एमडब्ल्यूसीडी) के सहयोग से आज नई दिल्ली स्थित कौशल भवन में ‘नर्चरिंग एस्पिरेशन थ्रू वोकेशनल ट्रेनिंग फॉर यंग वीमेन एंड एडोलसेंट गर्ल्स 2.0’ (NAVYA 2.0) के औपचारिक शुभारंभ और कार्यान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण तैयारी के रूप में एक दिवसीय ओरिएंटेशन सत्र का आयोजन किया। इस सत्र का उद्देश्य 24 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 100 आकांक्षी जिलों में इस पहल के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए जिला स्तर के हितधारकों को आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान करते हुए तैयार करना था।

ओरिएंटेशन सत्र की अध्यक्षता एमएसडीई की सचिव श्रीमती देबाश्री मुखर्जी और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक ने की। सत्र में एनएवीआईए 2.0 के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की गई, जो जिला स्तर पर पहल के समन्वित कार्यान्वयन के लिए एक संरचित ढांचा प्रदान करती है।

ओरिएंटेशन सत्र में भाग लेने वाले जिलों के जिला कलेक्टरों/जिला मजिस्ट्रेटों, कौशल विकास और उद्यमिता के क्षेत्रीय निदेशालयों (आरडीएसडीई) के क्षेत्रीय निदेशकों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के प्रधानाचार्यों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) और अन्य प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाया गया। सत्र को उनकी क्षमता का निर्माण करने और यह सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया था कि एनएवीवाईए 2.0 के लॉन्च और उसके बाद रोलआउट से पहले आवश्यक संस्थागत, डिजिटल और क्षेत्र-स्तरीय व्यवस्थाएं मौजूद हैं।

नव्‍या 2.0 को नव्‍या पायलट परियोजना के अनुभवों और उससे प्राप्त सीख के आधार पर तैयार किया गया है। नव्‍या पायलट परियोजना का शुभारंभ 24 जून, 2025 को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र से कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने किया था। इस पायलट परियोजना को 19 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 27 जिलों में लागू किया गया था।

पायलट चरण से मिली सीख के आधार पर, 24 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 100 आकांक्षी जिलों को कवर करने के लिए एनएवीवाईए 2.0 का विस्तार किया गया है। इस पहल का उद्देश्य प्रासंगिक व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना और 16-25 वर्ष की आयु वर्ग की युवा महिलाओं और किशोरियों के लिए उद्यमिता, प्रशिक्षुता और स्थायी आजीविका के अवसरों की दिशा में मार्ग बनाना है।

इस अवसर पर एमएसडीई की सचिव श्रीमती देबाश्री मुखर्जी ने कहा, नव्‍या 2.0 मूल रूप से अभिसरण पर आधारित एक कार्यक्रम है और इसकी सफलता स्थानीय स्तर पर इस अभिसरण की प्रभावशीलता पर निर्भर करेगी। कौशल विकास से जुड़ी पहलों को जिलों और आसपास के क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार एवं आर्थिक अवसरों के अनुरूप होना चाहिए। हमारा उद्देश्य एक समग्र दृष्टिकोण अपनाना होना चाहिए, जो केवल कौशल विकास तक सीमित न रहे, बल्कि महिलाओं की व्यापक आकांक्षाओं और आवश्यकताओं को भी संबोधित करे तथा उन्हें सम्मानजनक, सतत और सशक्त आर्थिक अवसरों तक पहुंच बनाने में सक्षम बनाए।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक ने कहा, "एनएवीवाईए 2.0 एक कौशल कार्यक्रम से कहीं अधिक का प्रतिनिधित्व करता है। यह युवा महिलाओं और किशोरियों के लिए अधिक से अधिक एजेंसी, स्वतंत्रता और आर्थिक सशक्तिकरण का एक मार्ग है। कौशल को सार्थक आजीविका के अवसरों से जोड़कर, इस पहल में कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी का विस्तार करने और यह सुनिश्चित करने की क्षमता है कि वे भारत की विकास गाथा में समान भागीदार बनें।

ओरिएंटेशन सत्र के दौरान सभी हितधारकों की भूमिका एवं जिम्मेदारियों, स्किल इंडिया डिजिटल हब, राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना तथा उद्यमिता के प्रति जागरूकता और उपलब्ध अवसरों से संबंधित विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान द्वारा उद्यमिता पर एक विशेष सत्र भी आयोजित किया गया।

इन सत्रों में हितधारकों को नव्‍या 2.0 के संशोधित प्रावधानों, डिजिटल प्रक्रियाओं, संस्थागत भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों, प्रशिक्षुता के अवसरों, उद्यमिता के विभिन्न मार्गों तथा जिला स्तर पर प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आवश्यक अन्य प्रमुख पहलुओं से परिचित कराने पर विशेष ध्यान दिया गया। इस सत्र के माध्यम से हितधारकों को पहल के परिचालन ढांचे को समझने तथा इसके शुभारंभ से पहले जिला एवं जमीनी स्तर पर समन्वित कार्रवाई के लिए आवश्यक तैयारियां करने का अवसर भी मिला।

यह ओरिएंटेशन सत्र नव्‍या 2.0 के औपचारिक शुभारंभ और देशव्यापी कार्यान्वयन की तैयारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह पहल अभिसरण को सुदृढ़ करने तथा प्रभावी, समन्वित और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। जिला प्रशासन, कौशल विकास संस्थानों तथा महिला एवं बाल विकास से जुड़े कार्मिकों के बीच समन्वय और सहयोग के माध्यम से नव्‍या 2.0 का उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण को युवा महिलाओं और किशोरियों के लिए सतत आजीविका के अवसरों, अधिक निर्णय क्षमता तथा आर्थिक सशक्तीकरण में बदलने का प्रयास करता है।

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