कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
आईसीएआर ने विषय-विशिष्ट आईजीओटी पाठ्यक्रमों के विकास और डिजिटलीकरण की समीक्षा की
डॉ. एम. एल. जाट ने आईसीएआर संस्थानों को निर्देश दिया कि वे आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर गुणवत्तापूर्ण, समय पर पूर्ण होने वाले और नियमित शिक्षण को सुनिश्चित करें
प्रविष्टि तिथि:
07 OCT 2026 6:02PM by PIB Delhi
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के कृषि शिक्षा प्रभाग ने आज आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के लिए विषय-विशिष्ट पाठ्यक्रमों के विकास और डिजिटलीकरण का आकलन करने के लिए एक ऑनलाइन समीक्षा बैठक का आयोजन किया। बैठक की अध्यक्षता कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई) के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने की।

यह बैठक आईसीएआर संस्थानों द्वारा विषय-विशिष्ट पाठ्यक्रम विकास की प्रगति की समीक्षा करने और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार उन्हें समय पर आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना सुनिश्चित करने के लिए आयोजित की गई थी।
डॉ. एम. एल. जाट ने बैठक को संबोधित करते हुए, सभी आईसीएआर संस्थानों को उचित आंतरिक समीक्षा करने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के बाद उच्च गुणवत्ता वाले विषय-विशिष्ट पाठ्यक्रम विकसित करने और अपलोड करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर सौंपे गए कार्य को पूरा करने और आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से नियमित शिक्षण को सुदृढ़ करने के महत्व पर बल दिया।
डॉ. जाट ने इस बात पर भी जोर दिया कि सभी आईसीएआर कर्मचारियों को आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर नियमित रूप से कम से कम दो घंटे का शिक्षण प्राप्त करना चाहिए। उन्होंने सभी आईसीएआर संस्थानों से सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और निर्धारित शिक्षण घंटों और पाठ्यक्रम अपलोड करने के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का आह्वान किया।
आईसीएआर के उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा) डॉ. यशपाल सिंह मलिक ने अपने आरंभिक संबोधन में, मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत आईसीएआर के प्रदर्शन को सुदृढ़ करने के लिए सभी आईसीएआर संस्थानों द्वारा समय पर कार्रवाई की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने मिशन कर्मयोगी ढांचे के अंतर्गत आईसीएआर की राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में सुधार लाने में सभी संस्थानों की सक्रिय भागीदारी के महत्व पर जोर दिया।
कर्मयोगी भारत के विशेषज्ञ श्री अश्विन ने बैठक के दौरान, प्रतिभागियों को पाठ्यक्रम सामग्री विकास और डिजिटलीकरण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पाठ्यक्रम विकास के लिए उपलब्ध सूचीबद्ध एजेंसियों के बारे में भी जानकारी प्रदान की और गुणवत्तापूर्ण विषय-विशिष्ट शिक्षण सामग्री के निर्माण और अपलोड करने में सहायता के लिए तकनीकी सुझाव साझा किए।
बैठक का समापन पाठ्यक्रम विकास और डिजिटलीकरण में तेजी लाने, आंतरिक समीक्षा के माध्यम से गुणवत्ता सुनिश्चित करने, निर्धारित शिक्षण घंटों को पूरा करने तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर विषय-विशिष्ट पाठ्यक्रम अपलोड करने के निर्देशों के साथ हुआ। मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत क्षमता निर्माण और शिक्षण को मजबूत करने के लिए सभी आईसीएआर संस्थानों की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया गया।
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पीके/केसी/आरटी/एमकेएस/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2320348)
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