Prime Minister's Office
Text of PM’s address at the inauguration of 10th edition of the India Mobile Congress
Posted On:
08 OCT 2026 1:05PM by PIB Delhi
केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी ज्योतिरादित्य सिंधिया जी, राज्यमंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी जी, विभिन्न राज्य सरकारों के मंत्रीगण, G.S.M.A. Board के सभी मेंबर्स, दुनिया भर से आए Telecom Operators के प्रतिनिधिगण, इंडस्ट्री लीडर्स, एक्सपर्ट्स, देश के अलग-अलग कॉलेजेस और स्टार्टअप्स से आए मेरे युवा साथी, देवियो और सज्जनो।
आज 8 अक्टूबर है, भारत के लिए यह एक विशेष दिन है। आज के दिन को हम एयरफोर्स डे के रूप में सेलिब्रेट करते हैं। मैं अपने सभी जांबाज़ों को नमन करता हूं, देश को एयरफोर्स डे पर शुभकामनाएं देता हूं।
साथियों,
जैसे अभी सिंधिया जी बता रहे थे, कल ही मुझे ‘हेड ऑफ द गवर्नमेंट’ के रूप में देश की सेवा करते हुए 25 वर्ष पूरे हुए हैं। मेरे लिए ये सेवा की सहज यात्रा रही है। मैं हर देशवासी का, दुनिया भर में भारत के हर मित्र का शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त करता हूं।
साथियों,
ये भी संयोग ही है कि इसी अवसर पर ‘इंडिया मोबाइल कांग्रेस’ के सम्मेलन के भी 10 वर्ष पूरे हुए हैं। इस साल GSMA Board की बैठक के लिए भारत को चुना गया। मैं दुनिया भर से आए Telecom Operators, Industry Leaders, Experts, Academia और Start-ups के आप सभी रिप्रजेंटेटिव्स का भारत में स्वागत करता हूं, अभिनंदन करता हूं।
साथियों,
आज सुबह ही ये खबर आई है कि, मशहूर अभिनेता नाना पाटकेर जी अब हमारे बीच नहीं रहे। वो एक बेहतरीन कलाकार थे, जिन्होंने अलग-अलग किरदारों के माध्यम से दर्शकों का दिल जीता। नाना पाटेकर जी का जीवन तिरंगे की आन-बान और शान के लिए समर्पित रहा। वो बंधनों में नहीं रहे, परिंदे की तरह फिल्मों के आसमान में उड़े। उन्होंने समाज में व्याप्त अव्यवस्था पर अपनी फिल्मों के माध्यम से करारा प्रहार किया। वे एक ऐसे क्रांतिवीर थे, जिन्होंने बुराइयों के विरुद्ध काम किया। उनकी वाणी जितनी तेज थी, उनकी खामोशी भी उतनी ही प्रभावी थी। वो देश विरोधियों पर निरंतर अंकुश के समर्थक थे। मैं नाना पाटेकर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवारजनों और चाहने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।
Friends,
मुझे ‘इंडिया मोबाइल कांग्रेस’ के कई एडिशंस में आप सभी के बीच आने का अवसर मिला है। टेलिकॉम सेक्टर और डिजिटल कनेक्टिविटी कैसे इवॉल्व हुई, ये प्लेटफॉर्म इसका साक्षी रहा है। 2022 में, इसी मंच से हमने देश में 5G की शुरुआत की थी, फिर 2023 में मैंने बताया था कि भारत कैसे 5G Roll-out से 5G Reach-out की दिशा में आगे बढ़ रहा है। और आज हम सभी देख रहे हैं, देश के हर जिले तक 5G कनेक्टिविटी पहुंच चुकी है। आज साढ़े पांच लाख से अधिक बेस स्टेशन भारत में हैं, जहां से 5G नेटवर्क ऑपरेट कर रहा है। और मोबाइल इंटरनेट स्पीड 2022 की तुलना में 10 गुना बढ़ी है।
साथियों,
इंडिया मोबाइल कांग्रेस के इसी मंच पर 2024 में हमने इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन, I.T.U. की मौजूदगी देखी। तब हमने Digital World के लिए Global Standards की जरूरत पर बात की थी। और पिछले साल Invest, Innovate और Make in India पर चर्चा की थी। आज भारत टेलीकॉम सेक्टर में जहां पहुंचा है, उसमें India Mobile Congress की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बीते वर्षों में ये प्लेटफॉर्म भारत की प्रगति का, भारत के सपनों का मंच बनकर उभरा है। इसलिए, मैं आप सभी का विशेष अभिनंदन करता हूं।
Friends,
इस साल आप सभी ने इस समिट में अपने मंथन के लिए विषय तय किया है, Scale without boundaries, हर सीमा से परे जाकर विस्तार। मैं आपको भारत के अनुभवों से बताना चाहूंगा कि हमने कैसे Scale without boundaries के सपने को जीकर दिखाया है।
साथियों,
जब हम Telecom की बात करते हैं, तो अक्सर नेटवर्क की चर्चा होती है, स्पैक्ट्रम पर डिबेट चलती है, Towers की, रीच की, Speed की बातें होती हैं। लेकिन भारत के लोगों के लिए टेलीकॉम के मायने और भी रहे हैं। बीते 10-12 वर्षों में मोबाइल फोन आधुनिक कम्युनिकेशन के माध्यम के साथ-साथ गुड-गवर्नेंस का भी अहम टूल बनकर सामने आया है। और ये हमारे डिजिटल इंडिया विजन के कोर में रहा है।
साथियों,
आज हम सुनते हैं कि भारत में डेटा सस्ता है, मोबाइल फोन सस्ते हैं, मोबाइल फोन यूजर बेस इतना एक्सपैंड हो गया है, ये अपनी जगह सब सच है, लेकिन ये हुआ कैसे? और ये सब किया क्यों गया? ये जब हम समझेंगे, तो सभी को भारत का फोकस, भारत का फोकस एरिया एकदम क्लियर होगा।
साथियों,
एक दशक पहले तक भारत में डिजिटल डिवाइड बहुत बड़ी चुनौती थी। आधुनिक टेक्नोलॉजी एक प्रीविलेज बनती जा रही थी। यानि जिसके पास साधन है, वही आधुनिक टेक्नोलॉजी का लाभ ले सकता था। भारत में यही स्थिति बनती जा रही थी। डिजिटल इंडिया अभियान से हमने इस स्थिति को बदलने की ठानी और इसके सेंटर में मोबाइल फोन को लेकर के आए। ये टेक्नोलॉजी के डेमोक्रेटाइजेशन का बहुत बड़ा प्रयास था। इसके लिए टेलीकॉम सेक्टर में हर जरूरी रिफॉर्म्स किए गए, इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया गया। हमने फोकस किया कि मोबाइल फोन और अन्य टेलीकॉम हार्डवेयर भारत में ही बने।
साथियों,
ऐसे हर प्रयास से मोबाइल फोन और डेटा तक भारत के आम नागरिक की पहुंच और सुलभ हो गई। और आज ये भारत के लोगों की Ease of Living बढ़ा रहा है। कोविड के दौरान भी हमने देखा था कि, कैसे सबकुछ रुक गया था। लेकिन भारत में दफ्तर चलते थे, बैंक चलते रहे, पढ़ाई चलती रही। ये भारत के Digital Ecosystem के कारण हुआ। मोबाइल और इंटरनेट की connectivity ने Education, Health, Payments और Government Services को बिना बाधा चालू रखा। आज दूर-सुदूर, गांव-गरीब के बच्चे भी क्वालिटी नॉलेज एक्सेस कर पा रहे है। डिजिटल लर्निंग सबकी पहुंच में आ रही है।
साथियों,
मैं आपको एक आंकड़ा देता हूं, जिससे डिजिटल इंडिया का इंपैक्ट और ज्यादा पता चलता है। ऑनलाइन एजुकेशन के लिए हमारा एक दीक्षा प्लेटफॉर्म है। कोविड के दौरान, जुलाई 2022 तक इस platform पर 500 करोड़ से ज्यादा learning sessions और करीब 6 हजार करोड़ learning minutes दर्ज हुए। अब हमारा प्रयास है, हमारे जितने भी डिजिटल और ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम हैं, उनसे करीब 25 करोड़ स्टूडेंट्स को जोड़ सकें।
यानी साथियों,
टेलीकॉम के क्षेत्र में जो रिवॉल्यूशन आई है, इसका भारत के नागरिक को सीधा-सीधा फायदा हुआ है। आप जानते हैं कि भारत, भाषा और भूगोल, हर प्रकार से डायवर्स देश है, विविधताओं से भरा हुआ देश है। इसके कारण लोगों के जीवन में अनेक असुविधाएं भी आती हैं। मोबाइल कनेक्टिविटी ने इस डायवर्सिटी को भी सुविधा से जोड़ा है। पहले ज्यादातर बैंक शहरों में ही होते थे, अस्पताल शहरों में होते थे, सरकारी दफ्तर ब्लॉक या जिला स्तर पर रहते थे। यानि कुछ भी काम करना हो, सरकारी सर्विस लेनी हो, तो लोगों का पैसा और समय दोनों खर्च होता था। डिजिटल गवर्नेंस ने इन परिस्थितियों को बदला है। आज सरकार की सैकड़ों सर्विसेज मोबाइल फोन पर हैं। सरकारी मदद अब सीधे बेनिफिशरीज़ के खाते में जाती है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से करीब 50 लाख करोड़ रुपए, 50 लाख करोड़ रुपए सीधे लाभार्थियों के मोबाइल में भेजे गए, बैंक अकाउंट में पहुंचे। और इससे करीब 5 लाख करोड़ रुपए, ये आंकड़ा छोटा नहीं है, 5 लाख करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बचे हैं। अब मुझे बताइए, जिनकी ये मुफ्त की कमाई बंद हो गई है, वो क्या, मोदी को प्यार करेंगे क्या? मैंने सही किया कि नहीं किया? करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? ये सारे गलत कामों को बंद करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? वो कितने ही चिल्लाते रहें, चिखते रहें, मैं इसको ठान के बैठा हूं, करके रहूंगा।
अगर साथियों,
पुरानी व्यवस्था होती, तो सरकार का 5 लाख करोड़ रुपए लीकेज में चला जाता और ऐसे लोगों की जेब भर देता, मोदी ने इसको रोका है। और अब वही पैसा सही लाभार्थी को मिल रहा है और बचा हुआ पैसा सही काम के लिए उपयोग आ रहा है।
साथियों,
पीएम किसान सम्मान निधि के तहत हम 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक किसानों के बैंक अकाउंट में जमा कर चुके हैं। ये राशि हर 4 महीने में जाती है और किसान को मोबाइल फोन पर ही इसका मैसेज मिल जाता है। ये पैसा उन करोड़ों छोटे किसानों तक पहुंचा है, जिन तक कभी सरकारी स्कीम्स का बेनिफिट पहुंच ही नहीं पाता था।
यानि साथियों,
मोबाइल फोन सिर्फ चैट का माध्यम नहीं रहा, बल्कि इसने Less Travel, Less Waiting, Less Cost, More Convenience, ये सबकुछ ensure किया है। और यही Technology का सबसे बड़ा Citizen डिविडेन्ड है।
साथियों,
बीते दशक में भारत के टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर का निरंतर विस्तार हुआ है। रिमोट एरियाज में टावर्स लगाए गए, ऑप्टिकल फाइबर का अभूतपूर्व विस्तार हुआ और डेटा भी सस्ता हुआ। इससे इकोनॉमी के नए सेक्टर्स का भी निर्माण हुआ है। इससे टेक्नोलॉजी, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन सेक्टर में नए कंज्यूमर भी बने, और नए क्रिएटर्स की भी एक नई जेनरेशन तैयार हुई है। आप गेमिंग का ही सेक्टर देखिए, एक अनुमान है कि आज भारत में 50 करोड़ से ज्यादा लोग किसी ना किसी तरह से Gaming ecosystem से जुड़े हैं। इसमें बहुत बड़ी संख्या भारत के युवाओं की है। Tier-2 और Tier-3 शहरों का युवा भी इससे जुड़ा है। अब वो Game से जुड़ने के साथ ही E-sports में कम्पीट कर रहा है, Gaming कन्टेन्ट बना रहा है और नए Gaming businesses खड़े कर रहा है। यानि भारत में मोबाइल फोन आज गेमिंग कन्सोल भी है और creation का studio भी बन गया है।
साथियों,
भारत में हुई टेलीकॉम क्रांति ने यही बदलाव Content की दुनिया में भी ला दिया है। बेहतर, फास्ट कनेक्टिविटी और सस्ते डेटा ने अनेक वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म्स को, social media और regional OTT को गांव-कस्बों तक पहुंचा दिया है। इससे भाषा से जुड़ी जो समस्याएं आती थीं, जो बंदिशें थीं, वो भी दूर हो गई हैं। यानि केवल कंटेंट क्रिएशन से जुड़ी इंडस्ट्री ही भारत में आज हज़ारों करोड़ रुपए की हो गई है, जिससे लाखों-लाख लोगों को कमाई हो रही है। यानि मोबाइल फोन ने भारत में कंटेंट क्रिएशन का भी डेमोक्रटाइजेशन कर दिया है।
साथियों,
आज जब टेलीकॉम और डिजिटिल टेक्नोलॉजी का इतना महत्व है, तब इससे जुड़ी सिक्योरिटी फ्रेमवर्क को भी चाक-चौबंद करना बहुत आवश्यक है। Phone की Security और Network की Security, ये हम सभी की प्राथमिकता है। एक सामान्य नागरिक प्रोटोकॉल या आर्किटेक्चर की भाषा में नहीं सोचता, उसके लिए Trust बहुत अहम है। जब उसको फोन पर आए, तो उसे पता हो कि Call कौन कर रहा है। जब Message आए, तो उसे पता हो कि वह असली है या Fake। जब Payment हो, तो उसे विश्वास हो कि उसका पैसा सुरक्षित है। जब वह किसी फॉर्म में अपना डेटा दे, तो उसे विश्वास हो कि उसका डेटा सुरक्षित है।
साथियों,
Technology, Scale तभी प्राप्त करती है, जब वो Trust हासिल करती है। और आप सभी जानते हैं कि Cyber Fraud और Cyber Crime भी सीमाएं नहीं मानते, वो पहले ही बाउंड्री के बाहर चले गए हैं। एक देश में बैठा व्यक्ति, किसी दूसरे देश की मदद से, किसी तीसरे देश में क्राइम कर सकता है। डीप-फेक्स कितनी बड़ी चुनौती बन चुकी है, ये भी हम देख रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि हम इसके लिए एक Global Framework पर काम करें। सरकारें, Technology Companies, Telecom Operators और Financial Institutions, सभी को इस Framework से जुड़ना होगा। मैं G.S.M.A. और दुनिया के Telecom Operators से भी आग्रह करता हूं, आइए एक ऐसा Global Mechanism बनाएं, जो ऐसे Fraud को लोगों तक पहुंचने से पहले ही रोक सके। भारत ने इस दिशा में अपने अनुभव से बहुत कुछ सीखा है, और भारत अपने अनुभवों को विश्व के साथ शेयर करने के लिए हमेशा तैयार है।
साथियों,
इस दशक में अब सिर्फ चार साल बचे हैं, इस डिकेड में। इंडिया मोबाइल कांग्रेस के इस एडिशन में अब आप जो चर्चा करेंगे, वो अगले दशक के रोडमैप को सशक्त करेगा। और ये रोडमैप भारत के साथ ही पूरे विश्व के मोबाइल मार्केट को दिशा देगा। बीते वर्षों में भारत ने Consumer से Creator बनने की यात्रा तय की है। अब भारत, उस लक्ष्य की तरफ बढ़ रहा है, जहां product, design भी भारत में होगा, उसकी technology और IP भी भारत की होगी। इसके लिए हर जरूरी इन्सेंटिव्स दिए जा रहे हैं, हर जरूरी रिफॉर्म्स किए जा रहे हैं। यानि टेलीकॉम सेक्टर में भी रिफॉर्म एक्सप्रेस तेजी से आगे बढ़ रही है। दशकों पुराने कानूनों को हम आधुनिक बना रहे हैं। Tele-communications Act के जरिए, हमने modern regulatory framework बनाया है। A.G.R. और बैंक गारंटीज जैसे स्ट्रक्चरल बर्डन्स को Rationalize, बर्डन्स को वंडर्स में बदलने का काम भी हमारी तरफ से हो रहा है। और गतिशक्ति संचार पोर्टल ने Right of Way approvals को digital माध्यम से और तेज़ बनाया है।
साथियों,
भारत का सेमीकंडक्टर और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम भी रफ्तार पकड़ रहा है। अभी तक पांच लोकेशंस पर Commercial Production भी शुरू हो चुका है। India Semiconductor Mission के अगले फेज में हमारा फोकस पूरी सप्लाई चैन पर है। यानि भारत टेलीकॉम सेक्टर से जुड़े हर क्षेत्र में बड़े कदम उठा रहा है।
साथियों,
बीते वर्षों में इंडिया मोबाइल कांग्रेस के माध्यम से बहुत कुछ हासिल किया है, लेकिन विकास की ये यात्रा, नित नए पड़ावों को पार करने की है। हमारे सामने विकसित भारत का एक विराट संकल्प है, इसके लिए हमें अपने प्रयासों को निरंतर व्यापक करते रहना है। यहां जो Technologies Display हुई हैं, उनका अपना महत्व है। लेकिन I.M.C. को उन Partnerships के लिए याद किया जाए, जो यहां बनीं हैं। उन Research Projects के लिए याद किया जाए, जो यहां शुरू हुए हैं, उन Products के लिए याद किया जाए, जो यहां से दुनिया तक पहुंचे हैं, और उन Innovations के लिए याद किया जाए, जिन्होंने भारत से निकलकर मानवता की सेवा की। हमें IMC को एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना है, जो टेक्नोलजी, रिसर्च, इंडस्ट्री, इन्वेस्टमेंट और आइडिया का एक जंक्शन बन सके। मुझे विश्वास है कि आप सभी इसके लिए ही जी-जान से प्रयास करते रहेंगे। इसी अपेक्षा के साथ एक बार फिर आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
बहुत-बहुत धन्यवाद।
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MJPS/SS/SS/RK
(Release ID: 2320603)
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