सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय कल दीव में क्षेत्रीय समीक्षा बैठक आयोजित करेगा
बैठक में प्रमुख कल्याणकारी, सामाजिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की जाएगी, जिसमें अंतिम छोर तक सेवा प्रदायगी, सभी लाभार्थियों को लाभान्वित करने और परिणाम-उन्मुख कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा
प्रविष्टि तिथि:
08 OCT 2026 5:51PM by PIB Delhi
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, देश के पश्चिमी क्षेत्र में प्रमुख कल्याणकारी, सामाजिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के कार्यान्वयन की व्यापक समीक्षा करने के लिए कल केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव के दीव में एक क्षेत्रीय समीक्षा बैठक (आरआरएम) आयोजित करेगा।
इस बैठक में राजस्थान, गोवा और महाराष्ट्र के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ-साथ दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत बैठक को संबोधित करेंगे और क्षेत्रीय समीक्षा बैठक की मुख्य कार्यान्वयन प्राथमिकताओं और उद्देश्यों को रेखांकित करेंगे।
केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव के माननीय प्रशासक श्री प्रफुल्ल पटेल के मार्गदर्शन में क्षेत्रीय समीक्षा बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं। इनमें समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री आशीष मोहन, दीव के कलेक्टर श्री राहुल देव बूरा और समाज कल्याण विभाग के निदेशक-सह-उप सचिव श्री पुनीत कुलश्रेष्ठ शामिल हैं।
इस चर्चा में भाग लेने वाले राज्यों के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी विचार-विमर्श में शामिल होंगे, जिनमें राजस्थान सरकार के समाज कल्याण विभाग के निदेशक श्री ललित कुमार; गोवा सरकार के समाज कल्याण विभाग के निदेशक श्री दीपक देसाई; महाराष्ट्र सरकार के समाज कल्याण विभाग की आयुक्त सुश्री दीपा मुधोल मुंडे और महाराष्ट्र सरकार के तहत निदेशक सुश्री सोनाली मुले शामिल हैं।
क्षेत्रीय समीक्षा बैठक में भाग लेने वाले मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों में अपर सचिव श्रीमती देबोलीना ठाकुर के साथ संयुक्त सचिव श्री सजीश कुमार एन., श्री परवीन कुमार थिंड, डॉ. संदीप रेवाजी राठौड़, उप महानिदेशक श्रीमती प्रतिमा गुप्ता और निदेशक श्री गौरव सिंह राजावत सहित मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
इस क्षेत्रीय समीक्षा बैठक का उद्देश्य मंत्रालय, भाग लेने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के बीच संस्थागत समन्वय को मजबूत करना तथा सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण कार्यक्रमों के प्रभावी, पारदर्शी, जवाबदेह और परिणाम-उन्मुख कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना है ताकि अंतिम छोर तक सेवा प्रदायगी, सभी लाभार्थियों को लाभान्वित करने, संसाधनों के कुशल उपयोग और मापने योग्य परिणामों पर विशेष जोर दिया जा सके।
यह बैठक योजनाओं की प्रगति का आकलन करने, उन्हें लागू करने में आने वाली कमियों और चुनौतियों की पहचान करने, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने और पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए समय-सीमा के साथ सुधारात्मक और आगे की कार्रवाई के उपायों के निर्धारण हेतु एक संस्थागत मंच प्रदान करेगी।
प्रमुख कार्यक्रमों की योजना-वार समीक्षा
क्षेत्रीय समीक्षा बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रमुख कार्यक्रमों की योजना-वार विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इनमें प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय), नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करने के उपाय तथा नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीडीडीआर) शामिल हैं।
इस समीक्षा बैठक में भौतिक और वित्तीय प्रगति, लाभार्थियों को लाभान्वित करने, निधि उपयोग, संस्थागत तंत्र, वैधानिक सुरक्षा उपायों के कार्यान्वयन, जागरूकता और आउटरीच उपायों, पुनर्वास और सामाजिक पुनः एकीकरण पहलों के साथ-साथ नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) के साथ समन्वय का आकलन किया जाएगा।

एक विस्तृत चर्चा और ओपन-हाउस सेशन से लाभार्थियों की पहचान और उन्हें लाभान्वित करना, विभागों के बीच समन्वय, मॉनिटरिंग व डेटा मैनेजमेंट, निधि का उपयोग, शिकायतों का समाधान और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों व अनुकरणीय मॉडलों के प्रसार से जुड़ी चुनौतियों को समझने और व्यावहारिक समाधान खोजने का अवसर मिलेगा। यह सेशन ज़रूरत के अनुसार समय-सीमा के भीतर सुधारात्मक उपाय तैयार करने पर भी ध्यान देगा।
छात्रवृत्ति, वरिष्ठ नागरिक कल्याण और ‘नमस्ते’ की समीक्षा
दिन भर चलने वाले विचार-विमर्श में छात्रवृत्ति योजनाओं, अटल वयो अभ्युदय योजना (एवीवाईएवाई) और राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता इकोसिस्टम कार्य-योजना (नमस्ते) सहित प्रमुख कल्याणकारी और सामाजिक सशक्तिकरण पहलों पर भी चर्चा की जाएगी।
छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा में लाभार्थी कवरेज, आवेदन और सत्यापन प्रक्रियाएं, सहायता राशि का समय पर वितरण, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) से संबंधित मुद्दे और पात्र छात्रों, विशेष रूप ऐसे छात्र जो अभी तक इनका लाभ नहीं उठा पाए हैं, उन तक पहुंच बढ़ाने के उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत, इस समीक्षा बैठक में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, संरक्षण और सशक्तिकरण से संबंधित पहलों का आकलन किया जाएगा, जिसमें संस्थागत देखभाल, वृद्धावस्था में स्वस्थ जीवन, सामाजिक सुरक्षा, सुगमता, सहायता सेवाएं और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के कार्यक्रमों व उपायों के साथ समन्वय शामिल हैं।
नमस्ते की समीक्षा का मुख्य फोकस सफाई कर्मचारियों और कचरा बीनने वालों की पहचान और उनका डेटा तैयार करना, व्यावसायिक सुरक्षा और गरिमा, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य लाभों तक पहुंच, स्वच्छता कार्यों का मशीनीकरण, क्षमता निर्माण, आजीविका सहायता तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं के साथ समन्वय पर होगा।
अंतिम छोर तक सेवा प्रदायगी और मापने योग्य परिणामों पर फोकस
एक समर्पित परिणाम संबंधी समीक्षा सत्र में पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करना, सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता और समयबद्धता, कार्यान्वयन की बाधाएं, जागरूकता और आउटरीच तंत्र, प्रौद्योगिकी-आधारित निगरानी, शिकायत निवारण और फीडबैक प्रणाली, तथा केंद्र सरकार की योजनाओं और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा कार्यान्वित कार्यक्रमों के बीच समन्वय का आकलन किया जाएगा।
अंतिम छोर तक सेवा प्रदायगी और मापने योग्य परिणामों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी कार्यक्रमों से लक्षित लाभार्थियों के जीवन में वास्तविक सुधार हो।
इस बैठक का उद्देश्य भाग लेने वाले राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्राथमिकता वाले प्रयासों और विशिष्ट कार्य बिंदुओं की पहचान करना है, जिसमें कार्यान्वयन तंत्र को मजबूत करने, पहुंच में सुधार करने, लाभार्थी पहचान में कमियों को दूर करने और लाभों की समय पर तथा पारदर्शी डिलीवरी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
आगे की रूपरेखा
समापन सत्र में विचार-विमर्श से सामने आई मुख्य बातों, प्राथमिकताओं और अनुशंसाओं को समेकित किया जाएगा। आगे की रूपरेखा में कार्य बिंदुओं और उत्तरदायित्वों को अंतिम रूप देना, मंत्रालय, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय, कार्यान्वयन संबंधी बाधाओं का समयबद्ध समाधान, भौतिक और वित्तीय प्रगति की बेहतर निगरानी तथा संबंधित प्राधिकारियों द्वारा अनुवर्ती कार्रवाई की रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करना शामिल होगा।
क्षेत्रीय समीक्षा बैठक से पश्चिमी क्षेत्र में सामाजिक न्याय, सामाजिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु संस्थागत ढांचे के और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद है। यह समावेशी विकास, सामाजिक सुरक्षा, गरिमा, समान अवसर तथा समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ करेगा, और यह सुनिश्चित करने पर निरंतर ध्यान केंद्रित करेगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचे।
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पीके/केसी/आरटी/एसके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2321031)
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