नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने ‘विश्व हाइड्रोजन और ईंधन सेल दिवस 2026’ का आयोजन किया
सरकार, उद्योग जगत और विशेषज्ञ हाइड्रोजन के सुरक्षित उपयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने के लिए एक मंच पर आए
प्रविष्टि तिथि:
08 OCT 2026 7:01PM by PIB Delhi
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने विश्व हाइड्रोजन और ईंधन सेल दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित अटल अक्षय ऊर्जा भवन में एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान भारत में हाइड्रोजन के उपयोग के लिए आवश्यक मानकों और सुरक्षा उपायों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में 100 से अधिक सरकारी अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शोधकर्ता और विशेषज्ञ शामिल हुए।
कार्यक्रम में हाइड्रोजन से जुड़े मानकों और हाइड्रोजन सुविधाओं में सुरक्षा से संबंधित दो पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं। इन चर्चाओं में ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (सीईईडब्ल्यू), भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी), पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ), तेल उद्योग सुरक्षा निदेशालय (ओआईएसडी) तथा अन्य शोध और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और इस बात पर चर्चा की कि स्पष्ट मानक व प्रभावी सुरक्षा उपाय भारत में हाइड्रोजन के व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने में किस तरह मददगार हो सकते हैं।
चर्चा के दौरान हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और उपयोग के लिए स्पष्ट मानक तय करने पर जोर दिया गया। साथ ही हाइड्रोजन के साथ सुरक्षित तरीके से काम करने के लिए बेहतर परीक्षण और प्रशिक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। सरकारी एजेंसियों, उद्योग जगत और विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत का भी उल्लेख किया गया।
समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद शामिल हुए। भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) के प्रबंध निदेशक श्री आकाश त्रिपाठी ने विशेष संबोधन दिया, जबकि राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (एनआईएसई) के महानिदेशक श्री मोहम्मद रिहान ने भी सभा को संबोधित किया। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के मिशन निदेशक श्री अभय बाकरे ने प्रारंभिक संबोधन दिया। इसके बाद मंत्रालय के वैज्ञानिक ‘एफ’ श्री सुजीत पिल्लई ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इस कार्यक्रम के दौरान बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के सहयोग से तैयार एक रिपोर्ट भी जारी की गई। इसका शीर्षक ‘भारत के हाइड्रोजन मानक: अंतर का आकलन और प्रारंभिक कार्य रूपरेखा’ है। रिपोर्ट में देश में मौजूदा हाइड्रोजन मानकों का विश्लेषण किया गया है। साथ ही, उन क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहां सुधार और आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है।
जनवरी 2023 में 19,744 करोड़ रुपये के बजट के साथ राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को मंजूरी दी गई थी। इसका उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन और उससे जुड़े उत्पादों के उत्पादन, उपयोग और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है। इस मिशन के तहत 2030 तक हर वर्ष 50 लाख मीट्रिक टन हरित हाइड्रोजन के उत्पादन की क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। मिशन के माध्यम से हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, उपकरण निर्माण, प्रायोगिक परियोजनाओं, अनुसंधान और प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है।



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पीके/केसी/आरटी/एनके
(रिलीज़ आईडी: 2321179)
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