संचार मंत्रालय
भारत 6G एलायंस ने तीसरे अंतरराष्ट्रीय भारत 6G संगोष्ठी 2026 में वैश्विक साझेदारी मजबूत की
संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने समापन सत्र को संबोधित किया; दूरसंचार विभाग ने ESTIC 2026 और इंटेलिजेंट नेटवर्क व क्वांटम कम्युनिकेशन पर बल की जानकारी दी
प्रविष्टि तिथि:
09 OCT 2026 7:41PM by PIB Delhi
नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि में तीसरे अंतरराष्ट्रीय भारत 6G संगोष्ठी 2026 का समापन हुआ। समापन सत्र को संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने संबोधित किया। भारत 6G एलायंस (B6GA) द्वारा इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के साथ आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में ग्लोबल टेलीकॉम लीडर्स, नीति-निर्माता, मानक संगठन, उद्योग जगत, शिक्षाविद और शोधकर्ता एक साथ आए ताकि IMT-2030 और उससे आगे की रूपरेखा पर चर्चा की जा सके।

संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ने अपने संबोधन में दो दिवसीय तीसरे इंटरनेशनल भारत 6G सिम्पोजियम 2026 के आयोजन और 75 से अधिक वक्ताओं को आमंत्रित करने के लिए भारत 6G एलायंस को बधाई दी। इन वक्ताओं में 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल थे

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े दूरसंचार बाजारों में से एक होने की स्थिति से आगे बढ़कर महत्वपूर्ण टेलीकॉम टेक्नोलॉजी राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा है। हमारी स्वदेशी टेक्नोलॉजी की यात्रा ने हमें एक महत्वपूर्ण बात सिखाई है: आत्मनिर्भरता और ग्लोबल सहयोग एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। हमारी क्षमताएं जितनी मजबूत होंगी, हम दुनिया के लिए उतने ही मजबूत साझेदार बन सकेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि 6G से कोई नया डिजिटल अंतर पैदा नहीं होना चाहिए, जबकि हम अब भी पुराने अंतर को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए, किफायती होना, पहुंच और कवरेज डिजाइन की मुख्य आवश्यकताएं होनी चाहिए - न कि बाद में सोची जाने वाली बातें। 6G में, कनेक्टिविटी वहीं खत्म नहीं होनी चाहिए जहां टावर खत्म होता है। टेरेस्ट्रियल (जमीनी) और सैटेलाइट नेटवर्क का एकीकरण कनेक्टिविटी को और आगे ले जा सकता है और दूर-दराज के गांवों, द्वीपों, महासागरों और ऐसी जगहों तक पहुंच सकता है जहां पारंपरिक नेटवर्क मुश्किल से ही पहुंच पाते हैं। भारत बड़े पैमाने पर इन टेक्नोलॉजीज़ का टेस्ट करने और उनसे मिली जानकारी को दुनिया के साथ साझा करने के लिए तैयार है। हमारा राष्ट्रीय लक्ष्य 'विकसित भारत' है — यानी 2047 तक, जब हमारी आज़ादी के 100 वर्ष पूरे होंगे, भारत विकसित देश बन जाए।
विशेषज्ञों ने 6G के लिए 5G-एडवांस्ड फ़ाउंडेशन, ग्लोबल स्टैंडर्ड्स, स्पेक्ट्रम और WRC-27, इंटरनेशनल ट्रायल्स और टेस्टबेड्स, AI-नेटिव और सस्टेनेबल नेटवर्क, स्टार्टअप्स और शिक्षा जगत, ग्लोबल अलायंस और इंडस्ट्रियल यूज़ केसेस जैसे विषयों पर चर्चा में हिस्सा लिया। संगोष्ठी में इस बात पर बल दिया गया कि ग्लोबल इंटरऑपरेबिलिटी और समावेशी 6G विकास, देशों, उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और मानक तय करने वाली संस्थाओं के बीच सहयोग पर निर्भर करेगा।

इस संगोष्ठी (सिम्पोजियम) ने वैश्विक 6G अनुसंधान और मानकों में योगदान देने के साथ-साथ देश में क्षमताएं विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत करने के भारत के संकल्प को दोहराया। चर्चाओं में मानकों के विकास में तालमेल, मिलकर अनुसंधान करने, स्पेक्ट्रम को एक जैसा बनाने और बड़े पैमाने पर परीक्षण की बात कही गई। इसके साथ ही, भविष्य के नेटवर्क के डिज़ाइन में किफायतीपन, पहुंच, सुरक्षा और टिकाऊपन को शामिल करने पर बल दिया गया।
एक महत्वपूर्ण परिणाम GSMA, one6G, GTI अलायंस, 6G इनोवेशन फोरम (6G IF) ताइवान और VOICE के साथ पांच नए समझौतों का आदान-प्रदान रहा। इससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग, संयुक्त अनुसंधान, परीक्षण और जानकारी के आदान-प्रदान के अवसर बढ़ेंगे। B6GA ने दस व्हाइट पेपर और रिपोर्ट भी जारी कीं, जिनमें 6G के साझा सिद्धांतों पर प्रगति रिपोर्ट भी शामिल है। ये रिपोर्ट ऐसे 6G इकोसिस्टम की दिशा में लगातार हो रहे कार्य को दिखाती हैं जो डिज़ाइन के स्तर पर ही सुरक्षित, खुला, मज़बूत, समावेशी और टिकाऊ हो।

संचार राज्य मंत्री की उपस्थिति में समापन सत्र के दौरान, दूरसंचार विभाग ने ' उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार कॉन्क्लेव' (ईएसटीआईसी) 2026 के लिए शुरुआती कार्यक्रम (कर्टेन रेज़र) पेश किया। विज्ञान और तकनीक के इस राष्ट्रीय मंच का दूसरा संस्करण 27-29 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के मार्गदर्शन में और सीएसआईआर द्वारा 12 विभागों/मंत्रालयों के सहयोग से किया जा रहा है। इसका विषय "रचनात्मक सोच, विज्ञान को बढ़ावा, तकनीक को सशक्त बनाना” है।
तीन दिन के इस कॉन्क्लेव में मुख्य भाषण, 9 खास तकनीकी सत्र, पैनल चर्चा, विज्ञान और तकनीक के लीडर्स और डीप-टेक स्टार्टअप्स की प्रेजेंटेशन, प्रदर्शनी और B2B/B2G मीटिंग्स शामिल होंगी।
ईएसटीआईसी 2026 के दूसरे संस्करण में, दूरसंचार विभाग को "इंटेलिजेंट नेटवर्क्स एंड क्वांटम कम्युनिकेशन" विषय पर आधारित सत्र का नेतृत्व करने की ज़िम्मेदारी दी गई है, जो 28 अक्टूबर 2026 को होगा। इस सत्र में भविष्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षित संचार को आकार देने वाली तकनीकों पर चर्चा की जाएगी। इसमें टीसीएस के उपाध्यक्ष श्री एन. जी. सुब्रमण्यम का मुख्य भाषण; डीप-टेक उद्यमियों और तकनीक के लीडर्स की प्रस्तुति शामिल होंगी। आईआईटी कानपुर, आईआईटी दिल्ली, एचएफसीएल, रिलायंस जियो और भारत 6G एलायंस के विशेषज्ञों के साथ पैनल चर्चा होगी, जिसका संचालन सी-डॉट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. राजकुमार उपाध्याय करेंगे।
अधिक जानकारी के लिए, कृपया www.estic2026.in देखें।
भारत 6G अलायंस का परिचय
जुलाई 2023 में स्थापित, भारत 6G अलायंस उद्योग के नेतृत्व वाला सहयोगी मंच है। यह भारत के 6G लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, उद्योग, स्टार्टअप्स, शिक्षा जगत और अनुसंधान संस्थानों को एक साथ लाता है। यह किफायती, सुरक्षित, टिकाऊ और विश्व स्तर पर इंटरऑपरेबल 6G इकोसिस्टम के लिए स्वदेशी अनुसंधान और नवाचार, बौद्धिक संपदा बनाने, अंतरराष्ट्रीय मानकों में भागीदारी और साझेदारी को बढ़ावा देता है।
अधिक जानकारी के लिए www.bharat6galliance.com देखें।
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पीके/केसी/आरटी/पीके
(रिलीज़ आईडी: 2321584)
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