युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय
वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में भोपाल में 'राष्ट्रीय वंदे मातरम युवा शिविर 2026-27' की शुरुआत
माननीय कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कार्यक्रम का उद्घाटन कियाः छह राज्यों के लगभग 200 युवाओं ने इसमें भाग लिया और देशभक्ति, सांस्कृतिक विरासत व राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
प्रविष्टि तिथि:
12 OCT 2026 4:58PM by PIB Bhopal
वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर, भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय के अंतर्गत में 'माय भारत, मध्य प्रदेश' ने आज भोपाल स्थित इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट (IIFM) में 'राष्ट्रीय वंदे मातरम युवा शिविर 2026-27' का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मध्य प्रदेश सरकार के माननीय कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने दोपहर 12 बजे किया। 12 से 18 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस सात दिवसीय शिविर में तमिलनाडु, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान सहित छह राज्यों के युवा प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। उद्घाटन कार्यक्रम में लगभग 200 युवाओं ने भाग लिया।
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वंदे मातरम के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित करते हुए, यह शिविर युवाओं में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक चेतना, सांस्कृतिक सदभाव और राष्ट्र-निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस शिविर का उद्देश्य विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक साझा मंच प्रदान करना और उनमें नेतृत्व कौशल, सामाजिक जिम्मेदारी तथा नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सामूहिक रूप से चंदे मातरम के गायन के साथ हुई। कार्यक्रम के दौरान मां सरस्वती, स्वामी विवेकानंद और वंदे मातरम के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का स्मरण करते हुए दीप प्रज्वलित किए गए। इस मौके पर मौजूद मेहमानों, अधिकारियों और युवा प्रतिभागियों ने मिलकर 'वंदे मातरम' माया, जिससे पूरे माहौल में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना भर गई।
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सभा का स्वागत करते हुए, राज्य निदेशक श्री मंगल जाखड़ ने 'वंदे मातरम युवा शिविर' के उद्देश्य के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि कैसे छह पदों वाला 'वंदे मातरम' एक प्रेरणादायक मंत्र बना, जिसने आज़ादी की लड़ाई के दौरान भारत के लोगों को एकजुट किया; साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह शिविर अब छह अलग-अलग राज्यों के युवाओं को एक साथ लाने का एक अहम मंच है और इसी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हुए युवाओं का कार्यक्रम में शामिल होने पर धन्यवाद किया।
अपने संबोधन में, नगर पालिका अध्यक्ष भोपाल, श्री किशन सूर्यवंशी ने 'वंदे मातरम' के गहरे ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला और इसे वह पवित्र मंत्र बताया जिसने क्रांतिकारियों को देश के लिए बलिदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं को 'वंदे मातरम' के सभी छह पदों का पूरा अर्थ समझने के लिए प्रोत्साहित किया और उनमें यह विश्वास जगाया कि जब युवा बदलाव लाने का संकल्प लेते हैं, तो देश अभूतपूर्व तरक्की करता है और ऐसी ऊंचाइयों तक पहुँचता है जिनका कोई मुकाबला नहीं कर सकता।
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मुख्य अतिथि माननीय मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और मेरा युवा भारत को एक ऐसा कार्यक्रम करने के लिए बधाई दी. जो अलग-अलग संस्कृति के युवाओं को एक साथ लाता है और भारत की असली भावना को दिखाता है। भारत की "अनेकता में एकता" की मुख्य ताकत पर जोर देते हुए, उन्होंने युवाओं को याद दिलाया कि कई साहसी स्वतंत्रता सेनानी भी उन्हीं की तरह युवा थे, जिन्होंने अपने परिवार की चिंता किए बिना अपना पूरा जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया। श्रोताओं को यह याद दिलाते हुए कि मनुष्य का जन्म जीवन का सबसे बड़ा प्रारूप है, उन्होंने युवाओं के दिलों में जोश भरते हुए यह संबोधित किया कि अगर मैं जिऊंगा, तो इस देश के लिए जिऊंगा, और अगर मैं मरूंगा, तो इस देश के लिए मरूंगा।" अंत में युवाओं को उद्बोधित करते हुए मंत्री जी ने कहा, "हमें देश के लिए जीना होगा। उक्त कार्यक्रम में श्री अजय श्रीवास्तव अतिरिक्त मुख्य सचिव (खेल), श्री मनोज जैन वरिष्ठ सलाहकार अटल बिहारी सुशासन संस्थान, श्री योगेश दुबे मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा भी वंदे मातरम के ऊपर प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम में सुश्री मानसी शर्मा ने वंदे मातरम के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में इसके महत्व पर एक विस्तृत बेजेंटेशन दिया। इसके अलावा, वंदे मातरम की ऐतिहासिक यात्रा और राष्ट्रीय चेतना में इसके योगदान को दिखाने बाला एक विस्तृत वीडियो दिखाया गया। इन बेजेंटेशन ने युवाओं को राष्ट्रगान की ऐतिहासिक विरासत और इसकी प्रेरणा देने वाले महत्व से परिचित कराया।
सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित अतिथियों एवं युवाओं को मंत्रमुग्ध कर दिया कार्यक्रम में रामानंद म्यूजिक कॉलेज की और से एक शानदार सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति दी गई, जिसे गुरु प्रज्ञा शर्मा ने निर्देशित किया था। इस खूबसूरत प्रदर्शन ने भारतीय संस्कृति, कला और परंपरा की समूद्ध विरासत को अच्छे से विखाया। सांस्कृतिक कार्यक्रम ने युवाओं में अपनी सांस्कृतिक पहचान, देश की अलग-अलग परंपराओं और राष्ट्रीय एकता के लिए सम्मान की भावना को और मजबूत किया।
सात दिनों में कई तरह की एजुकेशनल और पार्टिसिपेटरी एक्टिविटीज होंगी। कैंप के दौरान, युवाओं के लिए इंट्रोडक्शन और ओरिएंटेशन सेशन, एक्सपीरियंस शेयरिंग, थीमेटिक डिस्कशन, सफाई एक्टिविटीज, वॉक, कल्चरल मोग्राम, फील्ड ट्रिप, ग्रुप फेजेंटेशन, स्पोट्र्स और यूथ डायलॉग जैसी एक्टिविटीज आयोजित की जाएंगी। प्रतिभागियों को अलग-अलग राज्यों की भाषा, संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक अनुभवों को समझने का मौका मिलेगा। 13 अक्टूबर को, अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के संबंध में विषयगत सत्र और युवा जुड़ाव गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। अगले दिनों में, क्षेत्र यात्राओं, अनुभवात्मक शिक्षा, खेल, समूह गतिविधियों और सांस्कृतिक संवादों के माध्यम से युवा नेतृत्व कौशल और टीम वर्क को बढ़ावा दिया जाएगा। शिविर 18 अक्टूबर, 2026 को समापन समारोह, समूह तस्वीरों और प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया संग्रह के साथ समाप्त होगा। अधिकारियों ने भाग लिया|

कार्यक्रम में श्री मंगल जाखड़, राज्य निदेशक, मेरा युवा भारत, मध्य प्रदेश, उप उपनिदेशक श्री रोहित यादव, श्रीमती मोनिवत चौधनी, उपनिदेशक, श्रीमती निक्की राठौर, उप निदेशक, भोपाल, श्री सागर वाधवानी, जिला युवा अधिकारी, शाजापुर और आगर मालवा, श्री अभिषेक भारद्वाज, सहायक निदेशक, और अन्य विभागीय अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। जिला युवा अधिकारी, खंडवा, श्रीमती पल्लवी जैन, जिला युवा अधिकारी, नरसिंहपुर, श्री उमंग जैन, जिला
युवा अधिकारी, छतरपुर, श्री मयंक पाठक, सुश्री श्रद्धा मित्तल, लेखा अधिकारी, श्री चेतराम जंघेला, श्री मनीष चौहान, सुश्री निभी यादव, अन्य अधिकारियों और समस्त कार्यालय स्टाफ उपस्थित रहा| प्रोग्राम के आखिर में, प्रोग्राम मीडिया इंबार्ज, श्री सागर वाधवानी ने मेहमानों, अधिकारियों, सांस्कृतिक कलाकारों, युवा प्रतिभागी और मीडिया प्रतिनिधि का साधुवाद किया।
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(रिलीज़ आईडी: 2322332)
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