सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
आत्मविश्वास के साथ शैक्षणिक आकांक्षाओं को पूरा करना
राजस्थान के राजसमंद की डॉ. चेतना रेगर की एनएफएससी योजना के माध्यम से यात्रा
प्रविष्टि तिथि:
12 OCT 2026 7:03PM by PIB Delhi
अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय फैलोशिप (एनएफएससी) योजना पात्र शोधार्थियों को डॉक्टरेट की पढ़ाई करने और अपने शैक्षणिक लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने की आकांक्षा रखने वाले अनेक शोधार्थियों के लिए आर्थिक कठिनाइयाँ राह में बाधा बन सकती हैं।
राजस्थान के राजसमंद ज़िले की डॉ. चेतना रेगर की यात्रा दर्शाती है कि ऐसी सहायता उच्च शिक्षा को संभव बनाने में किस तरह भूमिका निभा सकती है।
32 वर्षीय डॉ. चेतना रेगर उच्च शिक्षा प्राप्त करने और अकादमिक क्षेत्र में अपना करियर बनाने की आकांक्षा रखती थीं। लेकिन उच्च शिक्षा का आर्थिक बोझ और परिवार का दबाव उनके लिए अपने सपनों को पूरा करना कठिन बना रहे थे। उन्होंने यह भी महसूस किया कि निजी क्षेत्र में डॉक्टरेट की योग्यता और शोध अनुभव को हमेशा पर्याप्त मान्यता नहीं मिलती, जिससे रोज़गार के अवसरों को लेकर अनिश्चितता और बढ़ जाती है।

उन्हें एनएफएससी फैलोशिप के तहत सहायता नवंबर 2020 में मिलनी शुरू हुई। इसमें फैलोशिप सहायता, मकान किराया भत्ता (एचआरए) और आकस्मिकता सहायता शामिल थी। इस सहायता से उन्हें पीएच.डी. की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिली और डॉक्टरेट शिक्षा से जुड़ी आर्थिक बाधाएँ कम हुईं। डॉ. रेगर ने बताया है कि फैलोशिप के बिना उनके लिए पीएच.डी. करना संभव नहीं होता।
इस सहायता से उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव भी आया: डॉ. रेगर ने बताया कि उनका आत्मविश्वास बढ़ा। इस आत्मविश्वास ने अपनी शैक्षणिक और व्यावसायिक आकांक्षाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को बनाए रखने में मदद की है।
डॉ. रेगर फिलहाल सहायक प्रोफेसर के पदों के लिए अपनीतैयारी कर रही हैं। उनकी यात्रा बताती है कि फैलोशिप सहायता पात्र शोधार्थियों को डॉक्टरेट की पढ़ाई करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और शिक्षण एवं शोध के क्षेत्र में करियर बनाने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद कर सकती है।
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पीके/केसी/आरटी/एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2322462)
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