संस्‍कृति मंत्रालय
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हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), राष्ट्रीय संस्कृति कोष (एनसीएफ) और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने धरोहर स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए एमओए पर हस्ताक्षर किए

प्रविष्टि तिथि: 13 OCT 2026 8:21PM by PIB Delhi

एचएएल, एनसीएफ और एएसआई ने आज तीन प्रमुख धरोहर स्थलों (हेरिटेज साइट्स) - कर्नाटक में हम्पी, उत्तर प्रदेश के आगरा में ताजमहल और केरल में बेकल किले - पर विरासत संरक्षण और विकास के काम करने के लिए एक समझौते (एमओए) पर हस्ताक्षर किए।

नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-02 में सचिव, संस्कृति मंत्रालय श्री विवेक अग्रवाल की उपस्थिति में एमओए पर हस्ताक्षर किए गए। एचएएल की ओर से कार्यकारी निदेशक (एचआर) श्री प्रदीप कुमार ने एमओए पर हस्ताक्षर किए।

इस कार्यक्रम में एचएएल के वरिष्ठ अधिकारी - श्री एम जी बालासुब्रह्मण्य (निदेशक-एचआर), रमेश के (डीजीएम-एचआर-सीएसआर), सुश्री वर्षा (सीएम-एचआर), श्री सुधाकर (मैनेजर-एचआर) के साथ-साथ एनसीएफ और एएसआई के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

एचएएल ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2028-29 के दौरान परियोजनाओं के लिए ₹23.60 करोड़ की आर्थिक सहायता को सैद्धांतिक मंज़ूरी दी है। इन प्रस्तावित पहलों का उद्देश्य इन अहम धरोहर स्थलों पर आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बचाना, सुरक्षित रखना और बेहतर बनाना है, जिससे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और टिकाऊ विरासत पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।

यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल हम्पी में होने वाली परियोजनाओं में ऐतिहासिक नॉर्थ और साउथ बाजार इलाकों में सुधार के काम शामिल हैं, जिनमें प्रस्तावित विकास कार्य क्रमशः लगभग 270 मीटर और 250 मीटर तक फैले होंगे। ताजमहल और बेकल किले में होने वाली पहल एएसआई के साथ परामर्श के बाद मंजूर किए गए संरक्षण और स्थल-विकास कार्यों पर केंद्रित होंगी।

संस्कृति मंत्रालय द्वारा स्थापित 'राष्ट्रीय संस्कृति कोष' (एनसीएफ), भारत की मूर्त और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए सरकार और कॉर्पोरेट क्षेत्र के बीच साझेदारी को बढ़ावा देता है। इस सहयोग के जरिए, एनसीएफ, एचएएल और एएसआई के साथ मिलकर परियोजनाओं को लागू करने में मदद करेगा।

ये परियोजनाएं एएसआई की तकनीकी देखरेख और मार्गदर्शन में पूरे किए जाएंगे, ताकि संरक्षण के तय सिद्धांतों और नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।

यह साझेदारी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के प्रति एचएएल की प्रतिबद्धता और भारत की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में उसके योगदान को दर्शाती है। साथ ही, यह आने वाली पीढ़ियों के लिए देश की अमूल्य विरासत को संरक्षित करने में सरकारी संस्थानों और कॉर्पोरेट संगठनों के आपसी सहयोग के महत्व को भी रेखांकित करती है।

एमओए पर हस्ताक्षर करना हेरिटेज सेक्टर में सार्वजनिक- निजी भागीदारी को मजबूत करने और भारत की सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा और उसे बढ़ावा देने के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है।

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पीके/केसी/आरटी/एमपी/एसएस


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