शिक्षा मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

सीयू में आम्बेडकर संवादमाला का समापन

डॉ. आम्बेडकर की बौद्ध दीक्षा निरंतरता की है यात्रा : प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री


विवि के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने मुख्य अतिथि के रूप में व्याख्यानमाला में रखे अपने विचार

प्रविष्टि तिथि: 14 OCT 2026 4:15PM by PIB Shimla
Press Release photo

 

धर्मशाला: प्रो. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री ने कहा कि डॉ. आम्बेडकर की बौद्ध दीक्षा को सामान्यतः मतांतरण के तौर पर परिभाषित कर दिया जाता है, जबकि उनकी यह यात्रा निरंतरता की है। अन्य पंथों को छोड़कर बौद्ध मत की शरण में जाने का चुनाव ही यह बताता है कि वह भारतीयता की परिधि में रहकर की अपने निर्णय लेते थे। वे हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के आम्बेडकर अध्ययन केंद्र की ओर से आयोजित आम्बेडकर संवादमाला के समापन सत्र में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे । ’डॉ भीमराव रामजी आम्बेडकर के दृष्टिकोण में बुद्ध या कार्ल मार्क्स’ विषय पर आयोजित संवादमाला में कई गणमान्यों ने भाग लिया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल मौजूद रहे।

वहीं मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए प्रो. अग्निहोत्री ने कहा कि भगवान बुद्ध आंतरिक बदलाव को प्राथमिकता देते देते है, जबकि कार्ल मार्क्स बाहरी हिंसा के जरिए बाहरी बदलवा को। डॉ. आम्बेडकर ने भगवान बुद्ध के शरण में जाकर अपनी प्राथमिकताएँ स्पष्ट रूप से बता दी थी । उन्होंने कहा कि डॉ. आम्बेडकर ने निंदा-प्रशंसा से परे हट कर भारत के लिए जो सही था वो किया। उन्होंने अभारतीय मज़हब में मतांतरण के विकल्प को इसी दृष्टि से नकारा था कि उससे आने वाली पीढ़ियों की भारत के प्रति श्रद्धा समाप्त हो जाएगी। डॉ. आम्बेडकर ने राष्ट्रबोध और समाजबोध को अपने शोध के केन्द्र में रखा। वह नवीन शोधार्थियों को इस बात के लिए प्रेरित करते हैं कि वे अपने शोध को राष्ट्र और समाज को केन्द्र में रखकर आगे बढ़ाएं । शोध ही समाज और राष्ट्र को सकारात्मक दिशा देने को आधार तैयार करते हैं।

वहीं बतौर मुख्य अतिथि केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भी विश्वविद्यालयों में होने वाले शोध को सामाजिक और राष्ट्रीय समस्याओं से जोड़ना आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि इससे सरकार को सही नीतियाँ बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत बहुत कम समय में आम्बेडकर संवादमाला ने देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है और यह आशा जताई की वर्तमान भारतीय विमर्श को सकारात्मक दिशा देने में यह संवादमाला एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप साबित होगी। उन्होंने यह भी आह्वान किया कि अन्य विभागों और केन्द्रों को भी वास्तविक तथ्यों को सामने लाने वाली व्याख्यान श्रृंखलाओं का आयोजन करना चाहिए।

इस कार्यक्रम के दौरान संवादमाला में वर्षभर हुए व्याख्यानों और संवाद को समेटने वाली ‘संवादमाला सारांशिका’ का लोकार्पण भी हुआ। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के आम्बेडकर अध्ययन केंद्र में सहायक आचार्य डॉ. किस्मत कुमार ने मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता का इस संवादमाला में भाग लेने पर आभार जताया।

डॉ. किस्मत कुमार की पुस्तक ‘बुद्ध की शरण में डॉ. भीमराव रामजी आम्बेडकर’ का लोकार्पण

हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के आम्बेडकर अध्ययन केंद्र में सहायक आचार्य डॉ. किस्मत कुमार की पुस्तक ‘बुद्ध की शरण में डॉ. भीमराव रामजी आम्बेडकर’ का लोकार्पण विश्वविद्यालय के सप्तसिंधु परिसर में हुआ। केंद्र की ओर से वर्षभर आयोजित आम्बेडकर संवादमाला के सम्मापन के अवसर पर इस पुस्तक का लोकार्पण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल और हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति आकादमी के उपाध्यक्ष प्रो. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री ने किया। छः अध्यायों में विभाजित यह पुस्तक डॉ. आम्बेडकर के बुद्ध की शरण में जाने की यात्रा का तथ्याधारित विस्तृत वृत्तांत है। पुस्तक के लोकार्पण के अवसर पर प्रो. अग्निहोत्री ने कहा कि यह पुस्तक डॉ. आम्बेडकर के जीवन को नये सिरे से समझने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक डॉ. आम्बेडकर के बुद्ध की शरण में जाने की यात्रा से जुड़े कई भ्रम और प्रश्नों का उत्तर देती है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने डॉ. किस्मत कुमार को पुस्तक के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह पुस्तक वर्तमान भारतीय राजनीतिक और सामाजिक विमर्श को नया तथ्यात्मक धरातल उपलब्ध कराएगी। और भारतीय समाज में समरसता के भाव को सुदृढ़ करने में सहयोग प्रदान करेगी। इस अवसर पर पुस्तक के लेखक डॉ. किस्मत कुमार ने कहा कि जिन लोगों ने पुस्तक को लिखने के लिए निरंतर प्रेरित किया उनके हाथों से ही इसका लोकार्पण होना मेरे लिए आशीर्वाद जैसा है। उन्होंने कहा कि पुस्तक ने डॉ. आम्बेडकर को समझने की तथ्यात्मक आधारभूमि तैयार करने का प्रयास किया है।

SS/RK


(रिलीज़ आईडी: 2323276) आगंतुक पटल : 2