सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से BHARAT TULIP पारंपरिक कारीगरों के लिए बाजार तक पहुँच बढ़ा रहा है।
प्रविष्टि तिथि:
14 OCT 2026 4:58PM by PIB Bhopal
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (NBCFDC) के माध्यम से BHARAT TULIP (पारंपरिक कारीगरों के उत्थान और आजीविका का कार्यक्रम) लागू कर रहा है। इसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों की आजीविका को मजबूत करना, बाजार तक उनकी पहुँच बढ़ाना, उनके उत्पादों की पहचान बढ़ाना और उन्हें भारत तथा विदेशों के ग्राहकों से जुड़ने के अवसर प्रदान करना है।
5 नवंबर 2024 को शुरू किए गए BHARAT TULIP का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को बड़े बाजारों से जोड़ना और उन्हें डिजिटल तथा अन्य विपणन माध्यमों से अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने के अवसर प्रदान करना है। इस पहल का उद्देश्य पात्र लक्षित वर्गों के कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और साथ ही भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा पारंपरिक कारीगरी को सुरक्षित रखना है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से पारंपरिक उत्पादों को BHARAT TULIP ब्रांड के नाम से प्रस्तुत किया जाता है, ताकि उनकी पहचान बढ़े और ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा मिले। इस पहल का उद्देश्य कारीगरों के सामने आने वाली बाजार संबंधी समस्याओं को दूर करना और उनके उत्पादों को स्थानीय बाजारों से आगे के ग्राहकों तक पहुँचाना है। एक ही ब्रांड के तहत उत्पादों को बढ़ावा देकर पारंपरिक हस्तकलाओं की पहचान बढ़ाने और कारीगरों के लिए आजीविका के स्थायी अवसर पैदा करने का प्रयास किया जाता है।

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि NBCFDC डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स माध्यमों के जरिए बाजार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध करा रहा है, ताकि कारीगर अपने उत्पाद अधिक ग्राहकों तक पहुँचा सकें। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में उत्पादों का प्रचार, डिजिटल मार्केटिंग, गुणवत्ता सुनिश्चित करना, कौशल विकास तथा सामान की ढुलाई और डिलीवरी से जुड़ी सहायता भी शामिल है। इससे कारीगर बाजार की बदलती जरूरतों के अनुसार काम कर सकते हैं।
अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य कारीगरों को प्रदर्शनियों, व्यापार मेलों और खरीदार-विक्रेता बैठकों में भाग लेने के अवसर प्रदान करना भी है। इससे वे अपने उत्पादों को प्रदर्शित कर सकते हैं, संभावित खरीदारों से जुड़ सकते हैं और कारोबार के नए अवसर तलाश सकते हैं। ऐसे मंच पारंपरिक कारीगरों को बाजार से जुड़ने और अपने उत्पादों को अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद कर सकते हैं।
BHARAT TULIP के अंतर्गत घर की सजावट और जीवनशैली से जुड़े उत्पाद, हाथ से बनाए गए आभूषण, हाथ से बुने हुए कपड़े और वस्त्र तथा पारंपरिक चमड़े से बने उत्पादों सहित कई प्रकार के पारंपरिक और हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित किए जाते हैं। यह पहल पारंपरिक कौशल और कारीगरी को आज के बाजारों से जोड़ती है और भारत की विविध कलात्मक विरासत के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने को प्रोत्साहित करती है।
कारीगर और इच्छुक लोग इस पहल के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने तथा इसके उत्पादों और विपणन गतिविधियों को देखने के लिए NBCFDC की आधिकारिक TULIP वेबसाइट पर जा सकते हैं। खुदरा विक्रेता, संस्थागत खरीदार और उपभोक्ता भी कार्यक्रम के ऑनलाइन तथा प्रचार माध्यमों के जरिए पारंपरिक उत्पादों को देख सकते हैं। इससे कारीगरों की आजीविका को समर्थन मिलता है और पारंपरिक कौशल को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।
BHARAT TULIP के माध्यम से सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय तथा NBCFDC पारंपरिक कारीगरों के लिए बाजार तक पहुँच मजबूत करके, उद्यमिता को प्रोत्साहित करके और भारत की समृद्ध हस्तकला विरासत को संरक्षित करने तथा उसकी पहचान बढ़ाने में सहायता करके समावेशी आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं।
***
(रिलीज़ आईडी: 2323344)
आगंतुक पटल : 6