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IIT जोधपुर की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में रोबोट से दिल की जाँच और एआई से पसलियों में फ्रैक्चर की पहचान की नई पहल

मेडिकल एआई सिस्टम्स लैब कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और सिमुलेशन तकनीक के माध्यम से हृदय की अल्ट्रासाउंड जाँच, मेडिकल स्कैन के विश्लेषण और चिकित्सा शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कर रही है शोध

प्रविष्टि तिथि: 14 OCT 2026 5:31PM by PIB Jaipur

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence–AI) और रोबोटिक्स स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई संभावनाएँ खोल रहे हैं। इसी दिशा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर (IIT जोधपुर) के शोधकर्ता ऐसी तकनीकों को विकसित करने पर काम कर रहे हैं, जो मेडिकल जाँच में अधिक एकरूपता लाने, जटिल मेडिकल स्कैन के विश्लेषण में लगने वाला समय कम करने और चिकित्सा शिक्षा को अधिक व्यावहारिक एवं संवादात्मक बनाने में सहायक हो सकती हैं।

IIT जोधपुर के मेडिकल एआई सिस्टम्स लैब (MAISys Lab) में एसोसिएट प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. दीपक मिश्रा के नेतृत्व में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और कंप्यूटिंग तकनीकों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों के समाधान तलाशे जा रहे हैं। इस शोध के तीन प्रमुख क्षेत्र हैं—एआई की सहायता से रोबोट द्वारा अल्ट्रासाउंड जाँच, मेडिकल स्कैन का कंप्यूटर आधारित विश्लेषण और सिमुलेशन के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा।

यह शोध स्वास्थ्य सेवाओं में विशेषज्ञ डॉक्टरों पर बढ़ते कार्यभार, जटिल मेडिकल रिपोर्ट और स्कैन के विश्लेषण में लगने वाले समय तथा मेडिकल विद्यार्थियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने जैसी चुनौतियों पर केंद्रित है।

इस शोध का मुख्य उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और चिकित्सा विशेषज्ञता को एक साथ लाकर ऐसी तकनीकें विकसित करना है, जो डॉक्टरों के कार्य को अधिक प्रभावी बनाने और चिकित्सा शिक्षा को बेहतर बनाने में सहयोग कर सकें।

एआई और रोबोटिक्स से हृदय की अल्ट्रासाउंड जाँच को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास

अल्ट्रासाउंड जाँच अपेक्षाकृत कम खर्चीली, सुरक्षित और आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाई जा सकने वाली तकनीक है। हालाँकि, इस जाँच में स्पष्ट और उपयोगी तस्वीरें प्राप्त करना काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि अल्ट्रासाउंड प्रोब को किस प्रकार और किस स्थान पर रखा जाता है। हृदय की अल्ट्रासाउंड जाँच, जिसे इकोकार्डियोग्राफी (Echocardiography) कहा जाता है, में सही तस्वीरें प्राप्त करने के लिए विशेष कौशल और अनुभव की आवश्यकता होती है।

इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए, IIT जोधपुर की मेडिकल एआई सिस्टम्स लैब एआई की सहायता से संचालित होने वाली रोबोटिक अल्ट्रासाउंड प्रणाली विकसित करने पर काम कर रही है। इस प्रणाली में एक रोबोटिक व्यवस्था अल्ट्रासाउंड प्रोब को पकड़ेगी, जबकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित प्रणाली प्रोब की दिशा और स्थिति को नियंत्रित करने में मार्गदर्शन देगी।

इस तकनीक का उद्देश्य प्रोब को हाथ से बार-बार सही स्थिति में रखने पर निर्भरता कम करना और जाँच के दौरान अधिक एकसमान गुणवत्ता वाली तस्वीरें प्राप्त करने में सहायता करना है।

यदि इस तकनीक का सफलतापूर्वक विकास और चिकित्सकीय परीक्षण किया जाता है, तो यह स्वास्थ्यकर्मियों को हृदय की अल्ट्रासाउंड जाँच अधिक कुशलता से करने में मदद कर सकती है। भविष्य में यह विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं में मेडिकल इमेजिंग विशेषज्ञता की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयासों में भी उपयोगी हो सकती है। हालाँकि, वास्तविक चिकित्सा उपयोग के लिए इसकी प्रभावशीलता और अलग-अलग स्वास्थ्य परिस्थितियों में इसकी उपयुक्तता का परीक्षण आवश्यक होगा।

मेडिकल स्कैन का एआई आधारित विश्लेषण: पसलियों में फ्रैक्चर की पहचान में मिलेगी सहायता

मेडिकल इमेजिंग के माध्यम से मानव शरीर के भीतर की स्थिति की महत्त्वपूर्ण जानकारी मिलती है। लेकिन बड़ी संख्या में स्कैन की जाँच और उनका विश्लेषण करने में डॉक्टरों, विशेषकर रेडियोलॉजिस्ट, का काफी समय और विशेषज्ञता लगती है।

मेडिकल इमेज कंप्यूटिंग एक ऐसी तकनीक है, जिसमें कंप्यूटर आधारित तरीकों से मेडिकल तस्वीरों का विश्लेषण करके उनमें मौजूद उपयोगी चिकित्सकीय जानकारी को पहचाना और व्यवस्थित किया जाता है। इससे जाँच की प्रक्रिया को अधिक कुशल और एकसमान बनाने में सहायता मिल सकती है।

IIT जोधपुर की शोध टीम सीटी स्कैन (CT Scan), एमआरआई (MRI) और अल्ट्रासाउंड सहित विभिन्न प्रकार की मेडिकल इमेजिंग के विश्लेषण के लिए कंप्यूटर आधारित विधियाँ विकसित कर रही है।

इस शोध का एक प्रमुख क्षेत्र पसलियों में फ्रैक्चर यानी हड्डी टूटने की पहचान और उसका विश्लेषण है। मेडिकल स्कैन में कई पसलियों की अलग-अलग जाँच करना रेडियोलॉजिस्ट के लिए समय लेने वाला कार्य हो सकता है, विशेषकर तब, जब एक से अधिक चोटों का आकलन करना हो। इस चुनौती से निपटने के लिए शोधकर्ता एजेंटिक एआई (Agentic AI) पर आधारित एक ऐसी प्रणाली विकसित कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य पसलियों में विभिन्न प्रकार के फ्रैक्चर की स्थिति की स्वतः पहचान करना और चिकित्सकीय मानकों के अनुसार उनकी विशेषताओं का विश्लेषण करना है। यह प्रणाली जाँच से प्राप्त महत्त्वपूर्ण निष्कर्षों को एक समग्र रूप में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से विकसित की जा रही है, ताकि डॉक्टरों को बार-बार की जाने वाली मैन्युअल जाँच पर पूरी तरह निर्भर न रहना पड़े।

इस तकनीक से मेडिकल स्कैन के विश्लेषण की कुछ प्रक्रियाओं को सरल और तेज करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। इससे रेडियोलॉजिस्ट निष्कर्षों की व्याख्या करने और चिकित्सकीय निर्णय लेने पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। यह तकनीक डॉक्टरों की विशेषज्ञता और निर्णय क्षमता का विकल्प नहीं, बल्कि उनके कार्य में सहयोग देने के उद्देश्य से विकसित की जा रही है।

सिमुलेशन तकनीक से चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

IIT जोधपुर की मेडिकल एआई सिस्टम्स लैब का तीसरा प्रमुख शोध क्षेत्र चिकित्सा शिक्षा है। मेडिकल विद्यार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए जटिल चिकित्सकीय प्रक्रियाओं को समझना, उनका अवलोकन करना और व्यावहारिक कौशल विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। हालाँकि, प्रत्येक विद्यार्थी के लिए वास्तविक चिकित्सकीय परिस्थितियों में प्रक्रियाओं को बार-बार देखने और उनका अभ्यास करने के अवसर हमेशा उपलब्ध नहीं हो पाते। ऐसी स्थिति में सिमुलेशन आधारित तकनीकें सीखने का एक अतिरिक्त और प्रभावी माध्यम बन सकती हैं। इस दिशा में शोध टीम इंटरैक्टिव टूल विकसित कर रही है, जिनमें चिकित्सकीय जाँच की प्रक्रियाओं के सिमुलेटर तथा सर्जरी से संबंधित वीडियो के निर्माण और विश्लेषण की तकनीकें शामिल हैं। इन प्रणालियों के माध्यम से किसी प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं में साधारण डिजिटल निर्देशों या उपयोगकर्ता के इनपुट के जरिए बदलाव किए जा सकते हैं।

इससे विद्यार्थी केवल कल्पना के सहारे किसी प्रक्रिया को समझने या वास्तविक ऑपरेशन थिएटर में उसे देखने पर निर्भर रहने के बजाय, सिमुलेशन के माध्यम से अलग-अलग परिस्थितियों को देख और समझ सकते हैं। वे यह भी जान सकते हैं कि किसी प्रक्रिया में बदलाव करने से उसके विभिन्न चरणों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।

इस शोध का दीर्घकालिक उद्देश्य ऐसे इंटरैक्टिव और सुलभ शिक्षण वातावरण विकसित करना है, जो पारंपरिक चिकित्सा शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने में सहयोग कर सकें।

वास्तविक स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान की दिशा में तकनीक और चिकित्सा का समन्वय

मेडिकल एआई सिस्टम्स लैब के ये तीनों शोध क्षेत्र स्वास्थ्य सेवाओं की अलग-अलग आवश्यकताओं को संबोधित करते हैं। पहला क्षेत्र मेडिकल तस्वीरें प्राप्त करने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। दूसरा, मेडिकल स्कैन से उपयोगी जानकारी निकालने में सहायता देने का प्रयास करता है। तीसरा, भविष्य के स्वास्थ्य विशेषज्ञों को चिकित्सकीय प्रक्रियाओं को समझने और सीखने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करता है।

एआई आधारित रोबोटिक्स मेडिकल इमेजिंग में सहायता देने की संभावनाएँ तलाश रही है, कंप्यूटर आधारित विश्लेषण मेडिकल स्कैन की जाँच को अधिक कुशल बनाने का लक्ष्य रखता है और सिमुलेशन तकनीक चिकित्सा शिक्षा के नए तरीके विकसित करने में सहायक हो सकती है। इन सभी प्रयासों का साझा उद्देश्य कंप्यूटर विज्ञान और आधुनिक तकनीकों का उपयोग उन समस्याओं के समाधान के लिए करना है, जिनका सामना डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को अपने दैनिक कार्य में करना पड़ता है।

इस शोध की व्यापक सोच पर प्रकाश डालते हुए, IIT जोधपुर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपक मिश्रा ने कहा कि “कृत्रिम बुद्धिमत्ता स्वास्थ्य सेवाओं में सार्थक बदलाव ला सकती है, बशर्ते इसका विकास डॉक्टरों, मरीजों और चिकित्सा विद्यार्थियों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाए। मेडिकल एआई सिस्टम्स लैब में हम एआई, रोबोटिक्स और कंप्यूटिंग तकनीकों को एक साथ लाकर हृदय की अल्ट्रासाउंड तस्वीरें प्राप्त करने से लेकर मेडिकल स्कैन के विश्लेषण और चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के सिमुलेशन तक की चुनौतियों पर काम कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य ऐसी तकनीकें विकसित करना है, जो स्वास्थ्य विशेषज्ञों के कार्य में सहयोग दें, चिकित्सा प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाएँ और भविष्य के स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सीखने के अधिक संवादात्मक अवसर तैयार करें। हमारा अंतिम लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि तकनीकी नवाचार चिकित्सा अभ्यास और मरीजों की देखभाल में वास्तविक रूप से सहायक बन सके।”

बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के लिए तकनीकी नवाचार

मेडिकल एआई सिस्टम्स लैब के माध्यम से IIT जोधपुर यह तलाश रहा है कि कंप्यूटर विज्ञान में हो रही प्रगति का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक चुनौतियों से निपटने के लिए किस प्रकार किया जा सकता है। बुद्धिमान कंप्यूटर प्रणालियों और रोबोटिक्स को मेडिकल इमेजिंग तथा चिकित्सा शिक्षा से जोड़कर ऐसे व्यावहारिक उपकरण विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो स्वास्थ्य विशेषज्ञों और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हो सकें।

यह शोध विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के बीच सहयोग के महत्त्व को भी रेखांकित करता है। जटिल सामाजिक और चिकित्सकीय चुनौतियों के समाधान के लिए तकनीकी नवाचार के साथ चिकित्सा क्षेत्र की विशेषज्ञता का समन्वय आवश्यक है। इन तकनीकों को वास्तविक स्वास्थ्य सेवाओं में उपयोग करने से पहले उनका आगे विकास, परीक्षण और चिकित्सकीय सत्यापन महत्त्वपूर्ण होगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता विज्ञान और विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में नई संभावनाएँ पैदा कर रही है। ऐसे में IIT जोधपुर के ये शोध प्रयास वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान के लिए तकनीक आधारित नवाचारों की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम हैं।

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