इस्पात मंत्रालय
पीएम-सेतु योजना: दुर्ग आईटीआई क्लस्टर के उन्नयन के लिए बीएसपी और छत्तीसगढ़ सरकार में समझौता
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर, भिलाई इस्पात संयंत्र बनेगा एंकर इंडस्ट्री पार्टनर
पांच शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का होगा आधुनिकीकरण, उद्योग आधारित प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट के अवसरों पर रहेगा जोर
प्रविष्टि तिथि:
14 OCT 2026 6:20PM by PIB Raipur
प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स (पीएम-सेतु) योजना के अंतर्गत सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) ने छत्तीसगढ़ शासन के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल के तहत बीएसपी दुर्ग हब-एंड-स्पोक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) क्लस्टर के उन्नयन में एंकर इंडस्ट्री पार्टनर की भूमिका निभाएगा। इसका उद्देश्य तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना और युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना है।

13 अक्टूबर 2026 को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब तथा कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव डॉ. बसवराजू एस. की गरिमामयी उपस्थिति में समझौता संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार के नेतृत्व में संयंत्र के प्रतिनिधि शामिल हुए। राज्य शासन की ओर से रोजगार एवं प्रशिक्षण निदेशक श्री हेमंत रमेश नंदनवार तथा बीएसपी की ओर से महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन—ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री संजीव कुमार श्रीवास्तव ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
प्रस्तावित क्लस्टर में शासकीय आईटीआई, दुर्ग को हब संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं, शासकीय आईटीआई, भिलाई; शासकीय महिला आईटीआई, भिलाई; शासकीय आईटीआई, डौंडीलोहारा तथा शासकीय आईटीआई, राजनांदगांव को स्पोक संस्थानों के रूप में शामिल किया गया है। इस क्लस्टर आधारित व्यवस्था का उद्देश्य प्रशिक्षण संसाधनों और सुविधाओं का बेहतर उपयोग करना तथा विभिन्न संस्थानों में कौशल विकास कार्यक्रमों को औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना है।
योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण अधोसंरचना के आधुनिकीकरण, कार्यशालाओं एवं प्रयोगशालाओं के उन्नयन और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। उभरती प्रौद्योगिकियों से संबंधित प्रशिक्षण को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने, कार्यस्थल आधारित प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।
इस पहल में महिला प्रशिक्षणार्थियों के लिए कौशल विकास के अवसर बढ़ाने और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। प्रशिक्षणार्थियों को करियर मार्गदर्शन, मेंटरिंग और प्लेसमेंट संबंधी सहायता उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि वे बदलती औद्योगिक जरूरतों के अनुसार अपने कौशल विकसित कर सकें और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
पीएम-सेतु योजना के तहत चिह्नित आईटीआई क्लस्टर का उन्नयन एवं प्रबंधन उद्योग के नेतृत्व वाले विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें सेल/बीएसपी की बहुलांश हिस्सेदारी होगी। इस व्यवस्था के माध्यम से केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उद्योग के बीच समन्वय स्थापित कर आधुनिक प्रशिक्षण अधोसंरचना विकसित करने तथा कौशल विकास में निवेश को बढ़ावा देने की परिकल्पना की गई है।
छत्तीसगढ़ शासन और बीएसपी के बीच यह समझौता राज्य में तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा को उद्योग की मांग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, कुशल मानव संसाधन तैयार करने और औद्योगिक क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित कार्यबल की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। यह पहल केंद्र सरकार के ‘स्किल इंडिया’ और ‘विकसित भारत’ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में भी योगदान देगी।
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आरडीजे/बीकेटी
(रिलीज़ आईडी: 2323463)
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