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अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली में 15 अक्टूबर से शुरू होगा KAUMARACON 2026; उपराष्ट्रपति करेंगे अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद बाल चिकित्सा सम्मेलन का उद्घाटन
15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित होगा तीन दिवसीय सम्मेलन; बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ करेंगे विचार-विमर्श
17 अक्टूबर को मनाया जाएगा अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान का स्थापना दिवस
प्रविष्टि तिथि:
14 OCT 2026 8:33PM by PIB Delhi
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्त संस्थान, 15 से 17 अक्टूबर, 2026 तक अपने सरिता विहार परिसर में KAUMARACON 2026 का आयोजन करेगा। कौमारभृत्य (आयुर्वेद बाल चिकित्सा) पर केंद्रित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञ, शिक्षाविद्, शोधकर्ता, चिकित्सक और विद्यार्थी भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य आयुर्वेद आधारित बाल स्वास्थ्य सेवाओं, अनुसंधान और नैदानिक अभ्यास से संबंधित विषयों पर वैज्ञानिक विचार-विमर्श को बढ़ावा देना है।
सम्मेलन का उद्घाटन समारोह 15 अक्टूबर, 2026 को आयोजित किया जाएगा। भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा तथा राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (NCISM) की अध्यक्ष डॉ. मनीषा उपेंद्र कोठेकर भी उपस्थित रहेंगी।
आयुर्वेद शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान में AIIA का योगदान
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की विकास यात्रा और इसकी उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए संस्थान के निदेशक प्रो. (वैद्य) पी. के. प्रजापति ने कहा कि वर्ष 2002 में परिकल्पित और वर्ष 2017 में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित यह संस्थान अब अपने दसवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में संस्थान ने शिक्षण, रोगी देखभाल और अनुसंधान के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
प्रो. प्रजापति ने बताया कि AIIA, नई दिल्ली में 200 से अधिक इनडोर रोगियों के लिए बिस्तरों की सुविधा और उन्नत नैदानिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। संस्थान की शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियाँ आयुर्वेद के वैज्ञानिक आधार को सुदृढ़ करने में योगदान दे रही हैं। वर्ष 2022 में AIIA गोवा की स्थापना से संस्थान के कार्यक्षेत्र का और विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि KAUMARACON 2026 विशेष रूप से बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेषज्ञ आयुर्वेद चिकित्सा सेवाओं को आगे बढ़ाने की संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
AIIA, नई दिल्ली, स्नातकोत्तर शिक्षा और पीएचडी अनुसंधान कार्यक्रमों के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध है तथा इसे राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से A++ प्रत्यायन प्राप्त है। संस्थान का अस्पताल राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड (NABH) से प्रत्यायित है। संस्थान में शैक्षणिक, आंतरिक, बाह्य वित्तपोषित और उद्योग-प्रायोजित अनुसंधान परियोजनाओं का संचालन किया जाता है। इसके अतिरिक्त, संस्थान द्वारा तीन शोध पत्रिकाओं का प्रकाशन किया जाता है।
कौमारभृत्य: समग्र बाल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा
कौमारभृत्य आयुर्वेद की एक विशिष्ट शाखा है, जो बच्चों के स्वास्थ्य एवं कल्याण पर केंद्रित है। इसमें वृद्धि एवं विकास, पोषण, रोग प्रतिरोधक क्षमता, मानसिक स्वास्थ्य तथा बाल्यावस्था में होने वाले रोगों के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
AIIA के कौमारभृत्य विभाग में बच्चों के लिए बाह्य रोगी एवं आंतरिक रोगी सेवाएँ, नवजात शिशु देखभाल, नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU), टीकाकरण, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ और त्वचा संबंधी उपचार उपलब्ध हैं। विभाग द्वारा बच्चों में कैंसर की देखभाल के लिए एक विशेष बाह्य रोगी सेवा भी संचालित की जाती है। विभाग के बाह्य रोगी अनुभाग में प्रतिदिन लगभग 120 से 150 बच्चों को चिकित्सा सेवाएँ प्रदान की जाती हैं।
विभाग ने KINDER Lab (Kaumarabhritya Initiative for Neurology, Dermatology, Respiratory and related areas) की स्थापना की है। यह विशिष्ट नैदानिक सुविधा बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में नैदानिक मूल्यांकन और अनुसंधान को सहयोग प्रदान करती है।
AIIA के कौमारभृत्य विभागाध्यक्ष एवं KAUMARACON 2026 के आयोजन अध्यक्ष प्रो. डॉ. राजगोपाल एस. ने कहा कि बच्चे राष्ट्र की शक्ति हैं और उनका स्वास्थ्य एवं कल्याण एक स्वस्थ समाज के निर्माण का आधार है। उन्होंने कहा कि कौमारभृत्य बच्चों की समग्र स्वास्थ्य आवश्यकताओं को संबोधित करता है, जिसमें पोषण, रोग प्रतिरोधक क्षमता, शारीरिक विकास, मानसिक स्वास्थ्य और रोगों का प्रबंधन शामिल है।
उन्होंने कहा कि KAUMARACON 2026 के माध्यम से वैज्ञानिक संवाद को प्रोत्साहित करने, अनुसंधान निष्कर्षों को साझा करने तथा आयुर्वेद बाल चिकित्सा के क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
तीन दिवसीय वैज्ञानिक विचार-विमर्श में अंतरराष्ट्रीय सहभागिता
KAUMARACON 2026 इस सम्मेलन का तीसरा संस्करण है। इससे पहले वर्ष 2019 और 2023 में राजस्थान के जोधपुर स्थित आयुर्वेद विश्वविद्यालय में इसका आयोजन किया गया था।
वर्ष 2026 के सम्मेलन में देशभर से विशेषज्ञों, शिक्षकों, चिकित्सकों, स्नातकोत्तर शोधार्थियों और विद्यार्थियों सहित 500 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। ब्राजील, संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, श्रीलंका और नेपाल के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी ऑनलाइन माध्यम से सम्मेलन में भाग लेंगे।
सम्मेलन के वैज्ञानिक कार्यक्रम में कंप्यूटर-सहायता प्राप्त औषधि अभिकल्पना (Ayurinformatics) तथा बाल चिकित्सा में निदान संबंधी विषयों पर पूर्व-सम्मेलन कार्यशाला, एक विशिष्ट व्याख्यान, छह वैज्ञानिक सत्र और 12 समानांतर सत्र आयोजित किए जाएंगे। छह वैज्ञानिक सत्रों में एक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ सत्र भी शामिल होगा।
सम्मेलन के दौरान 175 से अधिक वैज्ञानिक शोधपत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से आयुर्वेद बाल चिकित्सा में उभरते अनुसंधान, नैदानिक अनुभवों और नवीन दृष्टिकोणों पर चर्चा की जाएगी। सम्मेलन का उद्देश्य साक्ष्य-आधारित वैज्ञानिक संवाद को प्रोत्साहित करना, विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करना तथा समग्र बाल स्वास्थ्य सेवाओं में आयुर्वेद की भूमिका को और प्रभावी बनाना है।
17 अक्टूबर को मनाया जाएगा AIIA का स्थापना दिवस
KAUMARACON 2026 का समापन 17 अक्टूबर, 2026 को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के स्थापना दिवस समारोह के साथ होगा। यह समारोह संस्थान की स्थापना, विकास यात्रा तथा आयुर्वेद शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान के क्षेत्र में उसके योगदान को रेखांकित करेगा।
स्थापना दिवस कार्यक्रम में संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों, रोगी देखभाल, अनुसंधान गतिविधियों और विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के विकास पर प्रकाश डाला जाएगा। इस अवसर पर संस्थान के संकाय सदस्य, विद्यार्थी, शोधकर्ता, चिकित्सक और आमंत्रित अतिथि भाग लेंगे। कार्यक्रम में संस्थान की भावी प्राथमिकताओं और विकास की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।
KAUMARACON 2026 और स्थापना दिवस समारोह के माध्यम से AIIA का उद्देश्य विशिष्ट बाल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना, वैज्ञानिक अनुसंधान को सुदृढ़ करना और ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना है। ये पहल देश की स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था में आयुर्वेद के योगदान को और व्यापक बनाने की दिशा में संस्थान के प्रयासों को दर्शाती हैं।

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SR/SV/SG
(रिलीज़ आईडी: 2323566)
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