युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुजरात में ‘विकसित भारत युवा संवाद’ के दौरान युवाओं को वर्ष 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना का मशाल वाहक बताया
डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पूरे देश में एक लाख युवा नेताओं को तैयार करने के प्रयास जारी हैं
यह कार्यक्रम युवा नेतृत्व, राष्ट्र-निर्माण और नागरिक दायित्वों पर केंद्रित है
केंद्रीय मंत्री ने युवाओं से ‘पंच प्रण’ को अपनाने, ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को बनाए रखने और वर्ष 2047 तक नशा-मुक्त तथा विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया
प्रविष्टि तिथि:
17 OCT 2026 5:48PM by PIB Delhi
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री तथा पोरबंदर से सांसद डॉ. मनसुख मंडाविया ने युवाओं से राष्ट्र-निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना में सक्रिय रूप से योगदान देने का आह्वान किया है। उन्होंने गुजरात के पोरबंदर जिले के कुतियाना स्थित एस. एम. जडेजा आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज में आज 'विकसित भारत युवा संवाद' कार्यक्रम को संबोधित किया। डॉ. मांडविया ने एक विकसित और नशा मुक्त भारत के निर्माण में युवा नेतृत्व, देशभक्ति, नागरिक जिम्मेदारियों और सामूहिक प्रयासों के महत्व पर बल दिया।
डॉ. मंडाविया ने वर्ष 2047 में भारत की स्वतंत्रता की शताब्दी तक के 25 वर्षों के 'अमृत काल' के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार करने के लिए नागरिकों की सामूहिक प्रतिबद्धता आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लाल किला से बताए गए 'पंच प्रण' का उल्लेख करते हुए, उन्होंने विकसित भारत के संकल्प, औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति, अपनी विरासत पर गर्व, एकता और एकजुटता तथा नागरिक कर्तव्यों के पालन के महत्व पर बल दिया। डॉ. मंडाविया ने युवाओं से आग्रह किया कि वे राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों के प्रति जागरूक रहें और देश की प्रगति में सार्थक योगदान दें।
केंद्रीय मंत्री महोदय ने भारत की विकास यात्रा में युवाओं की निर्णायक भूमिका पर बल देते हुए युवाओं को चरित्र, अनुशासन, सेवा, समर्पण, बड़ों के प्रति सम्मान, आत्मनिर्भरता और कड़ी मेहनत जैसे गुणों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र-निर्माण के लिए किसी के पास आधिकारिक पद होना जरूरी नहीं है; प्रत्येक विद्यार्थी, शिक्षक, कर्मचारी और नागरिक अपने दायित्वों को ईमानदारी से निभाकर और राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखकर इसमें योगदान दे सकता है।
डॉ. मांडविया ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में एक लाख युवा नेताओं को तैयार करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने युवाओं की भागीदारी, करियर मार्गदर्शन और नेतृत्व विकास के अवसर प्रदान करने में 'माई भारत' (मेरा युवा भारत) पोर्टल की भूमिका पर बल दिया। डॉ. मांडविया ने सीमावर्ती गांवों के दौरे और सियाचिन ग्लेशियर जैसी दुर्गम जगहों पर तैनात जवानों के साथ बातचीत जैसी पहलों को युवाओं में साहस, जिम्मेदारी, देशभक्ति और राष्ट्र-सेवा की भावना जगाने के अवसरों के रूप में उल्लेख किया।
केंद्रीय मंत्री महोदय ने डिजिटल युग की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए युवाओं से सोशल मीडिया पर जानकारी देखते या साझा करते समय सावधानी बरतने को कहा। उन्होंने अफवाहों से बचने, विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर भरोसा करने और गलत सूचनाओं तथा राष्ट्रीय एकता और स्थिरता को कमजोर करने की कोशिशों के प्रति सतर्क रहने के महत्व पर बल दिया।
डॉ. मांडविया ने 'नशा मुक्त भारत' के महत्व को दोहराते हुए युवाओं से नशा मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि देश के विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक स्वस्थ और दायित्वपूर्ण युवाओं का होना जरूरी है। युवाओं को 'राष्ट्र प्रथम' (नेशन फर्स्ट) के सिद्धांत को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए, उन्होंने उनसे नशा मुक्त समाज बनाने में योगदान देने और वर्ष 2047 तक एक पूर्ण विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में मिलकर काम करने का आग्रह किया। इसके लिए उन्होंने 'हम यह करके दिखाएंगे' (वी विल डू इट) का संकल्प लेने को कहा।
'विकसित भारत युवा संवाद' कार्यक्रम में युवाओं को नेतृत्व कौशल, नागरिक मूल्यों और राष्ट्रीय दायित्व की भावना से सशक्त बनाने के महत्व पर प्रकाश डाला गया, ताकि भारत की 'वर्ष 2047 तक विकसित भारत' की यात्रा को आगे बढ़ाया जा सके।
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पीके/केसी/आरटी/एमकेएस/डीके
(रिलीज़ आईडी: 2324747)
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