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राजस्व खुफिया निदेशालय ने गुजरात में लगभग 19.41 करोड़ रुपये मूल्य का 13 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना पकड़ा, सोने की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़; तीन गिरफ्तार


दुबई स्थित फायनेंसर के सहयोग से अहमदाबाद और सूरत हवाई अड्डों के माध्यम से तस्करी का नेटवर्क संचालित हो रहा था, वडोदरा में अवैध रूप से सोना पिघलाने की इकाई स्थापित थी

प्रविष्टि तिथि: 19 OCT 2026 4:18PM by PIB Delhi

राजस्व खुफिया निदेशालय - डीआरआई ने सोने की तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के माध्यम से भारत में विदेशी मूल के सोने की तस्करी कर रहा था। इस मामले में सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।

डीआरआई के अधिकारियों ने विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर संदिग्धों की निगरानी शुरू की और 16 अक्टूबर, 2026 से 42 घंटे तक समन्वित तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान में तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ, जिसमें हवाई यात्रियों के माध्यम से सोने की तस्करी, उसे संबंधित व्यक्तियों को सौंपना, अवैध रूप से सोना पिघलाना और आभूषणों की दुकान के माध्यम से उसकी बिक्री करना शामिल था। इस कार्रवाई में लगभग 19.41 करोड़ रुपये मूल्य के 13.017 किलोग्राम विदेशी मूल के सोने से जुड़े लेन-देन का खुलासा हुआ और तीन लोगों को गिरफ्त में लिया गया।

आरंभिक जांच में यात्रियों के माध्यम से सोने की तस्करी किए जाने का खुलासा हुआ है। इसके लिए सोने को छिपाने के कई कपटपूर्ण तरीकों का इस्तेमाल किया जाता था। इनमें रोडियम की परत चढ़े सोने के पतले तार, ट्रॉली बैग की भीतरी परतों में छिपाया गया सोना तथा बैग के भीतरी खोल में छिपाकर रखा गया सोने का पेस्ट शामिल था। हवाई अड्डों पर पहुंचने के बाद यह सोना बाहर मौजूद संबंधित व्यक्तियों को सौंप दिया जाता था और फिर बिचौलियों के माध्यम से वडोदरा में सोना पिघलाने की एक अवैध इकाई तक पहुंचाया जाता था। इसके बाद पिघले हुए सोने को बिक्री के लिए अहमदाबाद की एक आभूषण दुकान में भेजा जाता था।

सोना पिघलाने की अवैध इकाई

रोडियम की परत चढ़े तार

सोने का पेस्ट

तस्‍करी के विरूद्ध इस समन्वित अभियान में लगभग 890 ग्राम सोना जब्त किया गया और अवैध रूप से पिघलाए गए 6.41 किलोग्राम सोने से संबंधित साक्ष्य बरामद किए गए। आभूषण दुकान पर की गई तलाशी में विदेशी मूल की सोने की ऐसी छड़ें बरामद हुईं, जिनका कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं था। इसके अलावा, लगभग 5.8 किलोग्राम तस्करी के सोने से जुड़े लेन-देन के दस्‍तावेज भी बरामद किए गए। इस सोने को गिरोह के दुबई स्थित मुख्य वित्तपोषक से जुड़े एक अन्‍य व्यक्ति के माध्यम से पहुंचाया गया था।

इस अभियान में तस्करी के जरिए सोना लाने और उसके निपटान में यात्रियों, सोना प्राप्त करने वाले व्यक्तियों, बिचौलियों, सोना पिघलाने वाली इकाई के संचालक और आभूषण कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिकाओं का खुलासा हुआ है। जांच के दौरान इन सबकी पहचान हो गई। इस सिलसिले में सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।

यह अभियान संगठित सोना तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने के राजस्व खुफिया निदेशालय के लक्षित प्रयासों को रेखांकित करता है। इसके तहत सोने को छिपाने और हवाई अड्डों के माध्यम से इसे अवैध रूप से लाने से लेकर उसे पिघलाने, वित्तपोषण करने तथा घरेलू बाजार में बेचने तक की तस्करी की पूरी कड़ी को ध्‍वस्‍त किया गया है।

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केपी/केसी/आरटी/एकेवी/एसके


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