प्रविष्टि तिथि:
22 OCT 2026 5:45PM by PIB Delhi
भारतीय रेलवे ने कोयला लदान में अब तक का सर्वकालिक रिकॉर्ड हासिल करते हुए पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में इस महीने 18 अक्टूबर तक 22.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। अक्टूबर 2025 की तुलना में इस अवधि के दौरान कोयला लदान में प्रति दिन 87 रेक की बढ़ोतरी हुई, जो देश भर के ताप विद्युत संयंत्रों (थर्मल पावर प्लांटों) को कोयले की भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित करने का निरंतर प्रयास दर्शाता है।
भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के दौरान, थर्मल पावर प्लांटों को प्रति दिन औसतन 430 कोयला रेक (मालगाड़ी के विशेष डिब्बे जिसका उपयोग कोयला खदानों से थर्मल पावर प्लांटों, उद्योगों और अन्य बिजली उत्पादन केंद्रों तक बड़े पैमाने पर कोयले की ढुलाई के लिए किया जाता है) रवाना किए, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 7.1 प्रतिशत की वृद्धि है। यह निरंतरता सितंबर 2026 में भी जारी रही और सितंबर 2025 की तुलना में कोयला रेक रवानगी में प्रति दिन 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
कोयला ढुलाई की निरंतर गति बढ़ती ऊर्जा खपत और उच्च औद्योगिक उत्पादन तथा देश के कुछ हिस्सों में कम बारिश के कारण कोयला आधारित बिजली उत्पादन की बढ़ती मांग के बीच आई है।
लगातार कोयला निकासी से थर्मल पावर प्लांटों में कोयले का स्थिर स्टॉक बनाए रखने में मदद मिली है, जिससे देश भर में सुचारु बिजली उत्पादन हो सका है। भारतीय रेलवे कोयला पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए कोयला मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है। वह कोयला ढ़ुलाई और आपूर्ति बनाए रखने में विद्युत मंत्रालय के साथ भी समन्वय कर रहा है, जिससे ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार बनाए रखने और देश की ऊर्जा आवश्यकताएं पूरी करने में मदद मिल रही है।
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