प्रविष्टि तिथि:
22 OCT 2026 6:18PM by PIB Delhi
भारत सरकार का आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA), ओडिशा सरकार के सहयोग से, इस सप्ताह भुवनेश्वर में दो प्रमुख आयोजन कर रहा है।
19वीं अर्बन मोबिलिटी इंडिया (UMI) सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 23–24 अक्टूबर 2026, को आयोजित होगी, जिसके बाद 24–25 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय शहरी संगोष्ठी का दूसरा संस्करण होगा। दोनों आयोजन ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित होटल मेफेयर सैंक्चुअरी में होंगे।
आज भुवनेश्वर में आयोजित कर्टन-रेज़र प्रेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के अपर सचिव श्री सतींदर पाल सिंह ने राष्ट्रीय शहरी संगोष्ठी 2026 के बारे में मीडिया को अवगत कराया। आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री प्रवीर कुमार ने अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन एवं प्रदर्शनी का विवरण भी साझा किया।
ओडिशा सरकार की अपर मुख्य सचिव सुश्री उषा उषा पधी ने राज्य सरकार के सहयोग के बारे में मीडिया को बताया। इस अवसर पर आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक श्री योगेश अंतिल भी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय शहरी संगोष्ठी 2026
राष्ट्रीय शहरी संगोष्ठी 2026 के बारे में बोलते हुए श्री सतींदर पाल सिंह ने बताया कि संगोष्ठी का दूसरा संस्करण 24–25 अक्टूबर 2026 को आयोजित होगा। यह आयोजन आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा, ओडिशा सरकार के सहयोग से, तथा केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम हुडको और एनबीसीसी के समर्थन से आयोजित किया जा रहा है। राष्ट्रीय शहरी मामलों के संस्थान (NIUA) ज्ञान-साझेदार की भूमिका निभा रहा है, जबकि हुडको और एनबीसीसी इस आयोजन के प्रमुख प्रायोजक हैं।
अपर सचिव ने बताया कि इस वर्ष की संगोष्ठी का विषय ‘अर्बन राइजिंग — शहरी प्रणालियों, समाधानों और वितरण प्रणाली पर पुनर्विचार’ होगा। चर्चा का उद्देश्य भारतीय शहरों की कार्यप्रणाली सुधारने के लिए शहरी प्रणालियों, संस्थाओं और कार्यान्वयन तंत्र को मजबूत बनाना होगा।
श्री सतींदर पाल सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय शहरी संगोष्ठी नीति-निर्माताओं, शहरी प्रशासकों, तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों को उभरती शहरी चुनौतियों पर चर्चा करने तथा व्यावहारिक समाधान पहचानने का मंच प्रदान करती है।

संगोष्ठी का उद्घाटन श्री तोखन साहू, माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय, द्वारा ओडिशा के माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी की उपस्थिति में किया जाएगा। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अनुराग जैन और नीति आयोग के सदस्य श्री राजीव गौबा भी मुख्य अतिथियों के रूप में भाग लेंगे।
राष्ट्रीय शहरी संगोष्ठी की स्थापना भारत में शहरी विकास के भविष्य पर चर्चा हेतु एक वार्षिक मंच के रूप में की गई थी। इसका पहला संस्करण नवंबर 2025 में नई दिल्ली में आयोजित हुआ था। पहले संस्करण में शहरी विकास के प्रमुख क्षेत्रों पर विचार-विमर्श के लिए विभिन्न हितधारक एक साथ आए थे।
संगोष्ठी सात प्रमुख विषय-क्षेत्रों पर केंद्रित होगी:
- ‘पैदल चलने का अधिकार’ पर होने वाले सत्र में शहरों की रोज़मर्रा की चिंता पर चर्चा होगी कि निरंतर फुटपाथ, सुरक्षित स्कूल क्षेत्र, बेहतर पैदल यात्री क्रॉसिंग और सुधरी हुई अंतिम-मील कनेक्टिविटी के माध्यम से सड़कों को अधिक सुरक्षित और सुगम कैसे बनाया जाए।
- ‘जल, अपशिष्ट और संसाधन दक्षता’ के अंतर्गत ध्यान केवल अवसंरचना निर्माण से आगे बढ़कर सेवा दक्षता सुधारने, जल-हानि कम करने, उपचारित जल के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने और अपशिष्ट से मूल्य पुनर्प्राप्ति पर होगा।
- ‘किफ़ायती आवास’ पर आयोजित सत्र में किराये के आवास की बढ़ती आवश्यकता, सरल नियामक अनुमोदन, भूमि और वित्त तक बेहतर पहुँच, तथा किफ़ायती एवं जलवायु-अनुकूल निर्माण तकनीकों के व्यापक उपयोग पर ध्यान दिया जाएगा।
- ‘एकीकृत शहरी विकास और अवसंरचना वितरण’ के माध्यम से यह देखा जाएगा कि एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, एकीकृत यूटिलिटी नियोजन और GIS-आधारित प्रणालियाँ किस प्रकार दोहराव को कम कर सकती हैं तथा शहरी अवसंरचना की योजना और क्रियान्वयन को सुधार सकती हैं।
- ‘शहरी सेवा वितरण के नए प्रतिमान’ के अंतर्गत प्रमुख प्रश्न यह होगा कि नगरपालिकाएँ स्पष्ट संस्थागत जिम्मेदारियों, मजबूत वित्त, खरीद सुधारों, तकनीकी क्षमता और निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी के माध्यम से बेहतर सेवाएँ कैसे दे सकती हैं।
- ‘मॉडल बिल्डिंग बाय-लॉज़’ पर सत्र में यह विचार किया जाएगा कि मौजूदा नियामक ढाँचे को किस प्रकार संशोधित किया जाए ताकि भवन अनुमोदन सरल हो, सुरक्षा और सुगमता मजबूत हो, तथा जलवायु-लचीलापन और उभरती निर्माण तकनीकों को ध्यान में रखा जा सके।
- अंत में, ‘मॉडल नगरपालिका कानून’ पर उन विधायी सुधारों पर चर्चा होगी जो नगरपालिका स्वायत्तता को मजबूत कर सकें, निर्वाचित प्रतिनिधियों और कार्यपालिका अधिकारियों की शक्तियों को स्पष्ट कर सकें, तथा शहरी शासन में संस्थागत क्षमता और जवाबदेही सुधार सकें।
संगोष्ठी में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शहरी विकास मंत्रियों की बैठक भी शामिल होगी। इससे शहरी विकास मंत्रियों की पिछली राष्ट्रीय और क्षेत्रीय बैठकों में चर्चित मुद्दों पर प्रगति की समीक्षा करने तथा आगे की कार्रवाई और समन्वय की आवश्यकता वाली प्राथमिकताओं की पहचान करने का अवसर मिलेगा।
19वीं अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026
19वीं अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन एवं प्रदर्शनी के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री प्रवीर कुमार ने बताया कि यह दो दिवसीय आयोजन 23–24 अक्टूबर 2026 को होगा। यह सम्मेलन मंत्रालय द्वारा इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन ट्रांसपोर्ट (इंडिया) के माध्यम से, ओडिशा सरकार के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष के सम्मेलन का विषय ‘डिजिटल युग में शहरी सुगमता और रहने योग्यता’ है। सम्मेलन उभरती डिजिटल तकनीकों के माध्यम से शहरी सुगमता, एकीकृत परिवहन अवसंरचना और शहरी जीवन की गुणवत्ता सुधारने पर केंद्रित होगा।
श्री कुमार ने कहा कि सम्मेलन में टिकाऊ और कम-कार्बन सार्वजनिक परिवहन, विभिन्न परिवहन साधनों का एकीकरण, प्रथम और अंतिम-मील कनेक्टिविटी, तथा शहरी गतिशीलता सुधारने में तकनीक की भूमिका पर विचार-विमर्श होगा। निर्बाध और कुशल परिवहन सेवाएँ प्रदान करने में मोबिलिटी एज़ अ सर्विस (MaaS) तथा वास्तविक समय के GPS-आधारित समाधानों की संभावनाओं की भी जाँच की जाएगी।
उन्होंने बताया कि 19वीं UMI सम्मेलन एवं प्रदर्शनी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं सहित लगभग 1,500 प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है।
सम्मेलन का उद्घाटन श्री तोखन साहू, माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय, द्वारा ओडिशा के माननीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्र तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया जाएगा।
यह दो दिवसीय आयोजन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों, मेट्रो रेल कंपनियों के प्रबंध निदेशकों, परिवहन उपक्रमों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, तकनीक एवं सेवा प्रदाताओं, पेशेवरों और शिक्षाविदों को एक मंच पर लाएगा।
सम्मेलन के भाग के रूप में एक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें भारत और विदेशों में शहरी परिवहन की सर्वोत्तम प्रथाओं, नवीनतम शहरी परिवहन तकनीकों एवं सेवाओं तथा अन्य संबंधित क्षेत्रों का प्रदर्शन होगा। इसका उद्घाटन पहले दिन श्री तोखन साहू, माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय, द्वारा डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्र, माननीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री, ओडिशा, तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया जाएगा और यह अगले दो दिनों तक चलेगी। ओडिशा सरकार, मेट्रो रेल कंपनियों, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र से 28 प्रदर्शक भाग लेंगे।
युवा शोधार्थियों और पीएचडी छात्रों को अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु चार सत्रों में शोध संगोष्ठी आयोजित की जा रही है। सहकर्मी समूह द्वारा कुल 46 शोध-पत्र चुने गए हैं, जिनमें से 20 उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत किए जाएँगे और शेष 26 पोस्टर प्रस्तुति के माध्यम से प्रस्तुत होंगे। ज्यूरी द्वारा चुने गए तीन सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्रों को 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा तथा सभी प्रस्तुतकर्ताओं को प्रमाणपत्र दिए जाएँगे।
‘अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन’ राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति (NUTP), 2006 के अंतर्गत आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की एक वार्षिक पहल है। इस नीति पर राज्य सरकारें शहर स्तर पर क्षमता निर्माण पर बल देती है तथा समान और टिकाऊ शहरी परिवहन प्रणालियों को बढ़ावा देती है। सम्मेलन भारत और विश्व भर से शहरी गतिशीलता के ज्ञान, अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को सुगम बनाता है।
ओडिशा सरकार की भागीदारी
इस अवसर पर बोलते हुए ओडिशा सरकार की अपर मुख्य सचिव सुश्री उषा पधी, IAS, ने टिकाऊ शहरी विकास, सुधरी हुई शहरी गतिशीलता और कुशल शहरी सेवा वितरण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर में 19वीं अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन एवं प्रदर्शनी तथा राष्ट्रीय शहरी संगोष्ठी 2026 की मेज़बानी शहरी परिवर्तन पर राष्ट्रीय स्तर की चर्चाओं में ओडिशा की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि राज्य शहरी अवसंरचना को मजबूत करने, तकनीक-आधारित परिवहन समाधानों को बढ़ावा देने, सुगमता और रहने योग्यता सुधारने, तथा समावेशी, टिकाऊ और भविष्य-तैयार शहरों के निर्माण हेतु हितधारकों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है।

दोनों आयोजन समकालीन शहरी चुनौतियों के समाधान पर विचारों का आदान-प्रदान, अनुभव साझा करने और चर्चा के लिए एक साझा मंच प्रदान करेंगे। सम्मेलन प्रमुख हितधारकों को टिकाऊ शहरी गतिशीलता, सुधरी हुई सुगमता, प्रभावी शहरी शासन और बेहतर शहरी सेवा वितरण पर विचार-विमर्श के लिए एक साथ लाएँगे।
आयोजनों के लिए ओडिशा की तैयारियाँ और पहल:
- पीएम ई-बस सेवा का शुभारंभ: आयोजनों के दौरान ओडिशा में पीएम ई-बस सेवा का शुभारंभ किया जाना प्रस्तावित है, जिससे स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन और सुधरी हुई शहरी कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।
- ओडिशा की शुरू की जाने वाली और जारी की जाने वाली पहल: कार्यक्रम में ANKUR हैंडबुक, ओडिशा टाउन प्लानिंग हैंडबुक तथा ओडिशा के लिए सरकारी और निजी स्वामित्व वाले सार्वजनिक स्थानों की नीति शामिल है, जो शहरी क्षमता निर्माण, नियोजित विकास और सुगम सार्वजनिक स्थानों पर राज्य के कार्यों को उजागर करती है।
- CRUT पवेलियन: एक समर्पित CRUT पवेलियन ओडिशा की सार्वजनिक परिवहन यात्रा को अमा बस, इलेक्ट्रिक गतिशीलता, फीडर सेवाओं, महिलाओं की भागीदारी तथा तकनीक-सक्षम यात्री सुविधा और सुरक्षा के माध्यम से प्रदर्शित करेगा।
- सुदर्शन पटनायक द्वारा रेत कला: प्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक द्वारा बनाई गई एक विशेष रेत कला स्थापना ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत को टिकाऊ और समावेशी गतिशीलता से जोड़ेगी, जिसमें पैदल चलने वालों, साइकिल चालकों और सभी के लिए सुगम सड़कों पर बल दिया जाएगा।
- BMC की तैयारियाँ: भुवनेश्वर नगर निगम प्रतिनिधियों का स्वागत करने के लिए शहर की सफाई, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और सार्वजनिक स्थानों में सुधार कर रहा है। अपशिष्ट प्रसंस्करण और संसाधन पुनर्प्राप्ति, आश्रय और पुनर्वास, समावेशी पड़ोस विकास, शहरी हरीतिमा तथा नागरिक सेवाओं में की गई पहल को दिखाने हेतु अवलोकन भ्रमण आयोजित किए जाएँगे।
- BDA की तैयारियाँ: भुवनेश्वर विकास प्राधिकरण नियोजित शहरी विकास, आवास, टाउन प्लानिंग योजनाओं, सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना, पार्कों और पुनर्जीवित सार्वजनिक स्थानों को दिखाने वाली प्रदर्शनी प्रदर्शनों तथा अवलोकन भ्रमणों के माध्यम से आयोजन की तैयारियों में सहयोग कर रहा है।
- विरासत वॉक और साइकिलिंग गतिविधियाँ: विशेष एकाम्रा वॉक और साइकिल ट्रेल प्रतिनिधियों को भुवनेश्वर की विरासत और सार्वजनिक स्थानों का अनुभव देंगे, साथ ही पैदल चलने, साइकिल चलाने और गैर-मोटर चालित गतिशीलता को बढ़ावा देंगे।
- ओडिशा का अनुभव साझा करना: ओडिशा बस आधुनिकीकरण, क्षेत्रीय गतिशीलता नियोजन और शहरी सेवा वितरण में अपना अनुभव साझा करेगा, जिससे राष्ट्रीय चर्चाओं को स्थानीय कार्यान्वयन और नागरिक आवश्यकताओं से जोड़ा जा सके।
- मिशन शक्ति: मिशन शक्ति की भागीदारी महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित करेगी, जिससे ओडिशा में महिला उद्यमिता और सामुदायिक-नेतृत्व वाली आजीविकाओं को उजागर किया जाएगा।
- उत्कलिका: उत्कलिका ओडिशा की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा को प्रदर्शित करेगी और प्रतिनिधियों को राज्य की शिल्पकला तथा कारीगर विरासत की झलक देगी।
- बोयनिका: बोयनिका ओडिशा की हैंडलूम विरासत को प्रदर्शित करेगी, जिससे बुनकरों के कौशल और राज्य की वस्त्र परंपराओं की विविधता का उत्सव मनाया जाएगा।
- कोरापुट कॉफी: कोरापुट कॉफी प्रतिनिधियों को ओडिशा की विशिष्ट कॉफी से परिचित कराएगी और कोरापुट क्षेत्र से जुड़े उत्पाद तथा आजीविकाओं को उजागर करेगी।
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पीके/केसी/आरटी/एमएम /डीए