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भारत की राष्ट्रपति बस्तर दशहरा के अवसर पर जगदलपुर, छत्तीसगढ़ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुईं


आइए, जनजातीय समाज की प्रकृति-पोषक जीवन पद्धति से मूल्‍यवान शिक्षा ग्रहण करें: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

प्रविष्टि तिथि: 23 OCT 2026 4:29PM by PIB Delhi

भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज, 23 अक्तूबर 2026 को बस्तर दशहरा के अवसर पर जगदलपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुईं।

इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक गौरव और सामूहिक आस्था का एक जीवंत प्रतीक है। बस्तर दशहरा उत्सव में समूचे समाज की जिस तरह से सहभागिता होती है, वह असाधारण है। समाज के विभिन्न वर्गों को आत्मीयता से जोड़ने वाले अनेक अनुष्ठान इस उत्‍सव को विशेष रूप से आकर्षक बनाते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ने लंबे समय तक नक्सलवाद का दंश सहा है। केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से यह क्षेत्र नक्सली आतंक से मुक्त हो चुका है और अब प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि हाल के दिनों में जनजातीय उद्यमियों को वित्तीय सहायता देकर उन्‍हें बाजार से जोड़ने की पहल और तेज की गई हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये प्रयास समतापरक और समावेशी विकास के माध्यम से वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को प्राप्‍त करने में सहायक सिद्ध होंगे।

राष्ट्रपति ने आगे कहा कि जनजातीय समुदाय जीवनदायिनी प्रकृति की पूजा करते हैं और विकास की यात्रा में, हमें उनकी प्रकृति-पोषक जीवन पद्धति से उपयोगी शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। उन्होंने प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के महत्व पर भी बल दिया।

सार्वजनिक कार्यक्रम से पहले, राष्ट्रपति ने मुरिया दरबार में स्‍थानीय मॉंझी और चालकी के साथ संवाद किया। जगदलपुर में, उन्‍होंने रंगोली तथा दशहरा प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

इससे पूर्व, राष्ट्रपति ने जगदलपुर में मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की।

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MJPS/SS/PRK


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