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बारिश का पानी जमा करें (कैच द रेन)

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जल संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नये सिरे से आह्वान

प्रविष्टि तिथि: 26 OCT 2026 11:14AM by PIB Delhi

 

वर्षा जल संचय अभियान : एक नज़र मे

‘कैच द रेन’ (वर्षा जल संचयन) एक राष्ट्रव्यापी अभियान है, जो वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और जल निकायों के पुनरुद्धार केन्द्रित है। यह अभियान समुदायों और संस्थानों को वर्षा जल का संरक्षण करने तथा जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसके तहत मानसून के दौरान अधिकतम जल संचय सुनिश्चित करने के लिए तालाबों और जलाशयों की सफाई को बढ़ावा दिया जाता है। साथ ही, जल संचयन वाले क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने के लिए वनीकरण को भी प्रोत्साहित किया जाता है।

इस अभियान के दौरान सुझाए गए जल संरक्षण संबंधी प्रमुख उपाय निम्नलिखित हैं:

  • घरों, आवासीय परिसरों और कार्यस्थलों में वर्षा जल संचयन प्रणालियां अपनाई जाएं।
  • उपयुक्त स्थानों पर रिचार्ज पिट और रिचार्ज शाफ्ट स्थापित किए जाएं।
  • भूजल पुनर्भरण को सुगम बनाने के लिए अनुपयोगी बोरवेलों की मरम्मत की जाए।
  • बावड़ियों, कुओं और पारंपरिक जल निकायों का पुनरुद्धार किया जाए।
  • जल संचयन क्षमता बढ़ाने के लिए तालाबों और जलाशयों से गाद निकाला जाए।
  • जल संचयन और भूजल पुनर्भरण वाले क्षेत्रों में वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जाए।

जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) 1.0 (2024)

जल संचय जन भागीदारी 1.0 ने जल संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी को मजबूत बनाया। जेएसजेबी 1.0 को 1 अप्रैल 2024 से 31 मई 2025 तक लागू किया गया। इस पहल में समुदाय, कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) और लागत अर्थात् 3सी के सिद्धांतों का पालन किया गया। इस पहल के तहत जल संरक्षण के प्रयासों को गति देने के लिए सरकार की विभिन्न चालू योजनाओं के बीच तालमेल को भी प्रोत्साहित किया गया। इस पहल में कम लागत वाली भूजल पुनर्भरण और जल भंडारण संरचनाओं के निर्माण को बढ़ावा दिया गया। साथ ही, बंद पड़े बोरवेलों को पुनः चालू करने तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल समाधान अपनाने में भी सहयोग दिया गया। इन संरचनाओं का विकास ‘संपूर्ण सरकार’ और ‘संपूर्ण समाज’ के दृष्टिकोण से किया गया। इस अभियान के दौरान 10 लाख से अधिक भूजल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण किया गया, जबकि 27 लाख से अधिक कृत्रिम पुनर्भरण संरचनाओं की सूचना दी गई।

जल संचय जन भागीदारी 2.0 (2025)

1 जून 2025 को शुरू की गई जल संचय जन भागीदारी 2.0 ने पिछली पहल को आगे बढ़ाया। इसका विशेष ध्यान अति-दोहित और गंभीर श्रेणी के जिलों में भूजल पुनर्भरण पर केन्‍द्रित रहा। इस पहल में कम लागत वाले और अति-स्थानीय स्तर पर लागू किए जा सकने वाले उपायों पर जोर दिया गया। नवम्‍बर 2025 में छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह के दौरान जेएसजेबी 1.0 के तहत किए गए उत्कृष्ट योगदानों को सम्मानित किया गया।

 

जल संचय जन भागीदारी पहल का प्रभाव मूल्यांकन एवं उपलब्धियां

जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) पहल के तहत 1.55 करोड़ से अधिक कृत्रिम भूजल पुनर्भरण एवं जल भंडारण संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त, जेएसजेबी 1.0 का प्रभाव मूल्यांकन अध्ययन किया गया, जिसमें 1 जून 2025 से 31 दिसम्‍बर 2025 के बीच के वर्षा संबंधी आंकड़ों का उपयोग करते हुए 23 लाख संरचनाओं का मूल्यांकन किया गया। अध्ययन में अनुमान लगाया गया कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 2.43 अरब घन मीटर भूजल का पुनर्भरण हुआ है।

 

जल संचय जन भागीदारी: कैच द रेन (जेएसजेबी: सीटीआर) (2026)

1 जून 2026 को शुरू की गई इस पहल ने जल शक्ति अभियान : कैच द रेन (वर्षा जल संचयन अभियान) के साथ जोड़कर जेएसजेबी के दृष्टिकोण का विस्तार किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, जल संरक्षण, जल परिसंपत्तियों का निर्माण और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना था। इसमें स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल कम लागत वाले उपायों को प्रोत्साहित किया गया तथा सतत जल प्रबंधन के माध्यम से जलवायु सतत जल प्रबंधन के माध्यम से जलवायु लचीलेपन को मजबूत किया गया।

इस अभियान में वीबी-जी आरएएम जी, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के तहत ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’, पीएमकेएसवाई के अंतर्गत जल निकायों की मरम्मत, नवीनीकरण एवं पुनर्स्थापन, सीएएमपीए, वित्त आयोग अनुदान तथा राज्य सरकारों की अन्य योजनाओं जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं के बीच तालमेल का लाभ उठाया गया। इस पहल के तहत पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों, महिला समूहों, युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों और स्थानीय समुदायों को एक साथ जोड़ा गया। ये हितधारक योजना निर्माण, कार्यान्वयन और समुदाय के नेतृत्व में जल संरक्षण को बढ़ावा देने में सहयोग करते हैं। जेएसजेबी : सीटीआर पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन ने पारदर्शिता को मजबूत बनाने, निगरानी करने तथा जन प्रतिक्रिया प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जल शक्ति अभियान: कैच द रेन (जेएसए: सीटीआर)

 

जल शक्ति अभियान : कैच द रेन की शुरुआत 22 मार्च 2021 को विश्व जल दिवस के अवसर पर की गई थी। इसका मार्गदर्शक विषय था : “कैच द रेन, व्हेयर इट फॉल्स, व्हेन इट फॉल्स” (वर्षा जल को वहीं और उसी समय संचित करें, जहां और जब वह गिरता है)। यह अभियान जल शक्ति अभियान 2019 की सफलता पर आधारित है, जिसके तहत वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए 256 जिलों के 1,592 जल-संकटग्रस्त ब्लॉकों को शामिल किया गया था। इस अभियान में जन आंदोलन के दृष्टिकोण के माध्यम से भूजल पुनर्भरण, जलग्रहण क्षेत्र का विकास, जल निकायों का पुनरुद्धार, वनीकरण और सामुदायिक भागीदारी को भी बढ़ावा दिया गया। तब से यह अभियान बदलती विषयवस्तु और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के साथ प्रतिवर्ष लागू किया जा रहा है:

 

वर्ष

विषयवस्तु/ मुख्य फोकस

प्रमुख गतिविधियों के क्षेत्र

2021

“वर्षा जल को वहीं और उसी समय संचित करें, जहां और जब वह गिरता है।”

वर्षा जल संचयन एवं जल संरक्षण; जल निकायों की जियो-टैगिंग; वैज्ञानिक आधार पर जल संरक्षण की योजना तैयार करना; जल शक्ति केन्‍द्रों की स्थापना एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियां।

2022

जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों का विस्तार

पारंपरिक जल निकायों का पुनरुद्धार; भूजल पुनर्भरण एवं जलग्रहण क्षेत्र का विकास; आर्द्रभूमियों और नदियों का पुनर्जीवन; जलस्रोतों के उद्गम क्षेत्रों (स्प्रिंग-शेड) का विकास एवं जलग्रहण क्षेत्रों का संरक्षण।

2023

पेयजल स्रोतों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना

150 जल-संकटग्रस्त जिलों पर विशेष ध्यान; पेयजल स्रोतों को सुदृढ़ बनाना; भूजल पुनर्भरण एवं जल स्रोतों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना; क्षेत्रीय निगरानी एवं सामुदायिक भागीदारी।

2024

नारी शक्ति से जल शक्ति

महिलाओं के नेतृत्व में जल संरक्षण संबंधी पहल; जल निकायों से गाद निकालना एवं उनकी सफाई; भूजल पुनर्भरण के लिए बेकार पड़े बोरवेलों को पुनः उपयोग में लाना; वनीकरण एवं स्थानीय जल संसाधनों का पुनरुद्धार।

वर्ष 2024 के अभियान में महिलाओं के नेतृत्व में संचालित जल संरक्षण संबंधी पहलों को विशेष महत्व दिया गया। जल संरक्षण, स्वच्छता और साफ-सफाई के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदानों को स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान के माध्यम से निरंतर मान्यता प्रदान की जा रही है।

जल शक्ति केन्‍द्र

जल शक्ति केन्‍द्र (जेएसके) जिला स्तर पर ज्ञान एवं सुविधा केन्‍द्रों के रूप में कार्य करते हैं। ये निम्नलिखित माध्यमों से समुदायों और स्थानीय प्रशासन को सहयोग प्रदान करते हैं:

  • जल संचयन की तकनीकों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना।
  • तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करना।
  • जल संरक्षण संबंधी योजनाओं के निर्माण एवं कार्यान्वयन में सहयोग देना।

वर्षा जल संचयन से ग्रामीण सुदृढ़ता की ओर वर्षा जल संचयन से ग्रामीण मजबूती की ओर

जल संरक्षण अब निरंतर जल प्रबंधन पर केन्‍द्रित एक समुदाय-संचालित जन आंदोलन के रूप में विकसित हो चुका है। ‘कैच द रेन’ और ‘जल संचय जन भागीदारी’ जैसी पहलें वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और जल निकायों के पुनरुद्धार को बढ़ावा दे रही हैं। वैज्ञानिक योजना, स्थानीय स्तर पर स्वामित्व और संसाधनों के अभिसरण से जल सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका और जलवायु अनुकूलन क्षमता सुदृढ़ हो रही है। सामुदायिक स्वामित्व को विभिन्न योजनाओं के अभिसरण, डिजिटल निगरानी और परिसंपत्तियों के निर्माण से जोड़कर जेएसजेबी : सीटीआर एक जल-सुरक्षित भारत की नींव रख रहे हैं।

 

संदर्भ

पीआईबी बैकग्राउंडर्स

https://www.pib.gov.in/FeaturesDeatils.aspx?NoteId=159260&ModuleId=2&reg=%203&lang=1

पीआईबी रिसर्च

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