विधि एवं न्‍याय मंत्रालय
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विधायी विभाग ने ‘विशेष अभियान 6’ के तहत सर्वोत्तम तौर-तरीकों को अपनाने को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया

प्रविष्टि तिथि: 28 OCT 2026 9:20PM by PIB Delhi

विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग ने विशेष अभियान 6 के तहत 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन-II के चौथी मंजिल पर विधायी विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि के मार्गदर्शन में बेहतर कार्य प्रणाली अपनाने को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रभावी प्रशासनिक तौर-तरीकों को अपनाने को बढ़ावा देना, संस्थागत कार्यक्षमता को सुदृढ़ करना तथा विभाग के कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और निरंतर सुधार की संस्कृति को विकसित करना था।

श्री जी. पानमेई, संयुक्त सचिव एवं विधायी परामर्शदाता (जेएसएंडएलसी) और नोडल अधिकारी ने विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ कार्यशाला में भाग लिया। कार्यशाला का आयोजन इंडिया एड्स एनजीओ के सहयोग से किया गया था। इसमें डॉ. देवेंद्र प्रसाद माझी, एम.फिल., पीएच.डी. (प्रबंधन) बतौर रिसोर्स पर्सन के रूप में शामिल हुए।

डॉ. माझी ने प्रशासन में बेहतर तौर-तरीकों पर एक ज्ञानवर्धक और आकर्षक व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि ये तौर-तरीके आधिकारिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, कार्य-प्रवाह प्रबंधन को बेहतर बनाने, अभिलेखों का व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित करने और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने में कितने महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने नियमित प्रशासनिक कार्यों में व्यावहारिक और परिणाम-उन्मुख दृष्टिकोण अपनाने, प्रक्रियागत देरी को कम करने, दस्तावेजीकरण बनाए रखने और अधिकारियों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। इस सत्र से इस बात की महत्वपूर्ण जानकारी मिली कि किस तरह सर्वोत्तम तौर-तरीकों को अपनाकर सरकारी कामकाज में कार्यकुशलता, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाया जा सकता है।

इस कार्यशाला ने प्रतिभागियों को मौजूदा प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर विचार करने और उन क्षेत्रों की पहचान करने का अवसर भी दिया, जहां सुधार किए जा सकते हैं। चर्चा के दौरान कार्यालय के अभिलेखों को व्यवस्थित रखने, आधिकारिक कार्यों का समय पर निपटान सुनिश्चित करने, दैनिक कामकाज में अनुशासन को बढ़ावा देने और प्रशासनिक समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने के महत्व पर जोर दिया गया। ये तौर-तरीके विशेष अभियान 6 के उद्देश्यों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक हैं, जिसका लक्ष्य स्वच्छता को संस्थागत बनाना, रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार करना, लंबित मामलों को कम करना और कुशल शासन को बढ़ावा देना है।

जेएसएंडएलसी और नोडल अधिकारी श्री जी. पानमेई ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कार्यकुशलता, जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नियमित प्रशासनिक कामकाज में सर्वोत्तम तौर-तरीकों को अपनाने करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया कि वे कार्यशाला में प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने-अपने कार्यक्षेत्र में करें और एक अधिक कुशल, उत्तरदायी तथा सुव्यवस्थित प्रशासनिक वातावरण बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने अपना बहुमूल्य ज्ञान और विचार साझा करने के लिए डॉ. देवेंद्र प्रसाद माझी और कार्यशाला आयोजित करने में सहयोग देने के लिए इंडिया एड्स एनजीओ का भी आभार व्यक्त किया।

यह कार्यशाला विशेष अभियान 6 के तहत एक महत्वपूर्ण पहल थी। इसके माध्यम से विधायी विभाग ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार लाने, सुशासन को बढ़ावा देने और कार्यस्थल की कार्यक्षमता तथा जनसेवा वितरण में निरंतर सुधार के लिए सर्वोत्तम तौर-तरीकों को संस्थागत रूप देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

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