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केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए) के नए शैक्षणिक भवन का उद्घाटन किया


श्री प्रल्हाद जोशी ने शैक्षिक योजना, अनुसंधान और एनईपी 2020 को लागू करने में एनआईईपीए की भूमिका का उल्लेख किया

प्रविष्टि तिथि: 29 OCT 2026 6:49PM by PIB Delhi

केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए) के नए शैक्षणिक भवन और मुख्य प्रवेश द्वार का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह नया भवन एनआईईपीए को अपने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों का विस्तार करने तथा अपनी शैक्षणिक और अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ाने में सहायता करेगा।

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शिक्षा मंत्री महोदय ने संस्थागत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के महत्व पर बल देते हुए कहा, “जैसा कि संस्कृत में कहा गया है—‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’—यानी अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए स्वस्थ शरीर का होना आवश्यक है। इसी तरह, महत्वपूर्ण कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा जरूरी है। आज समर्पित किया गया यह नय अभवन, एनआईईपीए की अपनी गतिविधियों को विस्तार देने की क्षमता को और मजबूत करेगा। साथ ही, इन प्रयासों में तेजी लाने की भी बढ़ती हुई आवश्यकता है।”

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श्री जोशी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के कार्यान्वयन की निगरानी करने, इसमें आने वाली चुनौतियों की पहचान करने और इन चुनौतियों को दूर करने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करने में एनआईईपीए की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने रटकर सीखने की पद्धति से हटकर अवधारणाओं को समझने की ओर बढ़ने के महत्व पर भी बल दिया, जैसा कि एनईपी 2020 में परिकल्पना की गई है। शिक्षा मंत्री ने 'पीएम विद्यालक्ष्मी योजना' जैसी पहलों का जिक्र किया, जिसके अंतर्गत उच्च शिक्षा के लिए 60,000 करोड़ रुपये के आसान ऋण उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने 'स्वयं' (एसडब्ल्यूवाईएएम) और 'दीक्षा' (डीआईकेएसएचए) जैसे डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 'स्वयं' ने देश भर के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा और शैक्षिक संसाधनों तक पहुंच बढ़ाई है। उन्होंने इस बात पर फिर बल दिया कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रासंगिक कौशल से सुसज्जित करना जरूरी है, ताकि वे राष्ट्रीय और वैश्विक आवश्यकताओं को पूरा कर सकें और भारत दुनिया के कल्याण में और अधिक योगदान दे सके।

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इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग की सचिव सुश्री दीप्ति गौर मुखर्जी, एनआईईपीए के कुलाधिपति प्रो. रामा शंकर दुबे और एनआईईपीए की कुलपति प्रो. शशिकला वंजारी भी उपस्थित थीं।

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पीके/केसी/आरटी/एमकेएस


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