प्रविष्टि तिथि:
01 NOV 2026 5:43PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 2 नवंबर को शाम लगभग 4:30 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो 2026’ का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर वे उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे।
यह चार-दिवसीय शिखर सम्मेलन 2 से 5 नवंबर 2026 के दौरान आयोजित किया जाएगा। इस शिखर सम्मेलन की थीम ‘निवेश करें, नवाचार करें, प्रेरित करें’ है।
भारत आरई 2026 में 130 से अधिक देशों के प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। इनमें 40 से अधिक मंत्री, नीति-निर्माता, निवेशक, वित्तीय संस्थान और उद्योग जगत के प्रमुख शामिल हैं। यह सम्मेलन स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश, उद्योग जगत की भागीदारी और तकनीकी साझेदारियों के एक वैश्विक मंच के रूप में काम करेगा। ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम इसमें भागीदार देश के तौर पर भाग लेंगे।
तेरह राज्य एवं केन्द्र-शासित प्रदेश - आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल - नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी संभावनाओं, निवेश के अवसरों और मैन्यूफैक्चरिंग संबंधी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे।
यह शिखर सम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) असेंबली के 9वें सत्र और हरित हाइड्रोजन पर चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (आईसीजीएच) के साथ आयोजित किया जाएगा। जहां ‘भारत आरई’ स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश, उद्योग और तकनीकी साझेदारियों पर ध्यान केन्द्रित करेगा, वहीं आईएसए असेंबली सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाएगी और इसमें वित्त एवं संस्थागत क्षमता जैसे पहलू शामिल होंगे। आईसीजीएच का मुख्य फोकस हरित हाइड्रोजन से जुड़ी तकनीकों, निवेश और विस्तार पर होगा। ये तीनों मंच मिलकर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करेंगे और स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने की प्रक्रिया में तेजी लाएंगे।
‘आरई-इन्वेस्ट' की विरासत को आगे बढ़ाते हुए, भारत का प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा निवेश शिखर सम्मेलन, 'भारत आरई 2026' स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर जुड़ने का एक व्यापक मंच प्रदान करेगा। इस शिखर सम्मेलन में पूर्ण सत्र, मंत्रिस्तरीय चर्चाएं, सीईओ राउंडटेबल, और विभिन्न देशों तथा राज्यों से जुड़े सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही, निवेश, साझेदारी और परियोजनाओं के विकास को बढ़ावा देने हेतु ‘बिजनेस-टू-बिजनेस’, ‘बिजनेस-टू-गवर्नमेंट’ और ‘गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट’ स्तर पर संवाद एवं बैठकें होंगी। इस एक्सपो में 400 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा लेंगे, जो सौर एवं पवन ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में अपनी उन्नत तकनीकों, भारतीय मैन्यूफैक्चरिंग क्षमताओं एवं स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े समाधानों का प्रदर्शन करेंगे।
****
पीके/केसी/आरटी/आर /डीए