विधि एवं न्‍याय मंत्रालय
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ई-कोर्ट मिशन मोड परियोजना के अंतर्गत एक पहल ‘ई-फाइलिंग 3.0: प्रक्रिया से व्यवहार तक’ विषय पर कार्यशाला


माननीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे

प्रविष्टि तिथि: 03 NOV 2026 8:38AM by PIB Delhi

भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय का न्याय विभाग, 4 नवंबर, 2026(बुधवार) को दोपहर 2:00 बजे से विज्ञान भवन, मौलाना आजाद रोड, नई दिल्ली के हॉल नंबर 5 में “ई-फाइलिंग 3.0: प्रक्रिया से व्यवहार तक” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन कर रहा है। यह कार्यशाला ई-कोर्ट मिशन मोड परियोजना के अंतर्गत एक पहल है। इसका उद्देश्य सरकारी अधिकारियों को ई-फाइलिंग 3.0 प्लेटफॉर्म से परिचित कराना है और तकनीक के माध्यम से न्याय की सुलभता को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।

इस कार्यक्रम में माननीय केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल उपस्थित रहेंगे। भारत के सर्वोच्च न्यायालय की ई-समिति के सदस्यों की भी इस अवसर पर उपस्थित रहने की संभावना है।

कार्यशाला में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र(एनआईसी) द्वारा निम्नलिखित विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे:

  • ई-कोर्ट का संचालन: ई-कोर्ट परियोजना के अंतर्गत उपलब्ध आवेदनों एवं सेवाओं का अवलोकन
  • ई-कोर्ट सिंगल साइन-ऑन(एसएसओ) तथा ई-कोर्ट सर्विसेज मोबाइल ऐप
  • ई-फाइलिंग 3.0: इसकी प्रमुख विशेषताएं एवं कार्यप्रणाली, जिसमें सरकारी अधिवक्ताओं और सरकारी विभागों के लिए उपलब्ध सुविधाएं शामिल हैं; तथा

· कार्यशाला में भाग लेने वाले अधिकारियों के साथ खुली चर्चा

ई-कोर्ट परियोजना के तीसरे चरण(फेज-III) का उद्देश्य न्यायालयों को शुरू से अंत तक डिजिटल एवं कागज-रहित बनाना तथा नागरिक-केंद्रित न्यायिक ई-सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके तहत अन्य प्रावधानों के साथ-साथ सभी न्यायालयों(कोर्ट) में ई-फाइलिंग को पूरी तरह अपनाने पर जोर दिया गया है। सरकारी मंत्रालयों एवं विभागों के साथ-साथ उनके संबद्ध और अधीनस्थ कार्यालयों, स्वायत्त एवं विनियामक निकायों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों(पीएसयू) की मुकदमेबाजी में बड़ी हिस्सेदारी है। इनके द्वारा ई-फाइलिंग को व्यापक रूप से अपनाने से कार्यक्षमता में सुधार होगा और न्यायालयों की भौतिक प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम होगी। इस कार्यशाला का उद्देश्य संबंधित अधिकारियों को इस काम के लिए जरूरी व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है।

यह आयोजन भारत सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसका लक्ष्य एक डिजिटल, कागज-रहित और नागरिक-केंद्रित न्याय वितरण प्रणाली बनाना तथा न्यायिक प्रक्रिया में तकनीक को संस्थागत रूप से अपनाना है।

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पीके/केसी/आरटी/पीकेपी


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